टूटी दीवार, निकली किताबें : फिर मुश्किल में आए आज़म खान

उत्तर प्रदेश के रामपुर के विधायक और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें बढ़ीं, उनकी यूनिवर्सिटी में जमीन खोदकर निकाली गईं चोरी की गई मशीनें

खास बातें

  • अब्दुल्लाह आजम खान के दो बेहद करीबी दोस्तों की गिरफ्तारी
  • पुलिस ने की पूछताछ तो कर दिया चोरी के मामलों का खुलासा
  • नगर पालिका की मशीनों, मदरसा आलिया की किताबों की चोरी
रामपुर:

समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर (Rampur) के नगर विधायक आजम खान (Azam Khan) और उनके परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं. पुलिस ने आज रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी (Jauhar University) के कैंपस में एक बिल्डिंग में लिफ्ट शाफ्ट में छुपाकर रखी गईं बेहद कीमती किताबें बरामद की हैं. उनके विधायक बेटे अब्दुल्लाह आजम खान के दो बेहद करीबी मित्रों को जुआ खेलने के वायरल हुए वीडियो के मामले में पुलिस ने तीन दिन पहले गिरफ्तार किया था. उनसे हुई पूछताछ में कई गंभीर मामले सामने आए. इसके बाद बीते दिन जौहर यूनिवर्सिटी में जेसीबी से खुदाई करके नगर पालिका रामपुर की एक कीमती सफाई मशीन बरामद की गई. 

इसी क्रम में आज भी कार्रवाई हुई है. पुलिस रिमांड पर लिए गए दोनों आरोपियों की निशानदेही पर आज पुलिस ने यूनिवर्सिटी कैंपस की एक बिल्डिंग में लिफ्ट शाफ्ट में छुपाकर रखी गईं बेहद कीमती किताबें बरामद की हैं.  यह किताबें मदरसा आलिया, जिसकी स्थापना 1774 में नवाब रामपुर ने की थी, की लाइब्रेरी से यह किताबें चोरी की गई थीं. मदरसा आलिया को राजकीय ओरिएंटल कॉलेज के नाम से भी जाना जाता था. चोरी के इस मामले में 2019 में FIR दर्ज की गई थी. किताबों की बरामदगी के बाद पुलिस अब दोनों आरोपियों की पुलिस रिमांड बढ़ाने के लिए एक बार फिर न्यायालय का रुख कर रही है. चोरी की यह मामला आजम खान की मुश्किलें और बढ़ाने वाला है.

इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक डॉ संसार सिंह ने बताया कि अनवर और सलीम को दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था. उनसे पूछताछ की गई. इसी दौरान कल एक और मुकदमा बाकर खान ने दर्ज कराया जो कि यहां के सम्मानित व्यक्ति हैं. उन्होंने बताया कि नगर पालिका द्वारा सफाई करने के लिए कुछ मशीनें मंगाई गई थीं जो कि काफी महंगी थीं. जौहर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने वहां से मशीनें मंगवा ली थीं. उन्होंने बताया कि आज़म खान, अब्दुल्लाह आजम खान और तत्कालीन चेयरमैन अज़हर अहमद खां मिलीभगत करके अब्दुल्लाह आजम के कुछ मित्रों की मदद से नगर पालिका से मशीनें ले गए थे. जब सरकार बदली तो प्रशासन ने मशीनों का पता करना चाहा. इस पर उन मशीनों को काटकर जौहर यूनिवर्सिटी में दबा दिया गया. 

पुलिस ने गिरफ्तार किए गए उक्त दो अभियुक्तों से इस मामले में पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि वे बता सकते हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी में मशीनें कहां दबी हुई हैं. वह मशीनें कल जमीन खोदकर निकाली गईं. मशीनें कई सालों से दबी हुई थीं. 

इसी बीच राजकीय ओरिएंटल कॉलेज मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबेर ने कल रात में पुलिस से कहा गिरफ्तार  मुलजिमों से मदरसा आलिया की चोरी हुई किताबों के बारे में पूछताछ की जाए तो वे बता सकते हैं. प्रधानाचार्य ने बताया कि सितंबर 2016 में 10633 किताबें उनके कॉलेज से चुरा ली गई थीं. इस संबंध में उन्होंने 2019 में चोरी का एक मुकदमा दर्ज कराया था. उसमें सात अभियुक्त जेल गए और 2500 किताबें बरामद हो गई थीं. उन्होंने बताया कि बाकी की 7000 किताबें बची हुई हैं और वे कहीं छुपाकर रखी गई हैं. 

प्रधानाचार्य की सूचना पर पुलिस ने दोनों आरोपियों से पूछताछ की. अनवर और सलीम ने सारी बात बदा दी. उनकी निशानदेही पर किताबें यूनिवर्सिटी की लिफ्ट की शाफ्ट वाले हिस्से में नीचे से ऊपर तक भरी हुईं मिलीं. किताबों की गिनती अभी जारी है. यह किताबें हजारों की संख्या में हैं. 

आरोपियों ने पुलिस को बताया है यूनिवर्सिटी प्रशासन की शह पर किताबें चुराई गई थीं और उसी की शह पर उन्हें छुपाया गया था. पुलिस ने कहा कि, जो उस वक्त कर्मचारी थे, वे सब मुलजिम बनेंगे. दोनों आरोपियों की रिमांड बढ़ाने के लिए पुलिस आज फिर अदालत जाएगी. कुछ और बरामदगी होने की संभावना है. मदरसा आलिया का फर्नीचर भी गायब है. 

मदरसा आलिया के प्रधानाचार्य जुबेर अहमद ने बताया कि सन 2016 में ओरिएंटल कॉलेज की बिल्डिंग पर तत्कालीन मंत्री आजम खान ने कब्जा कर लिया था. फिर उसको अपने ट्रस्ट के नाम कराया. इस मामले में 2019 में एफआईआर दर्ज हुई. उन्होंने कहा कि पहले 2500 किताबें बरामद हो गई थीं, बाकी किताबें आज बरामद हुई हैं. जिला प्रशासन ने यह बढ़िया काम किया है.मदरसा आलिया का फर्नीचर भी चोरी हुआ था. लगभग 40 लकड़ी की अलमारियां हैं और बाकी बहुत सारा सामान है.

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