- तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी TVK के नेता बूबलन को मेथामफेटामाइन तस्करी के आरोप में DRI ने गिरफ्तार किया है
- गिरफ्तार किए गए नेता बूबलन को पार्टी से तत्काल निष्कासित कर दिया गया
- विपक्षी नेता उदयनिधि स्टालिन ने नशा तस्करी मामले में NIA और ED से जांच कराने की मांग की है
तमिलनाडु की सत्ताधारी तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) के एक नेता को नागापट्टिनम में मेथामफेटामाइन नाम के ड्रग्स तस्करी के कथित मामले में डायरेक्टरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस ने गिरफ्तार किया है. इस गिरफ्तारी के बाद विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने सरकार और सत्ताधारी दल पर निशाना साधा है.
उदयनिधि स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि मामले में करीब 135 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुआ है, जिसकी कीमत कई सौ करोड़ रुपये बताई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस खेप को श्रीलंका भेजने की योजना थी. हालांकि DRI ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है और इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
TVK ने आरोपी को पार्टी से निकाला
गिरफ्तार नेता बूबलन को TVK ने तत्काल प्रभाव से पार्टी से निष्कासित कर दिया है. पार्टी का कहना है कि अवैध गतिविधियों में कथित संलिप्तता उसके सिद्धांतों और मूल्यों के खिलाफ है. साथ ही पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे बूबलन से किसी भी प्रकार का संबंध न रखें.
इस बीच सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री और TVK प्रमुख सी. जोसेफ विजय के साथ बूबलन की तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं.
उदयनिधि ने NIA और ED जांच की मांग की
उदयनिधि स्टालिन ने अपने बयान में विजय के चर्चित अभियान संदेश 'नशा छोड़ो, खेल अपनाओ' का जिक्र करते हुए सरकार की नशा विरोधी नीति पर सवाल उठाए.
उन्होंने पूछा कि मादक पदार्थ कहां से आए, इन्हें खरीदने वाले कौन हैं और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं? उदयनिधि ने यह भी आरोप लगाया कि तस्करी में प्रभावशाली लोगों को पैसा दिया गया होगा, हालांकि उन्होंने इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया.
उन्होंने NIA और ED से मामले की गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है.
TVK का बचाव
NDTV से बातचीत में TVK प्रवक्ता एम. सत्य कुमार ने कहा कि जैसे ही पार्टी को आरोपों की जानकारी मिली, बूबलन को तत्काल पार्टी से बाहर कर दिया गया. उन्होंने कहा, 'जैसे ही पार्टी को इसकी जानकारी मिली, संबंधित पदाधिकारी को हटा दिया गया. हम हर सदस्य का बैकग्राउंड चेक नहीं कर सकते. कई बार लोग नेताओं के साथ तस्वीरें भी खिंचवा लेते हैं.' सत्य कुमार ने यह भी कहा कि पहले DMK शासनकाल में जाफर सादिक की गिरफ्तारी के बाद DMK ने भी उन्हें पार्टी से बाहर किया था.
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