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बंगाल में कैसे हुई BJP की इतनी बड़ी जीत? इलेक्शन इंचार्ज धर्मेंद्र प्रधान ने समझाया, NDTV Exclusive VIDEO

बंगाल के चुनावी नतीजों पर केंद्रीय मंत्री और इलेक्शन इंचार्ज धर्मेंद्र प्रधान ने कहा बंगाल में अत्याचार, अहंकार आसमान छू चुकी थी. भ्रष्टाचार चरम पर था. आज का रिजल्ट इसी का नतीजा है. पिछले 50 साल में पहले 35 साल लेफ्ट ने, फिर 15 साल टीएमसी ने बंगाल की डेमोक्रेसी को बंधक में रखा था.

बंगाल में कैसे हुई BJP की इतनी बड़ी जीत? इलेक्शन इंचार्ज धर्मेंद्र प्रधान ने समझाया, NDTV Exclusive VIDEO
बंगाल चुनाव के नतीजों पर NDTV से खास बातचीत में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान.
  • बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी को पीछे छोड़ते हुए लगभग 190 सीटों पर बढ़त बनाई है.
  • धर्मेंद्र प्रधान ने BJP की जीत को बंगाल की जनता के TMC के कुशासन और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनादेश बताया है.
  • बंगाल की सभी जाति और समुदायों ने बीजेपी को वोट दिया है, जिससे राज्य में व्यापक जनसमर्थन का संकेत मिलता है.
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West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने शानदार जीत हासिल करती नजर आ रही है. खबर लिखे जाने तक दोपहर करीब एक बजे तक बीजेपी बंगाल में 190 सीटों पर आगे चल रही थी, जबकि टीएमसी 99 सीटे पर आगे दिख रही है. बंगाल में BJP की यह जीत राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से बहुत बड़ी बात मानी जा रही है. बीते 12 साल से केंद्र में मोदी सरकार होने और कई नए राज्यों में सरकार बनाने के बाद भी एक मात्र बंगाल ही वो राज्य था, जहां BJP अभी तक जीत नहीं सकी थी. बंगाल में बीजेपी की इस ऐतिहासिक जीत पर केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NDTV से खास बातचीत की. इस बातचीत के दौरान उन्होंने न केवल बीजेपी की जीत के कारण बताए, बल्कि बंगाल में बनने वाली बीजेपी सरकार की प्राथमिकताएं भी गिनाईं.  

बातचीत में धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "बंगाल के लोगों की 100 साल की आकांक्षा की पूर्ति हो रही है. मैं सबसे पहले बंगाल की जनता को नतमस्तक होकर आभार प्रकट करता है. बंगाल की जनता ने PM मोदी की बातों पर भरोसा किया. यह भारत की जीत है." 

यह TMC के कुशासन के खिलाफ जनादेश

जीत के कारणों पर बात करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, "बंगाल की जनता ने TMC के कुशासन के खिलाफ मत दिया है. घुसपैठियों के प्रति जो उनका विशेष प्रेम था, उसके ऊपर वोट दिया है. वहां के छात्रों, नौजवान के पास जॉब नहीं था, इसके लिए उन्होंने वोट दिया है. विशेष कर बंगाल की महिलाओं के ऊपर अत्याचार की अनगिनत कथाएं आईं , चाहे वो संदेशखाली हो या आरजी कर हो, उसे टीएमसी के नेताओं ने जिस तरह से हैंडल किया था, उसके खिलाफ बंगाल के लोगों ने वोट दिया है." 

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे कहा कि मैं शिक्षा विभाग से जुड़ा हूं. बंगाल में शिक्षकों के नौकरी की बिक्री हुई है. मंत्रियों के घर में नोटों के पहाड़ मिले. इन सब कुशासन के खिलाफ बंगाल के लोगों ने वोट दिया है. अब बंगाल बहुत बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है. धमेंद्र प्रधान ने कहा कि यह जीत बंगाल की जीत है, यह भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता की है. पीएम मोदी की नीतियों पर लोगों का जो भरोसा था यह उसकी जीत है. 

रावण की लंका नहीं बची थी, ये लोग खुद को भगवान मान बैठे थे: धर्मेंद्र प्रधान

ममता बनर्जी को क्या मैसेज देंगे, NDTV के इस सवाल पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा- अंहकार की पराजय हुई, कुशासन की पराजय हुई, महिलाओं, ग्रामीणों और किसानों के शाप उनको लग गई. रावण की भी लंका नहीं रही थी, ये तो सामान्य मनुष्य थे, ये खुद को भगवान मान बैठे थे, महान मान बैठे थे. बंगाल के लोगों ने चुन-चुन कर उनके खिलाफ वोट दिया है. मैं चुनाव आयोग को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उन्होंने निष्पक्ष तरीके से चुनाव करवाया. 

