झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र में एक बार फिर से दो कुख्यात गिरोहों के बीच तनाव बढ़ गया है. अंडरवर्ल्ड सर्किल्स में विख्यात अपराधी राहुल सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर कर गैंगस्टर प्रिंस खान को खुलेआम जान से मारने की धमकी दी. पोस्ट में लिखा है कि, "प्रिंस खान तैयार रहो- मेरे देश, मेरे काम और मेरे लोगों से उलझने का पूरा हिसाब तुम्हें चुकाना होगा. तुम दुनिया के किसी भी कोने में छिपोगे, वहीं तुम्हें ढूंढ कर मारेंगे. अपने परिवार की सुरक्षा पहले सुनिश्चित कर लो, वरना तुम्हारा पूरा हिसाब-किताब होगा."
दोनों गिरोहों के बीच वर्चस्व की ये लड़ाई लंबे समय से चली आ रही है. झारखंड के कई बड़े कारोबारी, रेल ठेकेदार और कोयला कारोबारियों से रंगदारी वसूलने और अनुचित दबाव बनाने के आरोप इन गिरोहों पर लगते रहे हैं. दोनों पक्षों ने कोयला, रेल सरकारी ठेके और स्थानीय व्यापारों पर काबिज रहने के लिए एक पूरा नेटवर्क तैयार कर रखा है.
कौन है राहुल सिंह, क्या है क्राइम कुंडली?
राहुल सिंह का नेटवर्क झारखंड, बिहार और आसपास के राज्यों में फैला हुआ है. राहुल पर रंगदारी, हत्या, हथियारों की तस्करी और कई गुना आपराधिक मामलों का आरोप है. राहुल सिंह अमन साहू गिरोह से जुड़ा रहा और अमन साहू के एनकाउंटर के बाद उसने खुद को गिरोह की कमान संभाल ली. उसके बाद झारखंड के कई जिलों में अपना प्रभाव फैलाया है. 2025–2026 के दौरान कई स्थानीय ऑपरेशन हुए जिनमें उसके सक्रिय साथियों को गिरफ्तार किया गया और हथियार बरामद किए गए हैं. लातेहार, रांची, पलामू और धनबाद क्षेत्रों में उसके गुर्गों के पकड़े गए और हथियार जब्त किए गए.

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कौन है प्रिंस खान? दुबई से पाकिस्तान तक फैला जाल
प्रिंस खान उर्फ हैदर अली झारखण्ड के धनबाद-वासेपुर का एक मोस्ट वांटेड गैंगस्टर माना जाता है, जिस पर हत्या, रंगदारी, फायरिंग, संगठित अपराध और हथियारों के नेटवर्क चलाने जैसे गंभीर आरोप हैं. धनबाद पुलिस के मुताबिक वह भारत से फरार होकर लंबे समय से पहले दुबई में था और बाद में पाकिस्तान के बहावलपुर में छिपा है उसने वहां नाम बदलकर “फैज खान” रखने का भी दावा किया गया है.
प्रिंस खान के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस
प्रिंस खान झारखंड के अंडरवर्ल्ड का एक बड़ा नाम माना जाता है, जिसका अपराध-नेटवर्क स्थानीय रंगदारी से लेकर अंतरराज्यीय और कथित विदेशी संपर्कों तक फैला हुआ है. प्रिंस खान के खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी कर रखी है. धनबाद और झारखंड पुलिस ने उसके गिरोह के कई सदस्यों को गिरफ्तार किया है और वासेपुर स्थित उसके आवास पर कुर्की-जब्ती जैसी कार्रवाई भी की गई है. पुलिस ने उसके नेटवर्क तोड़ने के लिए लगातार ऑपरेशन चला रहे हैं और उसकी गतिविधियों पर तकनीकी निगरानी रखी जा रही है.
पुलिस की कार्रवाई में कई बड़े खुलासे
धनबाद पुलिस और राज्य की खुफिया एजेंसियां फिलहाल इस वायरल धमकी पर नजर बनाए हुए हैं. धनबाद के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रभात कुमार ने कहा है कि रंगदारी, रेकी और सोशल मीडिया पर दी जा रही धमकियों के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही है. सुरक्षा बढ़ाने, स्थानीय गिरोह नेटवर्क को तोड़ने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं.
धनबाद SSP ने कहा कि प्रिंस खान के संगठन के कई सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. हाल ही में पुलिस ने प्रिंस खान के एक सहयोगी से दो पिस्टल और 33 कारतूस बरामद किए हैं. जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह हाई-टेक हथियारों की खरीद-फरोख्त में शामिल है. पुलिस ने बताया कि चार दिन पहले ही एक बड़े रेल ठेकेदार को 'निपटाने' की संभावित योजना को नकार दिया गया था और कई संवेदनशील सूचनाओं का तकनीकी अध्ययन किया जा रहा है.
धनबाद SSP प्रभात कुमार ने कहा, “हम एक्टिव हैं. व्यापारियों की सुरक्षा बढ़ाई जा रही है, संदिग्धों पर निगरानी तेज की गई है और कानून के मुताबिक कठोर कार्रवाई होगी. शांति भंग करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा."
राज्य खुफिया तंत्र और केंद्रीय एजेंसियां सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट की प्रामाणिकता और उसके पीछे के वास्तविक नेटवर्क का तकनीकी सत्यापन कर रही हैं. डिजिटल फोरेंसिक टीमों द्वारा पोस्ट के स्रोत, उस पर साझा की गई मीडिया, और संदिग्ध आईपी/लोकेशन ट्रैकिंग पर काम चल रहा है. बहरहाल राहुल सिंह के धमकी भरा डिजिटल मैसेज ने झारखण्ड पुलिस के कान खड़े कर दिए हैँ राहुल की धमकी और प्रिंस खान की चुप्पी कोई बड़ा खेल ना कर दे.
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