कानपुर में एनडीटीवी के 'कृषि से समृद्धि' कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने पहुंचे सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि वो राजनीति में कैसे आए. उन्होंने कांशीराम का भाषण सुनाकर कैसे लोगों के बीच तालियां बटोरीं, इसका भी जिक्र किया. राजभर ने अपने जीवन में खेती के दौरान के कई किस्से भी सुनाए.
राजनीति में कैसे आए?
ओपी राजभर ने बताया कि एक बार कांशीराम के एक आयोजन में गया था. वहां कांशीराम सिर्फ 24 लोगों को समझा रहे थे. कर्मचारियों को वह समझा रहे थे, लेकिन पूरी बात हमें समझ आ रही थी. इसके बाद एक बार और आए और बामसेफ की मीटिंग चल रही थी. वहां खूब सुना और लगन लग गई. फिर फूलचंद मौर्या से मुलाकात हुई. वो डीएस 4 में थे, वो मुझे एक गांव में ले गए. वहां एक मीटिंग चल रही थी. उन्होंने मुझे वहां खड़ा कर दिया. फिर मैंने वही बातें कहीं, जो कांशीराम से सीखा था. इसके खूब तालियां बजीं और अच्छा लगा. इस तरह धीरे-धीरे मैं राजनीति में आ गया.
ओपी राजभर ने खेती के सुनाए किस्से
ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि मैंने एक बार आलू की खेती की थी. तब एक-एक आलू लगभग एक किलो तक का हुआ था और पूरे मंडल में टॉप पर आए थे. इसके अलावा उन्होंने दावा किया कि शलगम भी उन्होंने बड़े पैमाने पर उपजाया था. उन्होंने दावा किया कि लहसुन की खेती की और उसी की मेड़ पर शलगम लगा दिए. ये शलगम 5-5 किलो के थे. राजभर ने कहा कि एक बार ऐसी मटर तैयार की कि मंडी में कारोबारी मान नहीं रहे थे कि आपने पैदा किया है. उनका कहना था कि ये बीज के लिए लाए हैं या पैदावार की है. वे लोग मानने को ही तैयार नहीं थे. फिर उन्हें जब मैं खेत पर लेकर लाया तो वे हैरान रह गए.

इसके अलावा उन्होंने मनहर धान की खेती के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि यह धान 60 दिन में ही तैयार हो जाता है. हमने दो किलो बीज लाकर पैदावार की थी. अपने पुराने दिनों को याद करते हुए राजभर ने कहा कि मैं अपने खेत जोतकर स्कूल जाया करता था. हल और बैल से खेत जोतने के बाद घर लौटता था और फिर तैयार होकर स्कूल जाता था.
गौरतलब है कि अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसानों की तरक्की, हाईटेक खेती और एग्री-बिजनेस को नई दिशा देने के उद्देश्य से ये सेमिनार आयोजित की गई है. 'कृषि से समृद्धि' कॉन्क्लेव में खेत-खलिहान से लेकर प्रशासनिक गलियारों, आईआईटी के रिसर्च लैब और फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री के दिग्गज एक मंच पर जुटे हैं. कार्यक्रम में दिनभर न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी जा रही है, बल्कि इस पर मंथन हो रहा है कि कैसे आधुनिक तकनीक के जरिए किसान अपनी आय को कई गुना बढ़ा सकते हैं. इसमें उत्तर प्रदेश में कृषि अर्थव्यवस्था, उत्पादकता, ओडीओपी और निर्यात से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही है.
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