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Conclave: तमिलनाडु को मिलेगा निर्णायक जनादेश, विजय तो MGR के आसपास भी नहीं: एन राम

NDTV Tamil Nadu conclave: वंशवादी राजनीति पर एन राम ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि कई राजनीतिक हस्तियों के बेटों और बेटियों को यह मौका मिलता है. देखने का यह तरीका ही गलत है. कई राजनीतिक दलों में, बेटे, बेटियां और रिश्तेदार आगे बढ़ने का मौका देखते हैं, और इसे रोका नहीं जा सकता.

Conclave: तमिलनाडु को मिलेगा निर्णायक जनादेश, विजय तो MGR के आसपास भी नहीं: एन राम
NDTV के मंच पर वरिष्ठ पत्रकार एन राम
  • वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने कहा कि तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में स्पष्ट जनादेश मिलने की उम्मीद है
  • एन राम ने कहा कि सर्वे के मुताबिक, DMK गठबंधन का आगामी चुनाव में 200 से अधिक सीटें जीतने का अनुमान है
  • एन राम ने कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन की लोकप्रियता पार्टी से अधिक है और वह बीजेपी की लोकप्रियता से भी आगे है
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तमिलनाडु के आगामी विधानसभा चुनाव में जनादेश स्पष्ट होगा, त्रिशंकु विधानसभा या पावर शेयरिंग की संभावना नहीं है, ये दावा किया है वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने. द हिंदू पब्लिशिंग ग्रुप के डायरेक्टर ने तमिलनाडु से जुड़े मुद्दों, चुनाव में शामिल मुख्य राजनीतिक दलों और सुपरस्टार विजय पर भी अपनी राय रखी. एनडीटीवी के तमिलनाडु कॉन्क्लेव में एडिटर-इन-चीफ राहुल कंवल के साथ बातचीत में एन राम ने कहा, "मुझे नहीं लगता कि त्रिशंकु विधानसभा की कोई संभावना है. देखनी वाली बात सिर्फ यह होगी कि गठबंधन दलों को कितनी सीटें मिलेंगी."

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चुनाव में कैसा होगा DMK का प्रदर्शन?

एक न्यूज चैनल के वोटर सर्वे का हवाला देते हुए, जिसमें आगामी चुनाव में डीएमके गठबंधन की जीत की ओर इशारा किया गया है, वरिष्ठ पत्रकार एन राम ने 200 से ज्यादा सीटों का अनुमान जताया. उन्होंने कहा," अगर इंडिया टुडे के अनुमानित 12 प्रतिशत अंकों की बढ़त को मानें, तो गठबंधन को 200 से ज्यादा सीटें मिलेंगी, इनमें भी ज्यादतर सीटें  डीएमके को मिलेंगी." उन्होंने कहा कि सरकार के लिए 150 से ज्यादा सीटे भी एक अच्छा लक्ष्य होंगी, यह सत्ता विरोधी लहर होगी.

वरिष्ठ पत्रकार ने सर्वे का हवाला देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री स्टालिन की लोकप्रियता पार्टी से कहीं ज्यादा है. उन्होंने उनको बीजेपी की लोकप्रियता से भी ज्यादा बताया. हालांकि कांग्रेस को लेकर उनका रुख थोड़ा अलग रहा. वह कांग्रेस को लेकर ज्यादा आशावादी नहीं दिखे. उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में कांग्रेस कहीं नहीं जा सकती. उन्होंने कहा कि वे इस तरह की अफरा-तफरी और अराजकता को देखकर हैरान हैं.

चुनावों पर विजय का प्रभाव कैसा है?

एन राम ने कहा कि चुनावों में एक्टर विजय को अपने समर्थकों का साथ मिलेगा, लेकिन शायद इतना काफी नहीं हो. उन्होंने कहा कि इसमें कोई शक नहीं है कि वजय को अपने फैंस, युवाओं का भरपूर समर्थन मिल रहा है. उनकी लोकप्रियता महिलाओं में भी अच्छी खासी  है. एन राम ने ये भी दावा किया कि विजय को डीएमडीके प्रमुख विजयकांत  से ज्यादा समर्थन मिलेगा, लेकिन फिर भी वे आंध्र प्रदेश में एमजीआर या एनटीआर के करीब भी नहीं पहुंच पाएंगे.

उन्होंने कहा कि इतनी लोकप्रियता के बावजूद, वह फिल्मी दुनिया से बाहर शायद उतना करिश्मा ना कर सकें. एम रान ने आगे कहा कि विजय सिर्फ स्क्रिप्ट के हिसाब से ही काम कर सकते हैं. उनका काम संभालने वाले सलाहकार के पास कोई खास विचार नहीं हैं. विजय की लोकप्रियता सिर्फ जनसमर्थन तक सीमित है. उनका अस्तित्व फैंन क्लबों से आगे ज़मीनी स्तर पर नहीं है. ये बात उन्होंने चुनावों से पहले टीवीके के सामने आने वाली चुनौतियों को रेखांकित करते हुए कही.

तमिलनाडु में वंशवादी राजनीति पर क्या बोले एन राम?

वंशवादी राजनीति पर एन राम ने कहा कि यह कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि कई राजनीतिक हस्तियों के बेटों और बेटियों को यह मौका मिलता है. देखने का यह तरीका ही गलत है. कई राजनीतिक दलों में, बेटे, बेटियां और रिश्तेदार आगे बढ़ने का मौका देखते हैं, और इसे रोका नहीं जा सकता. उन्होंने इसके लिए पश्चिम बंगाल समेत कई अन्य दलों का उदाहरण दिया. उन्होंने कहा कि किसी गंभीर मुकाबले में क्या अकेले दम पर चुनाव जीता जा सकता है. उदयनिधि स्टालिन जरूर जीत सकते हैं. 

कांग्रेस की ये हैं समस्याएं

एन काम ने राहुल गांधी की तारीफ करते हुए उनको सिद्धांतों पर चलने वाला एक साहसी नेता बताया. हालांकि उन्होंने इस बात पर संदेश भी जताया कि क्या वे लगातार प्रयास करते रह पाने में सक्षम हैं. उन्होंने कहा, "पार्टी के भीतर से अचानक 'राहुल जी कहां हैं?' जैसे सवाल उठने लगे हैं. ऐसा नहीं हो सकता कि कोई अध्यक्ष पार्टी का मुखिया हो और बाकी सब किसी और की ओर देख रहे हों. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को इस मामले में पार्टी के हित के लिए और ज्यादा गंभीर होने की जरूरत है. 

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