त्रिपुरा चुनाव परिणाम: त्रिपुरा विधानसभा चुनाव के लिए जारी मतगणना के बीच तस्वीर साफ होती नजर आ रही है. चुनाव आयोग के आंकड़ों मुताबिक, भाजपा ने 13 सीटों पर जीत दर्ज कर ली है और 20 पर बढ़त बनाए हुए है. इस तरह भाजपा बहुमत का जादुई आंकड़ा हासिल करने की राह पर है. इस बीच अगरतला में सीएम माणिक साहा के आवास पर मिठाइयां बांटनी भी शुरू हो गई हैं. भाजपा इस समय 33 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. टिपरा मोठा पार्टी ने 7 सीटों पर जीत दर्ज की ली और 5 पर बढ़त बनाई हुई है. लंबे समय तक वाम मोर्चा के गढ़ रहे त्रिपुरा में 2018 में दक्षिण पंथी पार्टी बीजेपी ने अत्यंत महत्वपूर्ण जीत दर्ज की थी. यह इस राज्य की राजनीतिक रवायत को बदल डालने वाली घटना थी. इस बार का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि पारंपरिक प्रतिद्वंद्वियों कांग्रेस और वाम दलों ने राज्य की 60 सदस्यीय विधानसभा के चुनाव में बीजेपी को चुनौती देने के लिए पहली बार हाथ मिलाया है.
राष्ट्रीय दलों के बीच इस लड़ाई में प्रद्योत देबबर्मा के नेतृत्व वाला दल टिपरा मोथा भी है, जो प्रदेश की राजनीति में एक प्रभावी ताकत के रूप में उभरा है. जनजातीय आबादी के एक बड़े हिस्से के बीच इसके प्रभाव ने पारंपरिक पार्टियों को परेशान किया है. इसके संस्थापक देबबर्मा पूर्ववर्ती शाही परिवार के वंशज हैं और राज्य की जनजातीय आबादी में उनका खासा प्रभाव माना जाता है. पिछले चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी इंडिजिनस पीपुल्स फ्रंट ऑफ त्रिपुरा (आईपीएफटी) ने जनजातीय क्षेत्रों में अच्छा प्रदर्शन किया था.
साल 2018 के चुनाव में बीजेपी ने 36 और आईपीएफटी ने आठ सीटें जीती थीं. आईपीएफटी के संस्थापक एनसी देबबर्मा के निधन के बाद माना जा रहा है कि पार्टी का असर कम हुआ है. ऐसे में बहुमत हासिल करने का भार काफी हद तक बीजेपी के कंधों पर है, जबकि उसके दो मुख्य प्रतिद्वंद्वी एकजुट हो गए हैं.
दो दशक तक वाम दलों का गढ़ रहे त्रिपुरा में भाजपा ने 2018 में शानदार जीत दर्ज की थी और उसके इस किले को उसने छीन लिया था. इससे पहले हुए 2013 के चुनाव में बीजेपी एक भी सीट नहीं जीत सकी थी. हालांकि, 2018 में बीजेपी ने हैरत में डालने वाली बढ़त ले ली और सत्ता हासिल कर ली. उसने इसे अपने प्रतिद्वंद्वियों पर अपनी वैचारिक जीत के रूप में पेश किया था. ऐसे में बीजेपी यदि यहां हारती है, तो उसे एक बड़े झटके के रूप में देखा जाएगा. भले ही राष्ट्रीय राजनीति में त्रिपुरा का अपेक्षाकृत मामूली प्रभाव हो.
विधानसभा चुनाव 2023 में त्रिपुरा में त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला. पोल ऑफ एक्ज़िट पोल्स के मुताबिक, BJP 32 विधानसभा सीटें जीतकर 2018 की ऐतिहासिक जीत को दोहरा सकती है. वाम-कांग्रेस गठबंधन को 15 सीटें मिल सकती हैं, जबकि प्रद्योत देबबर्मा की अगुवाई वाली टिपरा मोथा पार्टी को 12 सीटों पर जीत हासिल होने के आसार हैं.