विज्ञापन

नजरें नहीं मिलीं, सिर्फ हाथ मिले! क्या पुष्कर में राहुल गांधी ने दे दिया बड़ा राजनीतिक संदेश?

राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं से हाथ मिलाते हुए राहुल गांधी ने उनकी खुलकर प्रशंसा की.

राजस्थान के नेताओं से मिले राहुल गांधी
Rajasthan:

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) सोमवार (1 जून) को राजस्थान दौरे पर थे, जिसमें खासकर वह पुष्कर के लिए आए थे. राहुल गांधी का यह दौरा में पार्टी संगठन को लेकर महत्वपूर्ण था, लेकिन पुष्कर में कांग्रेस की महत्वपूर्ण बैठक के दौरान एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है. सवाल यह है कि क्या राहुल गांधी ने अपने व्यवहार के जरिए राजस्थान कांग्रेस (Rajasthan Congress) को कोई बड़ा संदेश देने की कोशिश की? इतना ही नहीं जब वह हेलीपैड से उतरे तो उनकी नेताओं से मुलाकात इसी संकेत की ओर इशारा की जो अब वायरल हो गया है.

राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस की प्रशंसा की

हेलीपैड पर उतरते ही राहुल गांधी ने राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का गर्मजोशी से स्वागत किया. दोनों नेताओं से हाथ मिलाते हुए राहुल गांधी ने उनकी खुलकर प्रशंसा की. उन्होंने अंग्रेज़ी में कहा कि राजस्थान में कांग्रेस संगठन बेहतर तरीके से काम कर रहा है और डोटासरा तथा जूली मिलकर पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं. राहुल ने यहां तक कहा कि वे राजस्थान के इस मॉडल का उदाहरण दूसरे राज्यों को भी देते हैं और चाहते हैं कि हर प्रदेश में इसी तरह सामंजस्य के साथ काम हो.

लेकिन इसके बाद जो हुआ, उसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. राहुल गांधी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से भी हाथ मिलाया, लेकिन इस दौरान उनकी नज़रें गहलोत से नहीं मिलीं. यह दृश्य कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक इसकी चर्चा हो रही है.

राहुल गांधी के संदेश के मायने

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह संदेश केवल राजस्थान तक सीमित नहीं हो सकता. राजस्थान में लंबे समय तक सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच चली खींचतान ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया. पहले सचिन पायलट ने खुलकर बगावती तेवर दिखाए, फिर अशोक गहलोत खेमे ने अपने तरीके से सत्ता और संगठन पर पकड़ बनाए रखी. इस अंदरूनी संघर्ष का असर चुनावी नतीजों पर भी दिखाई दिया.

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कांग्रेस के सभी बड़े नेता एकजुट होकर चुनाव लड़ते, तो कई सीटों पर तस्वीर अलग हो सकती थी. ऐसी अनेक सीटें थीं जहां वोटों का बिखराव कांग्रेस को भारी पड़ा. और यह सिर्फ राजस्थान की कहानी नहीं है. मध्य प्रदेश में भी पुरानी और नई पीढ़ी के नेताओं के बीच टकराव ने कांग्रेस को नुकसान पहुंचाया. वहां पार्टी सरकार बनाने के बाद भी उसे बचा नहीं सकी.

कांग्रेस नेताओं को संदेश

ऐसे में जब राहुल गांधी सार्वजनिक मंच से डोटासरा और टीकाराम जूली की जोड़ी की तारीफ करते हैं और "मिलकर काम करने" को आदर्श बताते हैं, तो इसे केवल एक सामान्य टिप्पणी नहीं माना जा रहा. कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि राहुल गांधी कांग्रेस के नेताओं को एकजुटता का संदेश देना चाहते हैं.

पुष्कर के हेलीपैड पर कैद हुआ यह छोटा सा वीडियो अब कांग्रेस की आंतरिक राजनीति के बड़े संकेत के रूप में देखा जा रहा है. नज़रें नहीं मिलीं, लेकिन राजनीतिक संदेश शायद बहुत साफ़ था. यही वजह है कि पुष्कर की यह मुलाकात और यह वायरल वीडियो आज की कांग्रेस की राजनीति का सबसे चर्चित और महत्वपूर्ण पल बन गया है.

यह भी पढ़ेंः 

राहुल गांधी के राजस्थान दौरे में क्या-क्या हुआ, पायलट से चाय पर चर्चा से लेकर डोटासरा और जूली को मिली शाबाशी

किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे राहुल गांधी, गहलोत-पायलट ने किया स्वागत; विधायक ने भेंट किया हल

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Rahul Gandhi, Ashok Gehlot, Govind Singh Dotasra, Rajasthan Congress, Rahul Gandhi Rajasthan Tour
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com