- तमिलनाडु के विल्लुपुरम के युवक ए. संतोष ने अपनी पूर्व प्रेमिका की जानकारी के लिए 97 आरटीआई अर्जियां दाखिल कीं
- संतोष ने कुल 1887 सवाल पूछे, जिनमें निजी जीवन और रिश्तों से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां मांगी गईं
- पुलिस ने बताया कि ऐसी निजी जानकारी सरकारी रिकॉर्ड में नहीं होती और इसे तीसरे व्यक्ति को नहीं दी जा सकती
एक लड़का एक लड़की के साथ के साथ रिलेशन में था, लेकिन अचानक उसका ब्रेकअप हुआ तो उसने अपनी एक्स गर्लफ्रेंड की पल-पल की जानकारी निकालने के लिए ऐसा तरीका निकाला, जिससे पुलिस भी हैरान रह गई. क्योंकि सूचना का अधिकार (RTI) आम तौर पर जनता को सरकार से सवाल पूछने का अधिकार देता है. लेकिन कई बार इसका इस्तेमाल अजीब तरीके से भी किया जाता है. तमिलनाडु के विल्लुपुरम के एक युवक ने इस कानून का ऐसा इस्तेमाल किया कि अब वह खुद चर्चा में है. इस युवक का अपनी गर्लफ्रेंड से ब्रेकअप हो गया था. ऐसे में युवक ने अपनी पूर्व प्रेमिका के बारे में जानने के लिए पुलिस विभाग से RTI के जरिए 97 अलग-अलग अर्जियां दाखिल कीं, जिनमें कुल 1 हजार 887 सवाल पूछे गए थे. सवाल भी कुछ ऐसे थे, जिन्हें सुनकर पुलिस भी हैरान रह गई.
विल्लुपुरम का यह मामला
आरटीआई के जरिए सवाल पूछने वाले इस युवक का नाम ए.संतोष था. जो तमिलनाडु के विल्लुपुरम का रहने वाला था. संतोष 2021 से 2024 के बीच विल्लुपुरम के एक आर्ट्स कॉलेज में पढ़ता था, इस दौरान वह एक लड़की के साथ रिलेशन में था. कुछ समय बाद लड़की ने इस रिश्ते को खत्म कर दिया. लेकिन संतोष इस ब्रेकअप को एक्सेप्ट नहीं कर पा रहा था. वह जानना चाहता था कि लड़की क्या कर रही है, उसका दूसरा रिलेशन शुरू हो गया है क्या, इसके लिए उसने सीधे लड़की से बात करने की जगह पुलिस विभाग को ही आरटीआई का हथियार बना लिया, उसने जिला एसपी और लोक सूचना अधिकारी को आरटीआई की अर्जियां भेजनी शुरू कर दीं. नवंबर 2025 से जून 2026 के बीच उसने 97 RTI अर्जियां दाखिल कीं। इनमें करीब 1,887 सवाल थे, जिनमें 43 सवालों को उसने 'कानूनी पूछताछ' के रूप में लिखा था.
- क्या मेरी पूर्व प्रेमिका किसी और के साथ रिश्ते में है?
- उसने कितने लोगों को धोखा दिया है?
- वह कितनी बार रिलेशनशिप में रही है?
- क्या उसकी शादी हो गई है?
- वह कहां रहती है और कहां काम करती है?
ये कुछ ऐसे सवाल थे, जिन्हें संतोष ने आरटीआई के जरिए पूछा था. इतना ही नहीं, उसने उन लोगों की तस्वीरें भी मांगीं, जिन्होंने युवती से बात की थी. जबकि यह भी पूछा कि क्या लड़की जिंदा है या मर गई है. पुलिस के पास ऐसे सवालों का कोई जवाब नहीं था, क्योंकि यह जानकारी न तो सरकारी रिकॉर्ड में थी और न ही पुलिस इसे किसी तीसरे व्यक्ति को दे सकती थी. जब पुलिस से जवाब नहीं मिला, तो संतोष ने तमिलनाडु राज्य सूचना आयोग में शिकायत कर दी कि उसे सूचना नहीं दी जा रही है.
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आयोग ने युवक को लगाई फटकार
शुक्रवार के दिन यह मामला राज्य सूचना आयुक्त वीपीआर इलंबरिथि के पास पहुंचा. सुनवाई में कुड्डालोर के जिला पुलिस अधीक्षक ने रिपोर्ट पेश की थी. एसपी की रिपोर्ट में कहा गया कि संतोष के सवालों का पहले ही जवाब दिया जा चुका है, लेकिन वह बार-बार एक ही तरह की अर्जियां दाखिल करके विभाग का समय बर्बाद कर रहा है. आयोग ने पाया कि संतोष आरटीआई का इस्तेमाल जनहित के लिए नहीं, बल्कि निजी उत्पीड़न के लिए कर रहा है. वह एक ऐसी महिला की निजी जानकारी मांग रहा है, जिसने उसके प्रेम प्रस्ताव को ठुकरा दिया है.
आयोग ने युवक की शिकायत खारिज करते हुए उसे सख्त चेतावनी दी है कि अगर उसने RTI का इस्तेमाल निजी उत्पीड़न के लिए किया, तो उसे 1 साल तक सूचना आयोग में याचिका दाखिल करने से रोक दिया जाएगा, जबकि उसे अपना मानसिक इलाज कराने की सलाह भी दी गई है.
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