पूर्वी एयर मार्शल और श्री राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा का एक फेक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी वायरल किया जा रहा है. वायरल वीडियो में एक शख्स नशे की हालत में पार्टी करता हुआ दिखाई दे रहा है. सबसे पहले यह वीडियो 3 सितंबर को पाकिस्तान के एक फेसबुक पेज से शेयर किया गया था. इसके बाद 6 सितंबर को कांग्रेस मीडिया कोऑर्डिनेटर रश्मि ने इस वीडियो को डाउनलोड करके एक्स पर डाल दिया. फिर कॉकरोच जनता पार्टी समर्थक एक अन्य हैंडल ने भी इस वीडियो को सर्कुलेट किया.
मामला तब और चर्चा में आ गया, जब सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी यह वीडियो शेयर कर दिया. वीडियो शेयर करते हुए उन्होंने लिखा कि कोई अपनी निजी जिंदगी में क्या कर रहा है, इसमें कुछ भी गलत नहीं है, लेकिन सोचने की जरूरत है कि अगर यह शख्स राम मंदिर ट्रस्ट का CEO नहीं होता, तो धर्म के ठेकेदार आखिर किस प्रकार की प्रतिक्रिया देते. इसी वजह से हम कहते हैं कि किसी को भी धर्म का इस्तेमाल कर लोगों को बेवकूफ बनाने की आजादी नहीं दी जानी चाहिए.
इसके बाद इसी वीडियो को नेशनल दस्तक ने भी शेयर कर दिया. यानी, एक ऐसा वीडियो जिसे सबसे पहले एक पाकिस्तानी हैंडल ने शेयर किया, उसे कांग्रेस से जुड़े एक अकाउंट ने उठाया और फिर सीजेपी समर्थक हैंडल्स के जरिए भी वायरल कर दिया गया.
इस वीडियो के बाद जब अभिजीत दीपक सवालों के घेरे में आए तो उन्होंने सफाई दी. उन्होंने कहा कि अब उन्हें पता चल रहा है कि वीडियो में दिखाई देने वाला शख्स जितेंद्र मिश्रा नहीं है. हालांकि, उन्होंने अपनी बात दोहराते हुए कहा कि किसी व्यक्ति की निजी जिंदगी उसका निजी मामला है. उन्होंने यह भी कहा कि वह सिर्फ एक प्रकार की हिपोक्रेसी को उजागर करना चाहते थे.
जानकारी के लिए बता दें कि राम मंदिर चंदा चोरी मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के निवासी 62 वर्षीय रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर के कामकाज की जिम्मेदारी सौंपी है.
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