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This Article is From Oct 07, 2025

सबसे तेजी से बढ़ती इकॉनमी बना रहेगा भारत, वर्ल्‍ड बैंक ने लगाई मुहर 

विश्व बैंक ने हालांकि आगाह किया कि अमेरिका के भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का आने वाले वर्ष में देश पर प्रभाव पड़ेगा. 

सबसे तेजी से बढ़ती इकॉनमी बना रहेगा भारत, वर्ल्‍ड बैंक ने लगाई मुहर 
  • विश्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए भारत की जीडीपी वृद्धि दर को 6.3 प्रतिशत से बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया है.
  • भारत की आर्थिक वृद्धि उपभोग में मजबूती और बेहतर कृषि उत्पादन तथा ग्रामीण वेतन वृद्धि के कारण बनी रहेगी.
  • भारत से अमेरिका को होने वाले निर्यात पर 50 प्रतिशत शुल्क के कारण अगले वित्त वर्ष में आर्थिक प्रभाव पड़ेगा.
नई दिल्‍ली:

विश्व बैंक ने मंगलवार को चालू वित्त वर्ष के लिए भारत के वृद्धि अनुमान को बढ़ाकर 6.5 प्रतिशत कर दिया. पूर्व में इसके 6.3 प्रतिशत प्रतिशत रहने की संभावना जतायी गई थी. साथ ही यह अनुमान भी जताया कि उपभोग वृद्धि में लगातार मजबूती के बल पर भारत सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहेगा. विश्व बैंक ने हालांकि आगाह किया कि अमेरिका के भारतीय निर्यात पर लगाए गए 50 प्रतिशत शुल्क का आने वाले वर्ष में देश पर प्रभाव पड़ेगा. 

क्‍यों बरकरार रहेगी वृद्धि 

इसने 2026-27 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6.3 प्रतिशत कर दिया. विश्व बैंक के दक्षिण एशिया विकास सूचना (अक्टूबर 2025) में कहा गया, 'उपभोग वृद्धि में लगातार मजबूती के बल पर भारत के दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बने रहने की उम्मीद है.' इसके मुताबिक घरेलू परिस्थितियां, विशेष रूप से कृषि उत्पादन और ग्रामीण वेतन वृद्धि, अपेक्षा से बेहतर रही हैं. माल एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों से आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. 

अगले साल पड़ेगा टैरिफ का असर 

रिपोर्ट में कहा गया, 'वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पूर्वानुमान घटा दिया गया है. भारत से अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले लगभग तीन-चौथाई माल पर 50 प्रतिशत शुल्क लगाने के चलते ऐसा किया गया.' रिपोर्ट में आगे कहा गया कि दक्षिण एशिया में वृद्धि दर 2024-25 के 6.6 प्रतिशत से घटकर 2025-26 में 5.8 प्रतिशत रह सकती है. इस मंदी के बावजूद, वृद्धि दर अन्य उभरते बाजारों और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं (ईएमडीई) की तुलना में अधिक मजबूत बनी रहेगी. 

इस नरमी के बावजूद, वृद्धि दर अन्य उभरते बाजार और विकासशील अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों की तुलना में अधिक मजबूत रहेगी. रिपोर्ट के अनुसार, मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के लक्ष्यों के भीतर या उसके अनुरूप बनी रहने की उम्मीद है. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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रिचा बाजपेयी
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