झारखंड में भर्ती परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन के बीच एक नाम अचानक सुर्खियों में आ गया है. यह नाम है अमरनाथ पांडेय का, जिसने विधानसभा मार्च के दौरान ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा पर स्याही फेंक दी. घटना के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू कर दी.
एक घटना के बाद चर्चा में आया चेहरा
शुक्रवार को जब विभिन्न छात्र संगठन विधानसभा की ओर मार्च कर रहे थे, तभी बिरसा चौक के पास यह घटना हुई. स्याही फेंकने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने अमरनाथ पांडेय को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया. इसके बाद से हर किसी के मन में यही सवाल है कि आखिर अमरनाथ पांडेय कौन है और उसने ऐसा क्यों किया.
मीडिया के सामने खुद बताई वजह
हिरासत में लिए जाने के बाद अमरनाथ पांडेय ने मीडिया से बातचीत में कहा कि वह नेहा बोरा के विचारों से सहमत नहीं है. उसने आरोप लगाया कि नेहा बोरा उमर खालिद का समर्थन करती हैं और इसी वजह से उसने विरोध जताने के लिए यह कदम उठाया. उसने नेहा बोरा को "राष्ट्रविरोधी" बताते हुए अपनी नाराजगी जाहिर की.
हालांकि पुलिस ने फिलहाल उसके आरोपों की पुष्टि नहीं की है. पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को देखा जा रहा है.
पुलिस की निगरानी में पूछताछ
हटिया पुलिस अनुमंडल के अधिकारियों के अनुसार अमरनाथ पांडेय को धुर्वा थाना लाया गया है, जहां उससे पूछताछ की जा रही है. अभी उसके खिलाफ कोई औपचारिक एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी क्योंकि पुलिस को अभी तक लिखित शिकायत नहीं मिली है.
राजनीतिक और छात्र संगठनों की प्रतिक्रियाएं
घटना के बाद छात्र संगठनों ने इसे शांतिपूर्ण आंदोलन को बाधित करने की कोशिश बताया. वहीं नेहा बोरा ने कहा कि ऐसी घटनाओं से वह डरने वाली नहीं हैं और छात्र आंदोलन जारी रहेगा. उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन की आवाज को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाई की गई.
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