- पश्चिम बंगाल में टीएमसी पार्षद कंचन मुखर्जी के पार्टी दफ्तर को अवैध निर्माण होने के कारण गिरा दिया गया
- पिछले एक हफ्ते में आधे दर्जन से अधिक कार्यालयों को एसएआईएल की जमीन पर अवैध कब्जे के कारण ध्वस्त किया गया है
- बुलडोजर अभियान पुलिस और नागरिक प्रशासन के सहयोग से चलाया जा रहा है, जिससे अवैध अतिक्रमण हट रहा है
उत्तर प्रदेश की तरह पश्चिम बंगाल में भी अवैध जमीन पर बुलडोजर एक्शन चल रहा है. टीएमसी पार्षद के पार्टी कार्यालय को बुलडोजर से गिराया गया है. दरअसल यह दफ्तर एसएआईएल की जमीन पर बना था. बर्नपुर के न्यूटाउन इलाके में टीएमसी पार्षद कंचन मुखर्जी के पार्टी दफ्तर को SAIL-ISP अधिकारियों ने ध्वस्त कर दिया. बता दें कि पिछले एक हफ्ते में आधे दर्जन से अधिक टीएमसी दफ्तरों को गिराया जा चुका है.
टीएमसी पार्षद का पार्टी दफ्तर गिराया गया
आसनसोल में एसएआईएल की जमीन पर कथित अवैध निर्माणों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन चल रहा है. एसएआईएल-आईएसपी अधिकारियों ने वार्ड संख्या 75 के अंतर्गत बर्नपुर के न्यूटाउन इलाके में टीएमसी पार्षद कंचन मुखर्जी के पार्टी दफ्तर को गिरा दिया. अधिकारियों के मुताबिक, पार्टी दफ्तर का एसएआईएल की जमीन पर अवैध रूप से बनाया गया था. अधिकारियों ने दावा किया कि इसे हटाने के लिए कई नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद, पुलिस और नागरिक प्रशासन अधिकारियों की मौजूदगी में विध्वंस अभियान चलाया गया.
बता दें कि कि अकेले बर्नपुर इलाके में पिछले एक हफ्ते में आधे दर्जन से ज्यादा टीएमसी पार्टी दफ्तर ध्वस्त किए जा चुके हैं. ये सभी दफ्तर कथित तौर पर एसएआईएल की जमीन पर बनाए गए थे.
पश्चिम बंगाल के आसनसोल में बुलडोजर एक्शन जारी: SAIL की जमीन पर बने TMC पार्षद के पार्टी कार्यालय को तोड़ा गया#WestBengal pic.twitter.com/FaUyTv9cVG
— NDTV India (@ndtvindia) May 25, 2026
अवैध अतिक्रमण हटाया गया
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, SAIL अधिकारियों को इस तरह के अतिक्रमण हटाने के अभियानों के लिए प्रशासनिक मदद के लिए कथित तौर पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था. हालांकि, पुलिस और नागरिक प्रशासन के सहयोग से अब बर्नपुर और आसनसोल के अलग-अलग हिस्सों में अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाए जा रहे हैं.
दफ्तर गिराए जाने पर पार्षद कंचन मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने स्थानीय लोगों की सेवा करने के मकसद से दफ्तर बनवाया था. उन्होंने आरोप लगाया कि अधिकारियों ने उन्हें दफ्तर खाली करने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया. उनको सोमवार शाम को सूचित किया कि दफ्तर खाली करना होगा. सामान हटाने के लिए कुछ दिनों का समय मांगने के बावजूद, बुलडोजर अगली ही सुबह आ गए. कंचन मुखर्जी ने कहा कि विकास के लिए जो भी काम करेगा, हम उसके साथ खड़े रहेंगे और उसका समर्थन करेंगे. इस बीच, बीजेपी नेताओं ने दावा किया कि अब कानून का पालन हो रहा है. सरकारी या संस्थागत जमीन पर सभी अवैध अतिक्रमण हटाए जाएंगे.
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