विज्ञापन
Story ProgressBack

सुप्रीम कोर्ट वकीलों को अब Whatsapp पर देगा ऐसे मुकदमों की जानकारी

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ''यह एक क्रांतिकारी कदम है.''मुख्य न्यायाधीश (CJI Chandrachud) ने शीर्ष अदालत का आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर भी साझा किया और कहा कि इस पर कोई संदेश और कॉल प्राप्त नहीं होगा.

Read Time: 3 mins
सुप्रीम कोर्ट वकीलों को अब Whatsapp पर देगा ऐसे मुकदमों की जानकारी
सुप्रीम कोर्ट व्हाट्सऐप मैसेज के जरिए वकीलों देगा केस की जानकारी.(प्रतीकात्मक फोटो)
नई दिल्ली:

भारत के मुख्य न्यायाधीश डी वाई चंद्रचूड़ ने गुरुवार को घोषणा की कि सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) व्हाट्सऐप संदेशों के माध्यम से अधिवक्ताओं को वाद सूची और मामलों को दाखिल करने और सूचीबद्ध करने से संबंधित जानकारी साझा करना शुरू करेगा. प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली नौ न्यायाधीशों की पीठ ने याचिकाओं से उत्पन्न एक जटिल कानूनी सवाल पर सुनवाई शुरू करने से पहले न्यायमूर्ति चंड्रचूड़ (CJI DY Chandrachud) ने यह घोषणा की.

याचिकाओं से यह सवाल निकलकर सामने आया कि क्या निजी संपत्तियों को संविधान के अनुच्छेद 39 (बी) के तहत 'समुदाय के भौतिक संसाधन' माना जा सकता है, जो राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों (डीपीएसपी) का एक हिस्सा है. प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ''75वें वर्ष में उच्चतम न्यायालय ने एक पहल की है, जिसमें न्यायालय की आईटी सेवाओं के साथ व्हाट्सऐप संदेशों को एकीकृत कर न्याय तक पहुंच को और मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है.''

सुप्रीम कोर्ट की Tech पहल

सीजेआई ने कहा कि अब अधिवक्ताओं को मुकदमा दाखिल करने के बारे में ऑटोमेटेड संदेश प्राप्त होंगे. न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने यह भी कहा कि वाद सूची के प्रकाशित होने के बाद बार सदस्यों को उनके मोबाइल फोन पर सूची प्राप्त होगी. वाद सूची का मतलब एक तय तिथि पर अदालत द्वारा मुकदमे पर होनी वाली सुनवाई. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, ''यह एक क्रांतिकारी कदम है.'' प्रधान न्यायाधीश ने शीर्ष अदालत का आधिकारिक व्हाट्सऐप नंबर भी साझा किया और कहा कि इस पर कोई संदेश और कॉल प्राप्त नहीं होगा.

अदालत के कामकाज को डिजिटल बनाने की पहल

न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने कहा, ''इससे हमारी कामकाजी आदतों में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा और कागजात बचाने में काफी मदद मिलेगी.'' प्रधान न्यायाधीश चंद्रचूड़ के नेतृत्व में शीर्ष अदालत न्यायपालिका के कामकाज को डिजिटल बनाने के लिए कदम उठा रही है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने ई-कोर्ट परियोजना के लिए सात हजार करोड़ रुपये की मंजूरी दी है.

ये भी पढ़ें-चुनाव आयोग ने पीएम मोदी और राहुल गांधी के खिलाफ मिली शिकायतों पर बीजेपी और कांग्रेस से मांगा जवाब

ये भी पढ़ें-तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल का समन, IPL की अवैध स्ट्रीमिंग से जुड़ा है मामला

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
डार्क मोड/लाइट मोड पर जाएं
Our Offerings: NDTV
  • मध्य प्रदेश
  • राजस्थान
  • इंडिया
  • मराठी
  • 24X7
Choose Your Destination
Previous Article
ओडिशा : जगन्नाथ मंदिर के चारों द्वार खुले, सत्ता में आते ही सीएम माझी ने पूरा किया वादा
सुप्रीम कोर्ट वकीलों को अब Whatsapp पर देगा ऐसे मुकदमों की जानकारी
Modi 3.0: कौन-कौन से मंत्रालय अपने पास रखना चाहेगी बीजेपी, स्‍पीकर पद का क्‍या होगा?
Next Article
Modi 3.0: कौन-कौन से मंत्रालय अपने पास रखना चाहेगी बीजेपी, स्‍पीकर पद का क्‍या होगा?
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com
;