- यूनाइटेड रेज़िडेंट्स ऑफ दिल्ली ने दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ाए जाने पर NDMC क्षेत्र में छूट का सवाल उठाया है.
- DERC ने केवल तीन निजी कंपनियों को सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति दी जबकि सभी एक ही स्रोत से बिजली खरीदती हैं.
- DERC के फैसले में बिजली कंपनियों के घाटे को लेकर Regulation 172 के गलत इस्तेमाल पर भी आपत्तियां हैं.
URD ने सवाल उठाया है कि दिल्ली में बिजली के दाम बढ़ाए जाने के बावजूद NDMC क्षेत्र में ऐसा क्यों नहीं हुआ. उनका कहना है कि जब सरचार्ज बढ़ाया गया, तब लुटियंस ज़ोन में बिजली सप्लाई करने वाली NDMC ने यह बढ़ोतरी क्यों लागू नहीं की. यूनाइटेड रेज़िडेंट्स ऑफ दिल्ली (URD) ने इस फैसले पर कई आपत्तियां जताई हैं. उनका सवाल है कि दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) ने केवल तीन निजी कंपनियों को ही सरचार्ज बढ़ाने की मंजूरी क्यों दी, जबकि सभी कंपनियां बिजली एक ही स्रोत से खरीदती हैं.
'आयोग में नियमित सदस्यों की कमी'
DERC ने अपने फैसले में बिजली कंपनियों के घाटे का हवाला देते हुए Regulation 172 के तहत सरचार्ज बढ़ाने की अनुमति दी है, जबकि इस नियम में स्पष्ट है कि राहत केवल जनता के हित में दी जा सकती है, कंपनियों के नुकसान को कम करने के लिए नहीं. URD के महासचिव सौरभ गांधी ने कहा कि DERC की खामियों को सरकार दूर नहीं कर रही है. आयोग में नियमित सदस्यों की कमी है, चेयरमैन और सेक्रेटरी जैसे महत्वपूर्ण पद खाली हैं, ऐसे में इस तरह के आदेश कैसे जारी किए जा रहे हैं.
'बिजली सस्ती करने का वादा किया गया था'
URD के हेमंत शर्मा ने भी सवाल उठाया कि NDMC भी NTPC, GENCO और DTL से ही बिजली लेती है, फिर उसने फ्यूल सरचार्ज क्यों नहीं बढ़ाया. उन्होंने पूछा कि DERC का यह आदेश केवल BRPL, BYPL और TPDDL के लिए ही क्यों लागू किया गया, जबकि निजी कंपनियों को लाते समय बिजली सस्ती करने का वादा किया गया था.
ये भी पढ़ें : अब घर बैठे बढ़ाएं बिजली कनेक्शन का लोड, UPPCL की नई ऑनलाइन सुविधा शुरू
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं