गोवा के शिरगांव में लैराई जात्रा के दौरान मची भगदड़ में अभी तक 6 लोगों की मौत की बात सामने आई है. जबकि इस घटना में 10 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं. सभी घायलों का इलाज पास के अस्पताल में चल रहा है. भगदड़ किस वजह से मची इसे लेकर अभी जांच जारी है. पुलिस की शुरुआती जांच के अनुसार माना जा रहा है कि बिजली का झटका लगने की बात की अफवाह के फैलने के कारण ही जात्रा में मौजूद भक्तों के बीच भगदड़ मची है. हालांकि, इस घटना को लेकर अभी भी जांच जारी है, जांच पूरी होने के बाद ही भगदड़ मचने के मुख्य कारणों का पुख्ता तौर पर पता चल सकेगा.
क्यों खास है ये जात्रा
शिरगांव मंदिर में लैराई देवी मां की यात्रा के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी थी. लैराई देवी और उनके भाई-बहनों की यह यात्रा हर साल अप्रैल या मई में आयोजित की जाती है. लैराई को देवी पार्वती का अवतार माना जाता है. गोवा की लोककथाओं में सात बहन देवताओं में से एक लैराई देवी को भी शामिल किया गया है. इस उत्सव में गोवा, महाराष्ट्र और कर्नाटक से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं.
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मंदिर समिति के साथ समन्वय में कल रात भव्य आयोजन के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई थी.मंदिर में एक हजार से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे, जिनमें एक पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) स्तर का अधिकारी भी शामिल था. दर्जनों अन्य वरिष्ठ अधिकारी और सैकड़ों कांस्टेबल और महिला पुलिसकर्मी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा थे. जेबकतरों को रोकने के लिए कई अधिकारी सादे कपड़ों में थे.
गोवा रिजर्व पुलिस बल भी मौके पर था, सुचारू यातायात सुनिश्चित करने के लिए 300 से अधिक यातायात पुलिस कर्मियों को तैनात किया गया था. पुलिस ने भीड़ पर नजर रखने के लिए ड्रोन निगरानी का इस्तेमाल किया. एक वज्र वैन या दंगा नियंत्रण वाहन भी स्टैंडबाय पर था.
भक्त कर रहे थे रीति-रिवाज
इस घटना से कुछ देर पहले का एक वीडियो भी सामने आई है. इस वीडियो में आधी रात के दृश्यों में मंदिर में आग के चारों ओर भक्तों की भीड़ को एक रीति-रिवाज के तहत इकट्ठा होते हुए देखा जा सकता है, जिसमें आग के चारों ओर बैठकर मन्नतें मांगना शामिल है. भक्तों का मानना है कि अगर वे इस रस्म में भाग लेते हैं तो उनकी इच्छाएं पूरी होती हैं. कुछ लोग अंगारों पर भी चलते हैं. लेकिन यह पता नहीं चल पाया है कि भगदड़ के समय लोग इस रीति-रिवाज में भाग ले रहे थे या नहीं।
सुबह करीब 4-4:30 बजे, भीड़ में अचानक भीड़ देखी गई. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब भक्त भागने के लिए धक्का-मुक्की करने लगे, तो दहशत फैल गई और अफरा-तफरी मच गई. शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि भीड़भाड़ और भीड़ नियंत्रण उपायों की कमी के कारण भीड़ उमड़ी.
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