तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की है. सीएम बनने के बाद विजय ने पहली बार प्रधानमंत्री से मुलाकात की है. ये मुलाकात तब हो रही है जब 'मेकेदातु प्रोजेक्ट' को लेकर कर्नाटक और तमिलनाडु आमने-सामने हैं. बीते दिन सीएम विजय ने प्रधानमंत्री को इस मामले में चिट्ठी भी लिखी थी. मुख्यमंत्री विजय ने पीएम से कर्नाटक के मेकेदातु में बांध बनाने के प्रस्ताव को खारिज करने का आग्रह किया था.
सीएम विजय ने पीएम मोदी से की ये मांग
पीएम मोदी के साथ मुलाकात में सीएम विजय ने होम मिनिस्ट्री को अपना सर्कुलर बदलने का निर्देश देने को कहा है. तमिलनाडु सीएम ने मांग की है कि सरकारी प्रोग्राम की शुरुआत में राष्ट्रगान बजाया जाए. अभी वंदे मातरम गाया जा रहा है.
विजय ने नीदरलैंड्स ने चोल राजवंश की ऐतिहासिक तांबे की प्लेटें (ताम्रपत्र) वापस लाने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया.
Chief Minister of Tamil Nadu, Thiru @actorvijay met Prime Minister @narendramodi today.@CMOTamilnadu pic.twitter.com/xwE8THhDEV
— PMO India (@PMOIndia) May 27, 2026
प्रधानमंत्री ने मुलाकात के बाद सीएम विजय दिल्ली के तामिलनाडु हाउस पहुंचे. यहां पहुंचने के बाद तमिलनाडु हाउस की चीफ रेजिडेंट कमिश्नर और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी, टी.एम.टी. आर. जया ने उनका स्वागत किया.
'मेकेदातु प्रोजेक्ट' को लेकर क्यों आमने सामने हैं कर्नाटक-तमिलनाडु?
कर्नाटक रामनगर जिले के कनकपुरा के पास मेकेदातु में एक बांध बनाने की योजना बना रहा है. विजय का तर्क है कि बांध बनाना कावेरी वाटर ट्रिब्यूनल के उस फैसले के खिलाफ होगा, जिसे सुप्रीम कोर्ट ने भी सही ठहराया है.
कोर्ट के फैसले के मुताबिक, मेकेदातु बांध बनाने के लिए कर्नाटक को तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी की रजामंदी चाहिए होगी. बीते दिन सीएम विजय ने इसपर ही कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को कर्नाटक सरकार को यह सलाह देनी चाहिए कि वे नदी के निचले हिस्से में स्थित राज्यों की सहमति के बिना कोई भी नई परियोजना शुरू न करें और न ही सुप्रीम कोर्ट के फैसले का उल्लंघन करें.
यह भी पढ़ें: कर्नाटक में बिहार मॉडल: बीजेपी ने जो नीतीश के साथ किया, कांग्रेस वही सिद्धारमैया के साथ करेगी?