
- देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश ने भारी तबाही मचाई है. उत्तराखंड और हिमाचल सबसे अधिक प्रभावित राज्य हैं.
- उत्तराखंड में बादल फटने से 5 की मौत हो गई और 11 लोग लापता हो गए हैं. बागेश्वर और चमोली में रेड अलर्ट जारी है.
- पंजाब में बाढ़ से हजारों एकड़ फसल जलमग्न हो गई हैं. CM ने राहत कार्यों के लिए उच्चस्तरीय समिति बनाई है.
देश के कई राज्यों में मानसूनी बारिश का कहर जारी है. जिससे भारी तबाही देखने को मिल रही है. हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर और पंजाब में बारिश के कारण भारी नुकसान हो रहा है. उत्तराखंड में शुक्रवार तड़के बादल फटने से 5 लोगों की मौत हो गई और 11 लोग लापता हो गए, जबकि हिमाचल प्रदेश के मनाली शहर का एक हिस्सा बारिश में बह गया. वहीं भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार पांचवे दिन बंद रहा. पंजाब के पटियाला में जिला प्रशासन ने घग्गर नदी के जलग्रहण क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नदी के पास के कई निचले गांवों के लिए अलर्ट जारी किया है. फिरोजपुर जिले में भी बाढ़ का कहर जारी है और यहां करीब 16,000 एकड़ फसलें जलमग्न हो गई हैं और 62 गांव गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं.

उत्तराखंड के लिए रेड अलर्ट जारी
इस मानसून सीजन में प्राकृतिक आपदाओं ने उत्तराखंड पर बहुत कहर बरपाया है. उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में शुक्रवार तड़के मूसलाधार बारिश से बादल फटने, बाढ़ आने और भूस्खलन की घटनाओं से मची तबाही में एक दंपति समेत छह लोगों की मौत हो गयी तथा 11 अन्य लापता हो गए जबकि कई अन्य लोगों के लापता होने की आशंका है.
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में उत्तराखंड के बागेश्वर, चमोली, देहरादून और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' तथा चंपावत, हरिद्वार, पिथौरागढ़, उधमसिंह नगर और उत्तरकाशी जिलों के लिए बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है.
हिमाचल प्रदेश के लिए येलो अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के 12 में से 10 ज़िलों में कुल 584 सड़कें बंद हैं. केंद्र के अनुसार, बंद सड़कों में से 259 मंडी ज़िले में और 167 कुल्लू में हैं. लगभग 1155 बिजली आपूर्ति ट्रांसफार्मर और 346 जलापूर्ति योजनायें बाधित हुईं. स्थानीय मौसम विभाग ने रविवार तक राज्य के तीन से छह ज़िलों के अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है.

20 जून से 26 अगस्त के बीच हिमाचल प्रदेश में बारिश से जुड़ी घटनाओं में कम से कम 158 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 38 लोग लापता हैं. राज्य में अब तक अचानक बाढ़ आने के 90, बादल फटने के 42 मामले और 85 भूस्खलन की बड़ी घटनाएं हुई हैं. बारिश से जुड़ी घटनाओं में राज्य को 2,623 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

जम्मू-कश्मीर में कैसे हैं हालात
जम्मू-कश्मीर के कटरा क्षेत्र में शनिवार को भारी बारिश होने के चलते त्रिकुटा की पहाडियों में स्थित वैष्णो देवी मंदिर की यात्रा लगातार चौथे दिन स्थगित रही. मंगलवार को भूस्खलन के बाद यह यात्रा अस्थायी तौर पर रोक दी गयी थी. अर्धकुंवारी के पास भूस्खलन की इस घटना में 34 लोगों की मौत हो गई तथा 20 अन्य घायल हो गए. यहां खराब मौसम की स्थिति अब भी बनी हुई है, इसलिए तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा को स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है. कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों पर शुक्रवार सुबह से भारी बारिश हो रही है.

उधमपुर-रामबन क्षेत्र में भूस्खलन के कारण जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग लगातार पांचवे दिन भी बंद र.। करीब 270 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 2,000 से अधिक वाहन फंसे हुए हैं. यह राजमार्ग कश्मीर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाली एकमात्र बारहमासी सड़क है.
पंजाब में बाढ़ का कहर
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश के कारण सतलुज, ब्यास और रावी नदियों तथा नालों में जलस्तर बढ़ने के बाद पंजाब के कई इलाकों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई और फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के लिए शुक्रवार को विभिन्न एजेंसियों ने समन्वय के साथ अभियान शुरू किया. बाढ़ प्रभावित पंजाब में 2,500 से अधिक लोगों को बचाया गया और उन्हें 13 राहत शिविरों में रखा गया. अधिकारियों के मुताबिक बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित पठानकोट, गुरदासपुर, फाजिल्का, कपूरथला, तरनतारन, फिरोजपुर, होशियारपुर और अमृतसर जिले हैं. उन्होंने बताया कि भारी बारिश के कारण शुक्रवार को पटियाला में भी बाढ़ की चेतावनी जारी की गई जहां पर 2023 में भीषण बाढ़ आई थी.
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को राज्य के बाढ़ प्रभावित जिलों में राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए राज्य के तीन शीर्ष अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय समिति गठित की. मान ने कई जिलों में बाढ़ की स्थिति के मद्देनजर हालात का जायजा लेने के समीक्षा के लिए आयोजित एक बैठक की अध्यक्षता की.
दिल्ली में आफत की बारिश
दिल्ली में शुक्रवार को भारी बारिश के कारण प्रमुख मार्गों पर यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई और एक दीवार ढह गई, जिससे तीन बच्चे घायल हो गए. पूर्वी दिल्ली के मंडावली में स्कूल से घर लौट रहे तीन बच्चे उस समय बाल-बाल बच गए जब एक खाली पड़े मकान की दीवार उनके ऊपर गिर गई. अधिकारियों ने बताया कि घायलों की पहचान पंकज (8), ध्रुव (10) और आदी (8) के रूप में हुई है.

वहीं हरियाणा के अंबाला छावनी क्षेत्र में भारी बारिश के कारण टांगरी नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई, जिसके कारण अधिकारियों ने चेतावनी जारी कर दी है. महाराष्ट्र में अधिकारियों ने बताया कि लातूर जिले के 60 राजस्व मंडलों में से 29 में बृहस्पतिवार रात तक अत्यधिक वर्षा दर्ज की गई और नदियों तथा नालों का जलस्तर बढ़ने के बाद राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया है. उन्होंने बताया कि लगभग 50 सड़कें और पुल बंद कर दिए गए हैं, क्योंकि इनके ऊपर से पानी बहने लगा है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं