जनगणना की प्रकिया के चलते क्या उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में देरी होगी? इस सवाल का जवाब देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का कहना है कि यूपी चुनाव तय समय पर ही होंगे. उन्होंने कहा कि जरूरी होगा तो जनगणना के काम को थोड़ा आगे-पीछे कर लिया जाएगा, लेकिन यूपी चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि 22 मई को यूपी विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होना है. ऐसे में यह संवैधानिक तौर पर जरूरी हो जाता है कि 22 मई से पहले चुनाव करा लिए जाएं और नई सरकार के गठन का रास्ता साफ हो जाए. इस तरह चुनाव आयोग ने साफ कर दिया है कि यूपी चुनाव में देरी नहीं होगी.
उन्होंने कहा कि जनगणना की प्रक्रिया चल रही है और यह जरूरी है. फिर भी चुनाव समय पर होंगे और यदि जनगणना की तारीखों को अडजस्ट करना पड़ा तो वह किया जाएगा. इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि घोषी, दुद्धी और फरीदपुर सीटों के उपचुनाव नहीं कराए जाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम का वक्त बाकी है. ऐसे में इंतजार कर लेना ही ठीक है ताकि नया विधायक पूरे 5 साल के कार्यकाल के लिए बने. इस बीच SIR को लेकर भी मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने बड़ी राहत वाली बात कही.
उन्होंने कहा कि यदि SIR की प्रक्रिया में कोई खामी मिलती है और वास्तविक समस्या है तो उसका समाधान किया जाएगा. उन्होंने कहा कि किसी परिवार के सदस्यों की रिलेशनशिप आदि गलत लिखी है तो उसे ठीक किया जाएगा. ज्ञानेश कुमार ने कहा कि SIR के बाद तैयार वोटर लिस्ट में यदि कोई समस्या आती है तो हम उसमें सुधार के लिए तैयार हैं. चुनाव आयुक्त ने कहा कि भारत की वोटर लिस्ट एक जीवंत दस्तावेज है, जो लगातार अपडेट होता रहता है. फिलहाल देश में 95 करोड़ मतदाता हैं और जहां भी जरूरत होती है, वोटर लिस्ट में संशोधन किया जाता है. नए नाम जोड़े जाते हैं, पुराने हटाए जाते हैं. कहीं स्थानांतरण की जरूरत होती है तो वह भी किया ही जा रहा है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं