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This Article is From Dec 29, 2023

Stock Market Outlook 2023 : साल 2023 में कैसा रहा शेयर बाजार का हाल? जानें डिटेल्स

Stock market in 2023: बीएसई सेंसेक्स इस साल 20 मार्च को 52 सप्ताह के निचले स्तर 57,084.91 अंक पर पहुंचने के बाद 28 दिसंबर को 72,484.34 अंक के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया.

Stock Market Outlook 2023 : साल 2023 में कैसा रहा शेयर बाजार का हाल? जानें डिटेल्स
Stock Market Outlook 2023: इस साल शेयर बाजार में शानदार तेजी के बदौलत निवेशकों की संपत्ति में 80.62 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई.
नई दिल्ली:

Year Ender 2023: शेयर बाजार  (Share Market) के लिए 2023 एक यादगार साल रहा. इस साल शेयर बाजार में शानदार तेजी के बदौलत निवेशकों की संपत्ति में 80.62 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई. शेयर बाजार में आई रिकॉर्ड तेजी के वजहों की बात करें तो एक्सपर्ट का मानना है कि भारत की मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियाद, तीन राज्यों में हाल ही में हुए चुनाव में बीजेपी की जीत से राजनीतिक स्थिरता, आशावादी कॉर्पोरेट आय दृष्टिकोण, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के अगले साल तीन संभावित दरों में कटौती को लेकर संकेत देने और भारी खुदरा निवेशकों की भागीदारी ने 2023 में शेयर बाजार में तेजी लाने में अहम भूमिका निभाई.

बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप उच्चतम स्तर पर
इस साल 28 दिसंबर तक 30 शेयर वाले बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) ने 11,569.64 अंक या 19 प्रतिशत की बढ़त हासिल की. इस साल अभी तक बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप 80,62,310.14 करोड़ रुपये बढ़कर 3,63,00,558.07 करोड़ रुपये के ऑल टाईम हाई पर पहुंच गया. कल यानी गुरुवार को कारोबार के अंत में बीएसई-सूचीबद्ध कंपनियों का मार्केट कैप उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था.

स्वस्तिक इन्वेस्टमार्ट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सुनील न्याति ने कहा कि भारतीय बाजार ने लचीलेपन का प्रदर्शन किया और व्यापक उभरते बाजारों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वालों में से एक बनकर उभरा है.

"उन्होंने कहा कि 2023 न केवल भारतीय शेयर बाजार के लिए एक अच्छा साल रहा, बल्कि खुदरा निवेशकों को भी इस साल मुनाफा हुआ.न्याति ने कहा, ‘‘ खुदरा निवेशक अब गिरावट के दौरान घबराते नहीं हैं, वे आत्मविश्वास से अपने निवेश को बरकरार रख रहे हैं और भारत की आर्थिक उन्नति के साथ चलने को तैयार हैं.'"


भारतीय बाजारों ने इस साल उस समय अपनी उपलब्धियों में और इजाफा किया जब बीएसई पर सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट इस साल 29 नवंबर को पहली बार 4000 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया.

कैसा रहा बीएसई स्मॉलकैप-मिडकैप इंडेक्स का परफॉर्मेंस?
बीएसई सेंसेक्स इस साल 20 मार्च को 52 सप्ताह के निचले स्तर 57,084.91 अंक पर पहुंचने के बाद 28 दिसंबर को 72,484.34 अंक के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया. इस वर्ष बीएसई इंडेक्स ने आठ में मासिक लाभ दर्ज किया, जबकि शेष चार में गिरावट आई. बीएसई इंडेक्स नवंबर में 4.87 प्रतिशत उछला, जबकि दिसंबर में अभी तक इसमें आठ प्रतिशत की तेजी आ चुकी है.

इस साल 28 दिसंबर तक बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स में 13,455.51 अंक या 46.51 प्रतिशत का उछल आया. वहीं मिडकैप इंडेक्स 11,213.69 अंक या 44.29 प्रतिशत चढ़ा है.

मोतीलाल ओसवाल ब्रोकिंग एंड डिस्ट्रीब्यूशन की ओर से जारी एक बयान के अनुसार, ‘‘ राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के राज्य चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के साथ 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद निवेशकों में राजनीतिक निरंतरता को लेकर विश्वास बढ़ा है....''बयान में कहा गया, ‘‘ यह भारत की वृहद तथा नीतिगत गति के लिए अच्छा संकेत है, जिसमें अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे अधिक वृद्धि हो रही है.''

एक्सपर्ट से जानें इंडेक्स में आई तेजी की वजह
बजाज आलियांज लाइफ इंश्योरेंस के मुख्य निवेश अधिकारी संपत रेड्डी ने कहा, ‘‘ मजबूत सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि, मध्यम मुद्रास्फीति, स्थिर रुपये और भारत के मजबूत व्यापक आर्थिक बुनियादी सिद्धांतों ने इस लचीलेपन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. वैश्विक स्थितियों में सुधार के साथ-साथ मुद्रास्फीति में नरमी, केंद्रीय बैंक द्वारा दरों में बढ़ोतरी पर रोक और आय में निरंतर वृद्धि के दम पर भारतीय सूचकांकों में तेजी आई. ''

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा, ‘‘ भारत में भारतीय अर्थव्यवस्था के मजबूत प्रदर्शन तथा अच्छी कॉर्पोरेट कमाई ने तेजी को बढ़ावा दिया. ''

रिलायंस इंडस्ट्रीज मार्केट कैप के लिहाज से नंबर-1
मार्केट कैप के लिहाज से टॉप पांच कंपनियों की बात करें तो रिलायंस इंडस्ट्रीज 17,63,001.81 करोड़ रुपये के साथ पहले नंबर पर है. 13,90,823.72 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज दूसरे नंबर पर, एचडीएफसी बैंक 12,94,593.58 करोड़ रुपये के साथ तीसरे, आईसीआईसीआई बैंक 7,05,236.23 करोड़ रुपये के साथ चौथे नंबर पर और इंफोसिस 6,48,713.08 करोड़ रुपये केमार्केट कैप के साथ पांचवे नंबर पर है.
 

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