विज्ञापन

बेहद खतरनाक हो सकता है अल नीनो, भारत समेत दुनियाभर में बाढ़, सूखा और हीटवेव का अलर्ट, UN की चेतावनी

WMO ने चेतावनी दी है कि अल नीनो अब पूरी तरह एक्टिव हो चुका है और 2027 तक अत्यंत शक्तिशाली रूप ले सकता है. इससे दुनिया भर में बाढ़, सूखा, हीटवेव और बारिश के पैटर्न में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.

बेहद खतरनाक हो सकता है अल नीनो, भारत समेत दुनियाभर में बाढ़, सूखा और हीटवेव का अलर्ट, UN की चेतावनी
UN की चेतावनी खतरनाक हो रहा अल नीनो
NDTV
  • WMO ने अल नीनो के मजबूती से स्थापित होने और अत्यंत शक्तिशाली बनने की चेतावनी दी है
  • अल नीनो के कारण वर्षा और तापमान के पैटर्न में व्यापक बदलाव होंगे, जिससे बाढ़, सूखा और गर्मी बढ़ेगी
  • भारत में इस साल जून से सितंबर तक औसतन तेरह प्रतिशत कम बारिश हुई है, जो अल नीनो की वजह से है

भारत समेत पूरी दुनिया में मौसम का मिजाज इस साल काफी बदला-बदला सा है. कई एजेंसियां अल नीलो को लेकर अलर्ट जारी कर रही हैं. इसका असर पूरी दुनिया में देखने को मिल रहा है. इस बीच दुनियाभर के मौसम पर नजर रखने वाली संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसी विश्व मौसम विज्ञान संगठन (World Meteorological Organization) ने गुरुवार को एक ग्लोबल रिपोर्ट जारी कर चेतावनी दी है कि अल नीनो मजबूती से स्थापित हो चुका है. आने वाले महीनों में एक अत्यंत शक्तिशाली घटना में तब्दील हो जाएगा, जिससे वर्षा और तापमान के पैटर्न पर व्यापक प्रभाव पड़ेगा और बाढ़, सूखा और अत्यधिक गर्मी जैसे संबंधित जोखिम उत्पन्न होंगे.

Latest and Breaking News on NDTV

अल नीनो का बढ़ता खतरा

  • अल नीनो मजबूती से स्थापित हो चुका है और इसके और ज्यादा मजबूत होने की संभावना है.

  • WMO के पूर्वानुमानों के अनुसार, फरवरी 2027 तक इसके बने रहने की लगभग 100% संभावना है.
  • प्रशांत महासागर के उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में असाधारण रूप से गर्म परिस्थितियां इसके और ज्यादा तीव्र होने में सहायक हैं.
  • एक अत्यंत शक्तिशाली अल नीनो दुनियाभर में बारिश और तापमान के पैटर्न में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है और चरम मौसम की घटनाओं को बढ़ावा दे सकता है.
  • WMO और राष्ट्रीय मौसम विज्ञान एवं जल विज्ञान सेवाएं इस असाधारण घटना के लिए तैयारियों और पूर्व चेतावनी के प्रयासों को तेज कर रही हैं.
    Latest and Breaking News on NDTV

भारत के लिए भी खतरे की घंटी

ये भारत के लिए भी अच्छी खबर नहीं है. इस साल मॉनसून सीजन पर अल-नीनो का साया रहा है. अब तक 01 जून से 02 सितम्बर 2026 के बीच देशभर में औसत से 13% कम बारिश रिकॉर्ड की गई है. भारत मौसम विभाग के अनुसार, फिलहाल भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में मजबूत अल-नीनो की स्थिति बनी हुई है और आने वाले महीनों में इन स्थितियों के और मजबूत होने की उम्मीद है.

जून, जुलाई और अगस्त के बाद अब सितंबर 2026 के दौरान भी पूरे देश में औसत से कम बारिश होने का अनुमान है. भारत मौसम विभाग ने इसी सोमवार को जारी एक फोरकास्ट रिपोर्ट में कहा है कि सितंबर 2026 के दौरान पूरे देश में मासिक वर्षा सामान्य से कम (लॉन्ग पीरियड एवरेज का <91%) होने की सबसे अधिक संभावना है. भौगोलिक रूप से  देश के कई हिस्सों में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है.

मौसम विभाग के मुताबिक, सितंबर महीने के दौरान देश के अधिकतर हिस्सों में मासिक औसत अधिकतम तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है. इस दौरान मासिक औसत न्यूनतम तापमान भी देश के अधिकतर हिस्सों में सामान्य से अधिक रहने की उम्मीद है.

पिछले कुछ दिनों के दौरान, देश के कुछ बड़े राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश और बिहार के कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई है. सेंट्रल वाटर कमीशन इन दोनों राज्यों की अहम नदियों में पानी का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी जारी की है.

भारत मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान रिपोर्ट के मुताबिक, 'पूर्वोत्तर मध्य प्रदेश और आस-पास के इलाके पर लो प्रेशर एरिया के प्रभाव के तहत, 03-05 सितंबर के दौरान मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है, साथ ही 03 सितंबर, 2026 को पूर्वी मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की भी संभावना है.

इसकी वजह से कई राज्यों में इस मॉनसून सीजन के दौरान बारिश की कमी की कुछ भरपाई होने की उम्मीद है. हालांकि अगले एक सप्ताह के दौरान प्रायद्वीपीय भारत में धीमी वर्षा गतिविधि जारी रहने की संभावना है.

यह भी पढ़ें: जन्माष्टमी के पहले भारी बारिश, दिल्ली के साथ यूपी के 15 जिलों में अलर्ट, 17 राज्यों में मॉनसून दिखाएगा तेवर

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
WMO, WMO Climate Report, WMO El Nino Forecast, WMO Global Warming Report, WMO Update
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com