उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. वीडियो में वो कहते सुनाई दे रहे हैं - "ई रिक्शा ले लो, खूब चलाओ और खूब पैसे कमाओ. नौकरी के चक्कर में मत पड़ो. अपना चार घंटा ई रिक्शा चलाओ और दोपहर में बच्चों के साथ रहो."
इस बयान के बाद लोग उनकी सोच को लेकर तरह-तरह के सवाल उठा रहे हैं. लेकिन सवाल ये है कि क्या ब्रजेश पाठक ने सच में यही कहा जो वायरल किया जा रहा है, या उनके बयान को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा है?
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वायरल वीडियो की पड़ताल में सामने आया कि वीडियो सही है, लेकिन ये दो दिन पहले का है. लखनऊ में भारत टैक्सी योजना की लॉन्चिंग के कार्यक्रम में ब्रजेश पाठक ने ये भाषण दिया था. मंच पर सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद थे और सामने बैठी भीड़ में ज्यादातर ड्राइवर्स थे, जो भारत टैक्सी योजना से जुड़ने वाले थे.
तो आखिर उन्होंने कहा क्या था?
दरअसल डिप्टी सीएम मौजूद ड्राइवर्स को प्रोत्साहित कर रहे थे और उनके पेशे की तारीफ कर रहे थे. उन्होंने कहा कि ड्राइवर का पेशा इसलिए अच्छा है क्योंकि दूसरों की नौकरी में दूसरों के हिसाब से रहना पड़ता है, जबकि अपना काम करने वाले अपने हिसाब से काम कर सकते हैं.
उन्होंने कहा था - "नौकरी के चक्कर में मत पड़ो. अपना चार घंटा चलाओ. दोपहर में लड़के बच्चे के साथ रहो. दूसरों की नौकरी करोगे तो क्या बच्चों के साथ बैठ पाओगे दो घंटा? आखिरी की सवारी घर के पास वाली लो. दो बाज गया, खाना खाने का समय हो गया तो अपने घर के पास वाली सवारी ली. दो घंटा बच्चों के साथ खाये-सोए-आराम किए, फिर निकल गए दस बजे तक के लिए. रुपया अपने घर का."
अपने संबोधन में उन्होंने ये भी कहा - "पराधीन सपनेहु सुख नाहीं."
यानी डिप्टी सीएम ड्राइवर्स को आत्मनिर्भरता के साथ जीवनयापन के लिए प्रोत्साहित कर रहे थे, लेकिन सोशल मीडिया पर उनके इस बयान को ऐसे पेश किया गया जैसे वो हर किसी से नौकरी छोड़कर ई-रिक्शा चलाने को कह रहे हों.
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