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नजरें वैभव सूर्यवंशी पर थीं, महफिल लूट ले गया यह 21 साल का छोरा,जानें कौन हैं शिखर मोहन, घरेलू क्रिकेट के कारनामे

पेशा कोई भी, पूत के पांव पालने में दिख जाते हैं! और इस बात को बखूबी साबित किया है दलीप ट्रॉफी में रांची के शिखर मोहन ने. एक नहीं, कई पहलुओं से.

नजरें वैभव सूर्यवंशी पर थीं, महफिल लूट ले गया यह 21 साल का छोरा,जानें कौन हैं शिखर मोहन,  घरेलू क्रिकेट के कारनामे
Duleep trophy: शिखर मोहन ने बता दिया कि वह लंबी रेस के घोड़े हैं
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अब जबकि इस साल सीनियर टीम के न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारत' 'A' टीम भी कीवी दौरे पर करीब 3 चारदिनी मैच खेलेगी, तो ऐसे में युवा क्रिकेटर सेलेक्टरों को प्रभावित करने का कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते. और ऐसा दलीप ट्रॉफी में देखने को मिल रहा है. मुकाबले के पहले दिन रविवार को बड़ी संख्या में प्रशंसक चेन्नई के चिदंबरम स्टेडियम वैभव सूर्यवंशी का जलवा देखने को जमा हुए थे. और सूर्यवंशी ने जलवा दिखाया भी, लेकिन यह परवान नहीं चढ़ सका. वैभव तो फाइनल में पहली पारी में बड़ी पारी खेलने से चूक गए, लेकिन एक और झारखंडी 21 साल के शिखर मोहन महफिल लूट गए. अपने टेम्प्रामेंट से, तकनीक से और 85 रन की ऐसी पारी से, जिसकी गूंज अकरकर एंड कंपनी तक पहुंचगी ही पहुंचेगी. और इस पारी के पीछे एक और बड़ा मैसेज छिपा है. 

शिखर मोहन का बड़ा मैसेज

लेफ्टी शिखर धवन पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से गए, लेकिन अब शिखर मोहन आ गए. और

तकनीक के मामले में शिखर मोहन अभी से ही पूर्व सीनियर इंडिया स्टार बल्लेबाज से काफी आगे दिखाई पड़ते हैं! सीधे बल्ले से खेलते हैं. तकनीक में कसावट है, लेकिन 120 गेंदों पर 3 छक्कों और 9 चौकों से शिखर मोहन ने बनाए बेहतरीन 85 रनों से मैसेज भेजा किया कि  बड़े मंच (पहला दलीप ट्रॉफी) पर वह हवाई शॉट खेलने से बिल्कुल नहीं चूकेंगे

. और 70.83 का स्ट्राइक रेट यह भी बताने के लिए काफी है कि वह तेज गति से रन बनाना भी जानते हैं. वो कहते हैं कि कोई बल्लेबाज एक पारी से बहुत कुछ समझा जाता है. और शिखर मोहन एक ऐसे ही बल्लेबाज हैं. और बहुत ही छोटे से करियर में इन्होंने बड़ी लकीर खींच दी है. 

सुमित के टेम्प्रामेंट में दम है!

उम्र सिर्फ 21 साल हो, तो कोई भी बल्लेबाज अपने पहले ही दलीप ट्रॉफी मैच में नर्वस हो सकता है, लेकिन क्या भुनाया है शिखर मोहन ने. वास्तव में जब दलीप ट्रॉफी के लिए  पूर्व क्षेत्र टीम का ऐलान हुआ था, तो शिखर मोहन रिजर्व ओपनर थे. मेगा टूर्नामेंट के शुरुआती दोनों मैचों में उन्हें XI में जगह नहीं मिली, लेकिन जब मौका मिला, तो शिखर मोहन ने दिखाया दिया कि वह बड़े मंच पर पहले मौके पर 'लड़खड़ाने' वाले बल्लेबाज. अभी तक यह सिर्फ ट्रेलर है, पूरी की पूरी फिल्म अभी बाकी है! न ही दक्षिण के अनुभवी और इंडिया पेसर मोहम्मद सिराज ही उन्हें डिगा सके और न ही कोई और. 

