- पश्चिम बंगाल के खाद्य मंत्री अशोक कीर्तनिया ने राशन सूची से गेहूं के आटे को हटाने का आदेश दिया है.
- मंत्री ने पीडीएस में सबसे ज्यादा भ्रष्टाचार आटे की सप्लाई में होने की बात कही है.
- उन्होंने कहा कि एक सप्ताह में सरकार की कार्ययोजना स्पष्ट हो जाएगी और घोटाले बर्दाश्त नहीं होंगे.
पश्चिम बंगाल के नवनियुक्त खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री अशोक कीर्तनिया ने मंगलवार को राज्य में राशन सामग्री की सूची से गेहूं के आटे (होल व्हीट फ्लोर) को हटाने का आदेश दिया. उन्होंने दावा किया कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में सबसे ज्यादा घोटाले और भ्रष्टाचार आटे की सप्लाई में हो रहे हैं. आईएएनएस से बातचीत में मंत्री किर्तानिया ने कहा कि जनता नई सरकार को काम करने के लिए एक सप्ताह का समय दे, जिसके बाद सरकार की कार्ययोजना स्पष्ट हो जाएगी.
उन्होंने कहा, “पार्टी (भाजपा) ने हमें बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है. पार्टी का मानना है कि बंगाल में सबसे बड़े घोटाले खाद्य और शिक्षा विभाग में हुए हैं.” किर्तानिया ने कहा कि उन्हें खाद्य विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है और वे पार्टी के भरोसे को बनाए रखने के लिए पूरी कोशिश करेंगे. उन्होंने कहा, “अब बहुत हो चुका. आगे कोई घोटाला नहीं होने दिया जाएगा.”
उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी तरह के भ्रष्टाचार या घोटाले में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. मंत्री ने कहा, “चाहे कोई अधिकारी हो या मिल मालिक, अगर कोई गलत काम में शामिल पाया गया तो उसे माफ नहीं किया जाएगा.”
खाद्य मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में खाद्य विभाग का सबसे बड़ा घोटाला आटे को लेकर हो रहा है. उन्होंने बताया कि उन्होंने संबंधित अधिकारियों को राशन सूची से गेहूं का आटा हटाने के निर्देश दे दिए हैं. हालांकि, अधिकारियों ने उन्हें बताया कि ऐसा करने से सरकार को नुकसान उठाना पड़ सकता है, क्योंकि बड़ी मात्रा में आटा पहले से स्टॉक में मौजूद है.
इस पर मंत्री ने स्पष्ट किया कि “जितना आटा पहले से गेहूं पिसवाकर तैयार किया जा चुका है, केवल उसी का वितरण किया जाएगा. उसके बाद पश्चिम बंगाल के राशन में आटा शामिल नहीं रहेगा.”
इधर, राज्य के एक अन्य नवनियुक्त मंत्री दिलीप घोष ने मंगलवार को आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के अधिकांश नेता भ्रष्टाचार में शामिल हैं. यह बयान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूर्व मंत्री सुजीत बोस की नगरपालिका भर्ती भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया है. गौरतलब है कि पिछले सप्ताह भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपा मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी. उनके साथ पांच अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली थी.
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