'TMC के कुशासन, भय और भ्रष्टाचार की राजनीति के खिलाफ जनादेश'

बंगाल चुनाव के प्रमुख रणनीतिकार धर्मेंद्र प्रधान ने NDTV से साफ कहा कि यह नतीजा किसी एक वर्ग या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि टीएमसी के कुशासन, भय और भ्रष्टाचार की राजनीति के खिलाफ जनादेश है. यह मातृशक्तियों की जीत है. यह विजय मातृशक्तियों की जीत है.  संदेशखाली, आरजीकर, दुर्गापुर की घटनाओं के समय टीएमसी का रवैया बेहद अहंकार से भरा था. जिसके खिलाफ लोगों ने वोट दिया. 

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हर इलाके ने निर्णायक जनादेश दियाः धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल के सभी समुदाय के लोगों ने बीजेपी को वोट दिया है. दार्जिलिंग की चोटी से लेकर गंगासागर तक, मालदा-मुर्शिदाबाद तक सभी जगह लोगों ने बीजेपी को वोट दिया है. केंद्रीय मंत्री ने कहा कि टीएमसी लंबे समय तक भय दिखाकर, चुनावों में निष्पक्षता खत्म कर और घुसपैठियों को संरक्षण देकर सत्ता में बनी रही. उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारें डर और रिगिंग के सहारे जीतती रहीं, लेकिन इस बार चुनाव आयोग द्वारा कराए गए निष्पक्ष चुनाव ने जनता की हकीकत सामने ला दी. “यह जीत बीजेपी की नहीं, बल्कि बंगाल की जनता की आकांक्षाओं की जीत है. मालदा, मुर्शिदाबाद तक, दार्जिलिंग की पहाड़ियों से लेकर गंगासागर तक, हर इलाके ने निर्णायक जनादेश दिया है.” 

मुस्लिम‑बहुल इलाकों में बीजेपी कैसे आगे निकली, तो धर्मेंद्र प्रधान ने इसे वोट‑स्प्लिट या रणनीतिक बंटवारे का नतीजा मानने से इनकार किया. उनका कहना था कि मुस्लिम मतदाताओं ने भी इस बार भय, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के खिलाफ वोट किया.

50 साल से बंधक में थी बंगाल की डेमोक्रेसीः धर्मेंद्र प्रधान

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि बंगाल में अत्याचार, अहंकार आसमान छू चुकी थी. भ्रष्टाचार चरम पर था. आज का रिजल्ट इसी का नतीजा है. पिछले 50 साल में पहले 35 साल लेफ्ट ने, फिर 15 साल टीएमसी ने बंगाल की डेमोक्रेसी को बंधक में रखा था. दरिद्रता चरम पर होने के बाद विकास नहीं करना. यह केवल 2026 का चुनाव नहीं है. यह पिछले 50 साल से बंगाल के लोग जो अत्याचार झेल रहे थे, उसके खिलाफ लोगों ने मतदान किया है. बंग-भंग आंदोलन क्यों हुआ था, ऐतिहासिक, सामाजिक रूप से परेशान लोगों ने बीजेपी को वोट दिया है. 

बीजेपी सरकार की क्या होंगी प्राथमिकताएं

बीजेपी सरकार की प्राथमिकताओं पर उन्होंने कहा कि हमने अपने घोषणा पत्र में इस बात का वादा किया है. बंगाल में विकास की बयार बहेगी. हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी- युवाओं को रोजगार, महिलाओं की सुरक्षा, राज्य का विकास होगा. 

हिंदू वोटरों के धुव्रीकरण और मुस्लिम वोटरों के डर की चर्चा पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि अभी हम कई राज्यों में सरकार चला रहे हैं. कही भी मुस्लिमों पर खतरे की कोई बात नहीं है. टीएमसी ने घुसपैठियों को अवैध तरीके से पनाह दी. बीजेपी और पीएम मोदी की नीति साफ है कि सबका साथ, सबका विकास, हम उसी नीति से आगे बढ़ रहे हैं. हम इसी नीति से आगे बढ़ेंगे. 

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