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"पायदान दर पायदान, प्रदर्शन दमदार"

वास्तव में शिखर मोहन ने अपना चयन करने पर क्षेत्र के प्रबंधन को मजबूर किया. मोहन "पायदान दर पायदान" बेहतर करते हुए आगे बढ़े हैं. पहले  रांची में जन्मे इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने अंडर-23 स्तर पर दो शानदार सत्रों के बाद सीनियर क्रिकेट में अपनी जगह बनाई.उन्होंने 2023-24 सीके नायुडू ट्रॉफी में 77.88 की औसत से नौ पारियों में 623 रन बनाए, तो उसके अगले सत्र में 73.92 की औसत से 13 पारियों में 887 रन बटोरे. उनके इस प्रदर्शन के बदौलत उन्हें मार्च 2025 में सीके नायडू ट्रॉफी चैंपियन पंजाब के खिलाफ शेष भारत की टीम में चयन हुआ, तो इसके बाद कुछ ऐसा ही असर मोहन ने रणजी ट्ऱॉफी में भी छोड़ा

दमदार रणजी आगाज के साथ शानदार 'मैसेज'

इसके बाद रणजी ट्रॉफी क्रिकेट में उनका परिवर्तन भी उतना ही प्रभावशाली रहा. झारखंड के लिए अपने पदार्पण (डेब्यू) सत्र 2025-26 में मोहन ने 55.73 की औसत से 12 पारियों में 613 रन बनाए. इसमें दो शतक, तीन अर्धशतक और 207 रन का सर्वोच्च स्कोर शामिल था. इसके बाद उन्होंने दिखाया कि उनका रन बनाना सिर्फ लाल गेंद के खेल तक सीमित नहीं था. शिखर मोहन ने  विजय हजारे ट्रॉफी अभियान को सात पारियों में 55.86 की औसत से 391 रन  बनाकर इस मैसेज के साथ खत्म किया कि उनके बल्ले में व्हाइट-बॉल का भी दम है. और अब आईपीएल की मिनी ऑक्शन उनका इंतजार कर रही है. उम्मीद है कि फ्रेंचाइजी मैनजेर भी हरकत में आ गए हों, को अगरकर भी दक्षिण क्षेत्र के सेलेक्टर से यह जरूर पूछ रहे होंगे- "यह शिखर मोहन कौन है?" कम से कम दलीप ट्रॉफी में करियर की पहली पारी के बाद यह सवाल तो एकदम बनता है. 

F & Q: Frequently Asked Questions

प्र-1: दलीप ट्रॉफी फाइनल में वैभव सूर्यवंशी के स्थान पर किस युवा बल्लेबाज ने महफिल लूटी?

उ: पूर्व क्षेत्र (East Zone) के 21 वर्षीय बाएं हाथ के युवा बल्लेबाज शिखर मोहन ने संकट के समय 120 गेंदों पर 85 रनों (9 चौके, 3 छक्के) की शानदार और धैर्यपूर्ण पारी खेलकर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.

प्र-2: शिखर मोहन ने अपने पदार्पण रणजी ट्रॉफी सीजन (2025-26) में कैसा प्रदर्शन किया था?

उ: झारखंड के लिए खेलते हुए शिखर मोहन ने अपने डेब्यू रणजी सत्र में 55.73 की बेहतरीन औसत से 12 पारियों में 613 रन बनाए थे, जिसमें 2 शतक (उच्चतम स्कोर 207 रन) और 3 अर्धशतक शामिल थे.

प्र-3: शिखर मोहन का लाल गेंद (Red Ball) के अलावा व्हाइट-बॉल क्रिकेट में कैसा रिकॉर्ड रहा है?

उ: उन्होंने विजय हजारे ट्रॉफी में 7 पारियों में 55.86 की औसत से 391 रन बनाकर यह साबित किया कि वह सीमित ओवरों के खेल में भी तेज गति से रन बना सकते हैं.

प्र-4: सीके नायडू ट्रॉफी में शिखर मोहन का प्रदर्शन कैसा रहा था, जिससे उन्हें 'शेष भारत' (Rest of India) टीम में जगह मिली?

उ: उन्होंने 2023-24 सीके नायडू ट्रॉफी की 9 पारियों में 77.88 की औसत से 623 रन और अगले सत्र की 13 पारियों में 73.92 की औसत से 887 रन बनाए, जिसके दम पर उनका चयन शेष भारत टीम में हुआ.

प्र-5: भारत 'A' के आगामी न्यूजीलैंड दौरे और आईपीएल के लिहाज से शिखर मोहन की इस पारी का क्या महत्व है?

उ: मोहम्मद सिराज जैसे अंतरराष्ट्रीय गेंदबाज के सामने दलीप ट्रॉफी के बड़े मंच पर 85 रनों की प्रभावशाली पारी से उन्होंने चीफ सेलेक्टर अजीत अगरकर और आईपीएल फ्रेंचाइजियों का ध्यान अपनी ओर मजबूती से आकर्षित किया है.

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