विज्ञापन

'आईपैक वाले अभिषेक बनर्जी के नाम से धमकाते थे', हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता लगा रहे गंभीर आरोप

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार के बाद आईपैक निशाने पर आ गई है. कई टीएमसी नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस हार का कारण आईपैक है.

'आईपैक वाले अभिषेक बनर्जी के नाम से धमकाते थे', हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के नेता लगा रहे गंभीर आरोप
अभिषेक बनर्जी. (फाइल फोटो)
IANS
  • तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं ने पश्चिम बंगाल चुनाव हार का मुख्य कारण आईपैक को माना है
  • आईपैक ने ममता बनर्जी के 2021 के चुनाव अभियान में अहम भूमिका निभाई थी, लेकिन बाद में पार्टी में विवाद पैदा हुआ
  • सांसद कल्याण बनर्जी ने आईपैक पर अत्यधिक निर्भरता को पार्टी की हार का कारण बताया
क्या हमारी AI समरी आपके लिए उपयोगी रही?
हमें बताएं।
नई दिल्ली:

पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के चुनाव हारने के बाद इस बात पर बहस छिड़ गयी है कि हार का सबसे बड़ा कारण क्या था? एक पत्रकार होने के नाते और महीने भर राज्य में घूमने के बाद आप अपने अनुभव से कह सकते हैं कि पिछले पंद्रह साल की ऐंटी इन्कमबेंसी या सत्ता विरोधी लहर, भ्रष्टाचार, पार्टी कार्यकर्ताओं की मनमानी और मुस्लिम तुष्टिकरण कारण हो सकते हैं, मगर जब आप तृणमूल कांग्रेस के नेताओं से बात करते हैं तो वो आईपैक को हार का ज़िम्मेदार मानते हैं. 

आईपैक और तृणमूल कांग्रेस का नाता 2021 से रहा. तब आईपैक की के प्रमुख प्रशांत किशोर होते थे. तब आईपैक ने ममता बनर्जी का पूरा कैंपेन डिजाइन किया था और उन्हें 'घोरे मेय' यानी घर की बेटी कहा और पूरे चुनाव को तृणमूल कांग्रेस के पक्ष में कर दिया. मगर प्रशांत किशोर के आईपैक छोड़ने के बाद भी अभिषेक बनर्जी ने इस संस्था को बंगाल में रखने का फैसला किया और पूरे पांच साल का अनुबंध किया.

अब अभिषेक बनर्जी के इस निर्णय पर तृणमूल कांग्रेस के सांसद खुल कर बोल रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी ने तो बंगाल की हार के लिए आईपैक को दोषी ठहराया और यह भी कहा कि अभिषेक बनर्जी की आईपैक पर अत्यधिक निर्भरता ने तृणमूल कांग्रेस को डूबो दिया. 

यह भी पढ़ेंः शुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या का आरोपी निकला बलिया का शूटर, अंडा व्यवसायी के पिता ने क्‍यों की एनकाउंटर की मांग?

कल्याण बनर्जी आगे कहते हैं कि आईपैक के एक बड़े व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया और उसने तृणमूल कांग्रेस के सभी संवेदनशील डाटा बीजेपी को सौंप दिया. वहीं मालदा से तृणमूल कांग्रेस के पूर्व विधायक कृष्णेंदु नारायण चौधरी का कहना है कि मैं तीन बार विधायक रहा मगर कभी आईपैक की मदद नहीं ली. आईपैक ने पार्टी की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी. आप क्या पहनेंगे? आप कहां जाएंगे? आप कौन सा मंदिर जाएंगे? कितनी बार जाएंगे? सब कुछ आईपैक का कोई बच्चा आपको बता रहा होगा. यही नहीं आपको धमकी भी दी जाती कि आपकी शिकायत अभिषेक बनर्जी से कर दी जाएगी. आईपैक वालों ने टिकट दिलाने के नाम पर पैसे लिए. पार्टी आलाकमान हमारी सुन नहीं रहा था. पार्टी का पूरा ढांचा ही बदल गया था. चुनाव का नतीजा इसी बात का आईना है. 

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता जो अभी पार्टी से निलंबित हैं रिजु दत्ता का कहना है कि तृणमूल कांग्रेस के हार की दोषी आईपैक ही है. इन्होंने ममता बनर्जी और अभिषेक को मूर्ख बनाया. आईपैक की वजह से ममता बनर्जी हारीं और अभिषेक पर मुकदमा हुआ. आईपैक की वजह से ही ममता बनर्जी पर मुकदमा हुआ. अब चुनाव के बाद आईपैक के डायरेक्टर आजाद घूम रहे हैं और विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं. पार्टी को आईपैक को गिरवी रख दिया गया था. यहां तक कि आईपैक के नीचे के कर्मचारियों का कहना है कि वे अपनी रिपोर्ट में पार्टी की हालत खराब होने और हारने तक की बात कह रहे थे मगर पैसे की लालच में ये रिपोर्ट ऊपर भेजी नहीं जा रही थी.

यह भी पढ़ेंः अभिषेक बनर्जी की Z+ सुरक्षा होगी वापस, पश्चिम बंगाल सरकार ने पायलट कार सुविधा भी किया बंद

Latest and Breaking News on NDTV

इन तीनों नेताओं की बात से यह साफ हो गया कि आईपैक को लेकर तृणमूल कांग्रेस के नेताओं में कितना गुस्सा है और वो हार का कारण इसी संस्था को मानते हैं. मगर सवाल वही है कि तृणमूल कांग्रेस की हार की ज़िम्मेदारी एक संस्था पर थोपना कहां तक ठीक है? क्या तृणमूल कांग्रेस के नेता अभी भी हार के असली कारणों से मुंह फेर रहे हैं? आईपैक को दोष दे कर तृणमूल कांग्रेस के नेता अपनी सरकार की गलतियों को ढक नहीं सकते. तृणमूल कांग्रेस को आत्मचिंतन की जरूरत है और फिलहाल सशक्त विपक्ष बनने की तभी पार्टी फिर से पटरी पर आ सकती है.

हालांकि इसी आईपैक ने ममता बनर्जी को 2021 का विधानसभा और 2024 का लोकसभा चुनाव जिताया. वहीं आईपैक की वेबसाइट पर एक दर्जन चुनावों का जिक्र है जिसमें अधिकतर में आईपैक चुनाव जीतने का दावा करती है. हां बंगाल में ममता बनर्जी की हार का यह नतीजा हुआ कि बाजार में आईपैक के भाव गिर गए हैं और कहा जा रहा है कि उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव ने आईपैक से अनुबंध तोड़ दिया है.

यह भी पढ़ेंः सरकार जाते ही बंगाल से साफ हो गए कांग्रेस और लेफ्ट... ममता बनर्जी की तृणमूल का क्या होगा?
 

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com