मॉनसून सेशन की शुरुआत कल यानी 20 जुलाई से हो रही है. इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह वंदे मातरम् से जुड़ी एक बिल पेश करने वाले हैं. ये बिल Prevention of Insults to National Honour (Amendment) Bill 2026 होगा. इसे राज्य सभा की कार्यसूची में रखा गया है. बिल के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर राष्ट्रगीत के गायन को रोकता है या इसे गा रही सभा में अशांति पैदा करता है, तो उसे 3 वर्ष तक का कारावास या जुर्माना या दोनों की सजा दी जा सकती है.
इस बात की जानकारी है कि बिल में वंदे मातरम को राष्ट्र गान जन गण मन की तरह ही सम्मान दिया जाएगा. इसके साथ ही राष्ट्रीय गीत को सरकारी व शैक्षणिक संस्थानों में अनिवार्य गायन का प्रावधान है.
वंदे मातरम पर सरकार को जोर
ये बिल सरकार राष्ट्रगीत वंदे मातरम की 150वीं सालगिरह के साल भर चलने वाले जश्न के लेकर आई है. पिछले कुछ महीनों में सरकार ने राष्ट्रगीत को लेकर अपना रुख दुनिया के सामने रखा है. इस साल की शुरुआत में फरवरी में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों को दिए एक निर्देश में सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगान बजाना या गाना जरूरी कर दिया था. सरकार की ओर से कहा गया था कि 'जन गण मन' से पहले वंदे मातरम गाया जाए.
विपक्ष क्या कह रहा है?
वंदे मातरम से जुड़े बिल को लेकर विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस ने इसे संविधान के खिलाफ बताया है. वहीं, समाजवादी पार्टी इसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) इसे सरकार की गलत प्राथमिकता बता रही है.
यह भी पढ़ें: राम मंदिर का CEO बनने की रेस में कौन-कौन, कई पूर्व IAS, सेना के अफसर और CA भी लाइन में; कुल 2300 आवेदन
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं