- इलाहाबाद हाईकोर्ट में नवाब काजिम अली खान ने अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड मामले में याचिका दायर की
- नवाब काजिम ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत रामपुर कोर्ट के 16 जनवरी 2026 के आदेश को चुनौती दी है
- 2017 के चुनाव में अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड में जन्मतिथि में अंतर और धोखाधड़ी के आरोप लगे थे
यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री और समाजवादी पार्टी के नेता मोहम्मद आजम खान के बेटे और पूर्व विधायक मोहम्मद अब्दुल्ला आजम खान से जुड़े दो पैन कार्ड के मामले में नवाब काजिम अली खान उर्फ नावेद मियां की याचिका पर मंगलवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. नवाब काजिम अली खान ने रामपुर कोर्ट द्वारा 16 जनवरी 2026 को उनकी क्रिमिनल रिवीजन याचिका खारिज किए जाने के बाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है.
BNS की धारा 528 के तहत रामपुर कोर्ट के आदेश को चुनौती
नवाब काजिम अली खान ने बीएनएसएस की धारा 528 के तहत याचिका दाखिल करते हुए रामपुर कोर्ट के फैसले को चुनौती दी है. सुनवाई में उनकी ओर से अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह और राज्य की ओर से एजीए पारितोष कुमार मालवीय मौजूद रहे. वहीं प्रतिवादी नंबर दो अब्दुल्ला आजम और प्रतिवादी नंबर तीन मोहम्मद आजम खान की ओर से सीनियर एडवोकेट एन.आई. जाफरी तथा अधिवक्ता एस.आई. जाफरी पेश हुए. कोर्ट को बताया गया कि उनका वकालतनामा कार्यालय में कल तक दाखिल कर दिया जाएगा.
ये भी पढ़ें : आजम खान को बड़ी राहत, भड़काऊ भाषण मामले में MP-MLA कोर्ट ने सबूतों के अभाव में किया बरी
हाईकोर्ट ने 27 फरवरी तय की अगली तारीख
अब्दुल्ला आजम और आजम खान के वकीलों ने केस की तैयारी के लिए एक हफ्ते का समय मांगा, जिसे कोर्ट ने स्वीकार करते हुए सुनवाई को 27 फरवरी तक स्थगित कर दिया. याचिका में राज्य सरकार, अब्दुल्ला आज़म और आजम खान को प्रतिवादी बनाया गया है. जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने सुनवाई की.
MP/MLA कोर्ट के 16 जनवरी 2026 के आदेश को रद्द करने की मांग
नवाब काजिम अली खान ने हाईकोर्ट से मांग की है कि MP/MLA स्पेशल कोर्ट द्वारा 16 जनवरी 2026 को पारित आदेश को रद्द किया जाए. उन्होंने यह भी आग्रह किया है कि रामपुर में लंबित अपीलों, जो आज़म खान, अब्दुल्ला आज़म तथा राज्य सरकार की ओर से दाखिल हैं. उनकी कार्यवाही पर रोक लगाई जाए.
ये भी पढ़ें : रामपुर जेल में बंद आजम खान ने पत्नी से मिलने से किया इंकार
2017 के चुनाव, दो अलग पैन कार्ड और धोखाधड़ी के आरोप
17 नवंबर 2025 को रामपुर की अदालत ने दो पैन कार्ड मामले में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को 7-7 वर्ष की सजा सुनाई थी. आरोप है कि अब्दुल्ला के एक पैन कार्ड में जन्मतिथि जनवरी 1993 जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज थी. 2017 में स्वार सीट से चुनाव लड़ते समय उनकी वास्तविक उम्र 24 वर्ष थी, जबकि विधायक बनने के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष आवश्यक है. आरोप है कि आज़म खान ने फर्जी पैन कार्ड बनवाकर नामांकन और बैंक पासबुक में उसका उपयोग कराया.
नवाब काजिम की शिकायत और फिर BJP नेता आकाश सक्सेना की FIR
2017 में इस सीट से बीएसपी प्रत्याशी रहे नवाब काज़िम अली खान ने पहले शिकायत दर्ज कराई थी. इसके बाद 2019 में भाजपा नेता आकाश सक्सेना की शिकायत पर आज़म और अब्दुल्ला के खिलाफ IPC की धारा 420, 467, 468, 471 और 120‑B में मुकदमा दर्ज हुआ. रामपुर कोर्ट ने नवाब काज़िम की शिकायत को आकाश सक्सेना वाली शिकायत में समायोजित कर दिया था.
इलाहाबाद हाईकोर्ट पहले भी याचिका खारिज कर चुका है
23 जुलाई 2025 को इलाहाबाद हाईकोर्ट इस मामले से जुड़ी एक अन्य याचिका पहले ही खारिज कर चुका है. 17 नवंबर 2025 को सजा के बाद आज़म और अब्दुल्ला ने रामपुर ADJ/MP‑MLA कोर्ट में अपील दायर की है, जबकि राज्य सरकार ने भी सजा बढ़ाने की अपील की हुई है.
क्रिमिनल रिवीजन खारिज, कोर्ट ने कहा— यह विधिसम्मत नहीं
MP/MLA कोर्ट ने 16 जनवरी 2026 को नवाब काज़िम अली खान की रिवीजन याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि 2018 की शिकायत पहले ही मुकदमा संख्या 980/2019 में समायोजित की जा चुकी है और राज्य पहले से अधिकतम दंड के लिए अपील दाखिल कर चुका है. इस वजह से पुनरीक्षण याचिका विधिसम्मत नहीं थी.
हाईकोर्ट में फिर चुनौती, लंबित अपीलों पर रोक की मांग
अब नवाब काजिम अली खान उर्फ़ नावेद मियां ने 16 जनवरी 2026 के आदेश को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए फैसले को रद्द करने और लंबित अपीलों पर रोक लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इससे न्याय सुनिश्चित हो सकेगा. बता दें कि आज़म खान द्वारा नवाबों पर दिए गए विवादित बयान के बाद काज़िम अली खान ने कहा था कि आज़म खान जिस ऊंचाई से गिरे हैं, उससे वे कुंठित और हताश हैं.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं