- पश्चिम बंगाल के सांसद अभिषेक बनर्जी ने अपने जन्मदिन के दौरान बीजेपी समर्थकों पर हमले का आरोप लगाया
- अभिषेक ने कहा कि रात करीब 2 बजे उनके कालीघाट आवास के बाहर बीजेपी समर्थकों ने उनके पोस्टर फाड़े और नारे लगाए
- उन्होंने दावा किया कि हमलावरों के पास रिवॉल्वर थी और उनके टीएमसी कार्यकर्ताओं पर ईंट-पत्थर फेंके
पश्चिम बंगाल के सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आधी रात को उन पर हमले का आरोप लगाया है. आखिर हुआ क्या ये जानिए.दरअसल अभिषेक के जन्मदिन का जश्न मनाया जा रहा था.आधी रात को जन्मदिन का जश्न देखते ही देखते हिंसक टकराव में बदल गया. उस दौरान उनकी पुलिस के साथ तीखी बहस हुई. डायमंड हार्बर सांसद ने आरोप लगाया कि तृणमूल कार्यकर्ताओं को जमीन पर गिराकर पीटा गया और उन पर ईंट-पत्थर फेंके गए. उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही.
अभिषेक ने बताया कि तनाव रात करीब 2 बजे उनके कालीघाट स्थित आवास के सामने शुरू हुआ. दरअसल कुछ लोगों ने किसी को 'चोर' कहते हुए नारे लगाए. इसके बाद अभिषेक के समर्थकों और बीजेपी समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई. आरोप है कि उन्होंने अभिषेक के बैनर और पोस्टर फाड़ दिए. इसके बाद वह घर से बाहर निकले और पुलिस और बीजेपी समर्थकों संग उनकी तीखी बहस होने लगी.

'रिवॉल्वर लेकर जान से मारने आए थे हमलावर'
अभिषेक बनर्जी को घर के अंदर जाने को कहने पर पुलिस के साथ उनकी बहस हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ भी मारपीट की. टीएमसी सांसद ने बाद में मीडिया को बताया ये लोग उनको जान से मारने की साजिश के तहत उनके आवास पर आए थे. उनके पास रिवॉल्वर भी थी. हमले में टीएमसी के कार्यकर्ता तापस के अंगूठे के पास का हिस्सा बुरी तरह कुचल गया.उसे टांके लगवाने के लिए उन्होंने अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टर ने कहा कि सिर्फ टांकों से काम नहीं चलेगा, उसकी प्लास्टिक सर्जरी करनी पड़ेगी.

'पत्थर और ईंट के टुकड़े फेंके, दो लोगों को लगी चोट'
अभिषेक ने ये भी आरोप लगाया कि हमले में एक अन्य शख्स की आंख के नीचे की हड्डी टूट गई. उन पर बड़े पत्थर और ईंट के टुकड़े फेंके गए. ये सब ड्रामा पुलिस के सामने हुआ. टीएमसी सांसद ने कहा कि उन पर हमले की ये पहली घटना नहीं है. 19 जून को सोनारपुर में हुई एक घटना के बाद, जब वह दिल्ली लौट रहे थे, तब हथियारों से लैस कुछ लोगों ने उनकी जान लेने की कोशिश की थी. टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया था. उन्होंने पुलिस से शिकायत भी की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई.
अभिषेक बनर्जी को मारने का समय किसके पास है?
अभिषेक बनर्जी के आरोपों पर बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि पहली बार देख रहे हैं कि किसी नेता का जन्मदिन फुटपाथ पर मनाया जा रहा है. अगर रात में कोईहंगामा करेगा, तो विरोध तो होगा ही. अभिषेक बनर्जी को मारने का समय किसके पास है? अब कुछ बचा नहीं है, इसलिए लोगों को गुमराह करने के लिए वह इमोशनल बातें कर रहे हैं.
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