तेलंगाना की राजनीति में एक नए राजनीतिक दल की एंट्री हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव की बेटी के कविता ने नई राजनीतिक पार्टी तेलंगाना राष्ट्र सेना (TRS) के लॉन्च की घोषणा कर दी है. इसके साथ ही, भारत राष्ट्र समिति (BRS) से उनका निर्णायक और अंतिम अलगाव भी हो गया है. शुक्रवार को 5000 से ज्यादा पार्टी समर्थकों से घिरी, पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की बेटी के. कविता ने मेडचल जिले के मुनीराबाद में अपनी पार्टी लॉन्च की. वहीं, उन्होंने पार्टी के नाम, झंडे और एजेंडे का भी अनावरण किया.
Remember The Name: Telangana Rashtra Sena
— Kavitha Kalvakuntla (@RaoKavitha) April 25, 2026
We refuse to back down, come what may;
It is time the people of Telangana have their say.
We will not let our aspirations decay;
Be reduced to ashes if you dare come in our way.
Your Time is Done, Our Time is Now.#TRS… pic.twitter.com/UICyMplYJ1
के. कविता ने कहा कि तेलंगाना अब एक नई क्षेत्रीय पार्टी को देखने जा रहा है. भारत राज्यों का एक संघ है और जब तक राज्य मजबूत नहीं होंगे, तब तक देश का विकास भी संभव नहीं है. राज्यों का विकास क्षेत्रीय पार्टियों के जरिए ही बेहतर तरीके से हो सकता है, यह मेरा विश्वास है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी नई पार्टी का मुख्य फोकस तेलंगाना राज्य और उससे जुड़े मुद्दों पर रहेगा. साथ ही, वे राष्ट्रीय स्तर के उन मुद्दों पर भी अपनी राय रखेंगी, जिनका सीधा असर तेलंगाना पर पड़ता है.
तेलंगाना के 33 जिलों से पहुंचे थे करीब 50 हजार समर्थक
इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए तेलंगाना के सभी 33 ज़िलों से लगभग 50,000 समर्थक आए थे. यह कार्यक्रम 20 एकड़ के एक विशाल मैदान में आयोजित किया गया था, जिसका नाम तेलंगाना आंदोलन के एक प्रमुख व्यक्ति, प्रोफेसर के. जयशंकर के नाम पर रखा गया है.
NGO तेलंगाना जागृति से अब राजनीति के मैदान में के. कविता
मालूम हो कि कविता अपने NGO 'तेलंगाना जागृति' से जुड़ी हैं, जिसने अलग तेलंगाना राज्य के आंदोलन के दौरान सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था. ऐसी अटकलें थीं कि इस NGO को एक राजनीतिक पार्टी में बदल दिया जाएगा, लेकिन अब 'तेलंगाना राष्ट्र सेना' नाम को अंतिम रूप दे दिया गया है.
TRS के जरिए पिता की विरासत को आगे बढ़ाएगीं के. कविता
इस नाम में वही तीन अक्षर (TRS) शामिल हैं, जिन्होंने कभी तेलंगाना की राजनीति को परिभाषित किया था और उस पर अपना दबदबा बनाया था. यह एक स्पष्ट संदेश भी देता है. कविता उस विरासत को फिर से अपना रही हैं, जिसे उनके पिता ने छोड़ दिया था. मूल नाम 'तेलंगाना राष्ट्र समिति' (TRS) को पार्टी अध्यक्ष KCR ने बदला था, जिन्होंने 2022 में अपनी पार्टी का नाम बदलकर BRS कर दिया था. अब के. कविता ने उसी नाम को भूनाया है.
यह भी पढ़ें - परिसीमन में तेलंगाना की हिस्सेदारी कम हुई तो सड़क पर उतरेंगे...के कविता की केंद्र को चेतावनी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं