- टेनेसी राज्य में महिला क्रिस्टा पाइक को मौत की सजा देने की कोशिश जहर के दो इंजेक्शन से नाकाम रही
- गवर्नर बिल ली ने राज्य में सभी तरह की मौत की सजा पर रोक लगा दी और स्वतंत्र जांच का आदेश दिया
- पाइक ने 1995 में 19 वर्षीय क्लासमेट को बेरहमी से मारने का अपराध स्वीकार किया था और मानसिक बीमारी भी पाई गई
अमेरिका में एक अजीब घटना हुई है. यहां के एक राज्य में महिला को सजा के तौर पर जहर के दो इंजेक्शन दिए गए. मगर, वो मरी नहीं. वो खर्राटे लेती रही. टेनेसी के गवर्नर ने गुरुवार को कहा कि यह बहुत परेशान करने वाली बात है कि उनके राज्य में मौत की सजा पाए एक कैदी को मारने की कोशिश नाकाम रही. कैदी को जानलेवा दवा की दो डोज दी गई थी, जिससे उसे तुरंत मर जाना चाहिए था, लेकिन वह 40 मिनट बाद भी जिंदा थी और खर्राटे ले रही थी.
गवर्नर बिल ली ने राज्य में साल के आखिर तक सभी तरह की फांसी या मौत की सजा पर रोक लगा दी है. उन्होंने नैशविल के एग्जीक्यूशन चैंबर में बुधवार रात क्रिस्टा पाइक को मौत की सजा देने की नाकाम कोशिश के बाद मामले की स्वतंत्र जांच के आदेश भी दिए हैं. पाइक को हत्या का दोषी ठहराया गया था. गुरुवार सुबह पत्रकारों से बात करते हुए ली ने कहा कि पेंटोबार्बिटल की दो डोज लेने के बाद भी जिंदा बची पाइक को एक अलग मेडिकल सेंटर ले जाया गया था.
सजा पाने वाली 200 साल में पहली महिला
एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, 'डेथ पेनल्टी इंफॉर्मेशन सेंटर' की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर रॉबिन माहेर ने फांसी देने की इस नाकाम कोशिश को “अनोखी और बेमिसाल” घटना बताया. उन्होंने कहा कि उनका ग्रुप ऐसे सात और लोगों के बारे में जानता है, जो फांसी के दौरान जानलेवा इंजेक्शन देने के लिए नस न ढूंढ पाने की वजह से बच गए थे, लेकिन दवाएं देने के बाद कोई भी जीवित नहीं बचा था. मई में, टेनेसी के अधिकारियों ने एक और दोषी हत्यारे टोनी कैरुथर्स को जानलेवा इंजेक्शन देने की प्रक्रिया रोक दी थी, क्योंकि वे एक घंटे से ज्यादा समय तक उसकी बांह में नस (इंट्रावेनस लाइन) नहीं ढूंढ पाए थे.50 साल की पाइक, जिसे 1994 में अपनी ही उम्र की एक लड़की (क्लासमेट) की बेरहमी से हत्या करने के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी, 200 से ज्यादा सालों में टेनेसी में फांसी पाने वाली पहली महिला बनने वाली थी.
क्या किया था पाइक ने
पाइक और उसके बॉयफ्रेंड टैडारिल शिप की उम्र क्रमशः 18 और 17 साल थी, जब उन्होंने एक और महिला दोस्त के साथ मिलकर जनवरी 1995 में नॉक्सविले जॉब कॉर्प्स में अपनी क्लासमेट 19 साल की कोलीन स्लेमर को बॉक्स-कटर और पत्थर से बुरी तरह प्रताड़ित किया और मार डाला. इस मामले ने पूरे देश का ध्यान खींचा, क्योंकि इसमें शामिल लोगों की उम्र कम थी और हत्या बहुत बेरहमी से की गई थी. शिप ने पीड़िता की छाती पर पेंटाग्राम (एक तरह का तारा) उकेरा था और बाद में पाइक ने एक दोस्त को उसकी खोपड़ी का एक टुकड़ा दिखाया था. पाइक ने कभी हत्या करने से इनकार नहीं किया, और बाद में उसे मानसिक बीमारी होने का पता चला.
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