इंफाल: मणिपुर के नागा बहुल जिले नोनी में ऑपरेशन चला रहे सुरक्षा बलों पर ग्रामीण वॉलंटियर्स ने फायरिंग कर दी. इस दौरान एक ग्रामीण वॉलंटियर की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया. वहीं, सीआरपीएफ के दो जवान भी छर्रे लगने से घायल हो गए. अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बिटियांग गांव में हुई, सुरक्षा बलों द्वारा जिले में ऑपरेशन चलाया जा रहा था.
मणिपुर में गांव के वॉलंटियर, खास जातीय समूहों के हथियारबंद नागरिक हैं जो कुछ इलाकों की सुरक्षा करते हैं. इन वॉलंटियर्स ने राज्य में 2023 में शुरू हुए जातीय संघर्ष के जवाब में काम करना शुरू किया. इस गोलीबारी में एक ग्राम रक्षक की मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया. अधिकारियों ने बताया कि तड़के करीब 8 बजे हुई इस गोलीबारी में सीआरपीएफ के दो जवान भी छर्रों से घायल हो गए.
सीआरपीएफ की कार्रवाई का विरोध
स्थानीय आदिवासी समुदाय के सदस्यों ने गांवों में सीआरपीएफ कर्मियों द्वारा की गई कार्रवाई का विरोध किया. नोनी की संयुक्त जनजाति परिषद की कार्यकारी समिति ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में जिले के सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, रेलवे और राष्ट्रीय परियोजनाओं को तत्काल और आपातकालीन रूप से बंद करने की घोषणा की. परिषद ने एक बयान में सुरक्षा बलों द्वारा की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की.
मैतेई और कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के मारे गए सैकड़ों लोग
बता दें कि मई 2023 से मणिपुर में घाटी में रहने वाले मैतेई समुदाय और पहाड़ी जिलों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा के कारण कम से कम 260 लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं. लगातार हो रही जातीय झड़पों और मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू कर दिया गया था. लगभग एक साल बाद 4 फ़रवरी को इसे हटा लिया गया.
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