
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलिला श्रीवास्तव ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को एक चिट्ठी लिखी है. 27 मार्च को लिखी इस चिट्ठी में उन्होंने बढ़ती गर्मी को लेकर राज्यों को अलर्ट (Central Guidelines For Summers) किया है. इसमें कहा गया है कि गर्मी से पड़ने वाले स्वास्थ्य प्रभावों को बेहतर तरीके से मॉनिटर कर मैनेज किया जाए. इस दौरान सभी राज्य नेशनल सेंटर फॉर द डिजीज कंट्रोल द्वारा जारी स्वास्थ्य गाइडलाइन का पालन करें.
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा है कि NCDC की गाइडलाइन जिलों के स्वास्थ्य विभाग को भेजी जाएं, जिससे गर्मी के दौरान बेहतर इंतजाम किए जा सकें. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश को लिखी चिट्ठी में उन गाइडलाइंस का भी जिक्र किया गया है जिसका पालन गर्मी के मौसम में स्वास्थ्य विभाग को करना होगा.
गर्मी को लेकर NCDC की गाइडलाइन
- किसी भी पब्लिक प्रोग्राम में पर पर्सन 2 लीटर पानी का इंतजाम करना जरूरी है
- दिन भर चलने वाले सार्वजनिक प्रोग्राम में मेडिकल टीम तैनात हो
- मेडिकल टीम के पास ओआरएस के घोल और बर्फ के पैक्स हों
- गर्मी की चपेट में आए रोगी के तापमान को तत्काल कम करने के लिए स्वास्थ्य केंद्र पर कूलिंग प्रणाली की व्यवस्था होनी चाहिए.
- लू या गर्मी से किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके पोस्टमार्टम को लेकर भी दिशा निर्देश लागू हैं, जिन्हें नई दिल्ली स्थित रोग नियंत्रण केंद्र की वेबसाइट पर देखा जा सकता है.
- इसके अलावा सभी स्वास्थ्य केंद्रों को हर दिन ऐसे मामलों की सूचना राज्य और केंद्र स्तर पर भेजना अनिवार्य है.
- प्रशासन के साथ-साथ देश के हर एक व्यक्ति को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर खास ध्यान देना चाहिए
गर्मी में इस वक्त बाहर न निकलें, ये सब न पियें
हेल्थ सचिव ने राज्यों से कहा है कि सबसे पहले अस्पतालों में इमरजेंसी कूलिंग और उसके बाद यातायात यानी एंबुलेंस सेवा को लेकर व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए. मार्च से लेकर मई और जून तक प्रतिदिन दोपहर 12 से शाम तीन बजे के बीच धूप या गर्मी से सीधे संपर्क में आने से बचें. चाय, कॉफी और कोल्ड ड्रिंक के सेवन से बचने के लिए भी कहा गया है. 15 मार्च को जारी दिशा निर्देश में केंद्र ने कहा कि इसके सेवन से लोगों को राहत नहीं बल्कि शरीर में पानी की मात्रा कम होने की आशंका ज्यादा रहेगी. जिसकी वजह से उन्हें कई तरह के स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर नजर रखें
केंद्र सरकार ने राज्यों से कहा है कि प्रशासन के साथ-साथ देश के हर एक व्यक्ति को मौसम विभाग के पूर्वानुमान पर खास ध्यान देना चाहिए कि अगले तीन से चार दिन उनके आसपास का मौसम कैसा है. इस दौरान उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं? इस बारे में लोगों को जरूर बताया जाए.
ये लोग बढ़ती गर्मी से रहें सावधान
बता दें कि गर्मी से बचने को लेकर केंद्र पिछले कई दिनों से गाइडलाइन जारी कर रहा है. जिसमें कहा गया है कि नवजात, छोटे बच्चे, 65 साल के ऊपर के व्यक्ति, गर्भवती महिलाएं, हार्ट से संबंधत और ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों के लिए खतरा ज्यादा है. उन्हें दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचना चाहिए. शराब, चाय, कॉफ़ी और कोल्ड ड्रिंक का सेवन करने से बचने के भी निर्देश दिए गए हैं.
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