जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची भारत दौरे पर हैं. उन्होंने पीएम मोदी से मुलाकात की और कई मुद्दों पर चर्चा की. इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने जापानी पीएम को अपनी 'छोटी बहन' बताया. यह भारत और जापान के मजबूत रिश्तों को दर्शाता है. इधर देशभर के कई राज्यों में मॉनसून जमकर बरस रहा है. महाराष्ट्र के ठाणे में जलभराव में करंट की वजह से एक 17 साल की लड़की की मौत हो गई. गुवाहाटी हाई कोर्ट ने भारतीय नागरिकता को लेकर बड़ा फैसला दिया है. कोर्ट पैन कार्ड और वोटर आईडी समेत 16 दस्तावेजों को लेकर कहा कि ये भारतीय नागरिकता साबित नहीं करते. दिनभर की ऐसी ही 5 बड़ी खबरें एक नजर में पढ़िए.
1. महाराष्ट्र में जानलेवा हुई बारिश: ठाणे के मुंब्रा में जलभराव में उतरा करंट, 17 वर्षीय आलिया की मौत
महाराष्ट्र में मॉनसून 2026 की बारिश कहर बरपा रही है. मुबंई समेत कई जिलों में बारिश तबाही मचा रही है. ठाणे जिले के मुंब्रा के यास्मीन पार्क स्थित कादर पैलेस में बीती रात तेज बारिश के दौरान एक दर्दनाक हादसा हो गया. यहां जलभराव के पानी में करंट उतरने से 17 वर्षीय आलिया चांदीवाला की मौत हो गई.
2. PM मोदी ने जापान की प्रधानमंत्री तकाइची को क्यों कहा अपनी 'छोटी बहन'? समझिए इसके मायने
जापान की प्रधानमंत्री सनाए तकाइची भारत दौरे पर हैं. उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी के साथ मुलाकात की और भारत में कई कार्यक्रम में शिरकत की. इस दौरान पीएम मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री को कई बार 'छोटी बहन' कहा. यह दोनों नेताओं के बीच हुई एक निजी बातचीत का नतीजा था, जो उनके बीच बने करीबी रिश्ते को दिखाता है.
3. PAN कार्ड, वोटर ID जैसे 16 दस्तावेज किए पेश, गुवाहाटी HC ने कहा- इससे भारतीय नागरिकता साबित नहीं होती
एक अहम फैसले में, गुवाहाटी हाई कोर्ट ने एक रिट याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि याचिकाकर्ता ने 16 दस्तावेज पेश किए थे, लेकिन उनमें से कोई भी यह साबित नहीं कर सका कि वह भारतीय नागरिक है. हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में वे 16 दस्तावेज याचिकाकर्ता को यह साबित करने में मदद नहीं करते कि उसने 'फॉरेनर्स एक्ट, 1964' की धारा 9 के तहत अपनी जिम्मेदारी पूरी कर ली है. यानी यह साबित करना कि वह विदेशी नहीं, बल्कि भारतीय नागरिक है.
4. केरल में ट्रैफिक जाम में शख्स को आया हार्ट अटैक, बीच सड़क CPR देकर दो नर्सों ने बचाई जान
केरल के एर्नाकुलम जिले ट्रैफिक जाम में फंसे एक शख्स को अचानक हार्ट अटैक आ गया. शख्स की जान बचाने के लिए 'देवदूत' बनकर दो नर्स पहुंच गईं. दोनों नर्स भी ट्रैफिक जाम में फंसी थीं. जैसे ही उन्हें हार्ट अटैक की खबर पता चली, वे दोनों दौड़कर पहुंची और शख्स को CPR दिया. नर्सों की सूझबूझ से शख्स की जान बच गई.
5. कांग्रेस की मांग और जनता के दबाव में हुई थी सावरकर की रिहाई, अदालत में बोले परिजन
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में हिस्सा लेने वाले वीर सावरकर की जेल से रिहाई को लेकर अलग-अलग दावे किए जाते रहे हैं. एक वर्ग उनकी जेल से रिहाई को लेकर कहता रहा है कि उन्होंने अंग्रेजों से माफी मांगी थी. राहुल गांधी ने भी एक बार वीर सावरकर पर टिप्पणी की थी, जिस पर ऐतराज जताते हुए मानहानि केस किया गया था. इसी मामले की सुनवाई के दौरान वीर सावरकर के प्रपौत्र सात्यकि सावरकर ने कहा कि उन्हें जेल से रिहा जनदबाव और कांग्रेस के प्रस्ताव के चलते मिली थी. उन्होंने कहा कि पुणे की एक अदालत में कहा कि 1923 में कांग्रेस के काकीनाडा अधिवेशन में पारित वह प्रस्ताव भी इसका एक प्रमुख कारण था, जिसमें सावरकर की रिहाई की मांग की गई थी.
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