तृणमूल कांग्रेस ने अपने दो MLA संदीपन साहा और रितब्रत बनर्जी को पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में निकाल दिया. पार्टी ने कहा है कि संदीपन और रितब्रता को टीएमसी की प्राथमिक सदस्यता से निष्काषित कर दिया गया है. टीएमसी का यह आदेश मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के राज्य सचिवालय में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह कहने के कुछ मिनट बाद आया कि दोनों ने राज्य विधानसभा में 'नकली हस्ताक्षर' मामले के संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी. ये मामला शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने से जुड़ा है. TMC ने शोभनदेव को विपक्ष के नेता बनाने के लिए समर्थन दिया था.
All India Trinamool Congress (AITC) expels MLA Ritabrata Banerjee from the (primary) membership of the Party with immediate effect. pic.twitter.com/ISZVFWEXOh
— ANI (@ANI) June 1, 2026
पार्टी ने विधायकों से क्या कहा?
दोनों विधायकों को भेजी गई चिट्ठी में कहा गया, "यह बात ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के संज्ञान में उसकी सक्षम अथॉरिटी के जरिए लाई गई है कि AITC की ओर से नॉमिनेटेड उम्मीदवार के रूप में चुने जाने के बावजूद, आप पार्टी के अधिकृत नेतृत्व द्वारा बुलाई गई मीटिंग में बार-बार शामिल नहीं हुए हैं और खुद को पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल किया है."
चिट्ठी में लिखा है, "यह भी देखा गया है कि आप ऐसी गतिविधियों में शामिल रहे हैं और ऐसे बयान दिए हैं जो AITC के हितों के लिए नुकसानदायक हैं. मामले पर ठीक से सोचने के बाद AITC की सही अथॉरिटी ने आपको तुरंत पार्टी की (प्राइमरी) मेंबरशिप से निकालने का फैसला किया है."
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल CID, शोभनदेव चट्टोपाध्याय को विपक्ष का नेता बनाने के लिए असेंबली सेक्रेटेरिएट को भेजे गए एक कम्युनिकेशन में पार्टी विधायकों के नकली साइन के कथित इस्तेमाल की जांच कर रही है.
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