- शरद पवार अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी तबीयत को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हुई हैं.
- प्रफुल्ल पटेल ने शरद पवार से अस्पताल में मुलाकात की और स्वास्थ्य के साथ राजनीतिक विषयों पर भी चर्चा हुई.
- प्रफुल्ल पटेल ने अमित शाह से महाराष्ट्र सरकार के वित्त मंत्रालय को पुनः एनसीपी अजित गुट को देने की मांग की थी.
महाराष्ट्र के सीनियर नेता शरद पवार तबियत खराब होने के बाद अस्पताल में भर्ती हैं. एक तरफ वह अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं तो दूसरी तरफ महाराष्ट्र में सियासी हलचल भी तेज हैं. क्योंकि पिछले 48 घंटे में राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदला है. सबसे पहले पीएम मोदी ने शरद पवार को फोन फर उनका हालचाल जाना था. फिर बुधवार को एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल पहुंचे और शरद पवार से लंबे समय तक बंद कमरे में बातचीत की है. इस मुलाकात के बाद ही राजनीतिक पंडितों के बीच कई तरह के कयास लग रहे हैं.
प्रफुल्ल पटेल से शरद पवार ने की बातचीत
प्रफुल्ल पटेल ने इसे शरद पवार के साथ साधारण मुलाकात बताया है, उनका कहना है कि वह पवार का हालचाल लेने गए थे. लेकिन सूत्रों के मुताबिक बातचीत के दौरान शरद पवार ने प्रफुल्ल पटेल से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ उनकी हालिया मुलाकात के बारे में पूछा है. माना जा रहा है कि पवार ने पटेल से इस बारे में विस्तार से जानकारी मांगी कि क्या चर्चा हुई, किन राजनीतिक विषयों पर बात की गई और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) के अजित पवार गुट के प्रमुख नेताओं की हालिया दिल्ली यात्रा का असल मकसद क्या था.
पटेल ने यह भी कहा कि यह मुलाकात सिर्फ स्वास्थ्य पूछने के लिए थी, अस्पताल राजनीति की जगह नहीं है. लेकिन उन्होंने यह स्वीकार किया कि राजनीति पर भी सामान्य बातचीत हुई. उन्होंने डिटेल नहीं बताई, बस इतना कहा कि 10 नवंबर के बाद फिर मुलाकात होगी. उनसे पहले उसी दिन मंत्री छगन भुजबल और कांग्रेस विधायक विश्वजीत कदम भी पवार से मिलने पहुंचे थे. जिससे सियासी हलचल तेज है
अमित शाह से मिल चुके हैं प्रफुल्ल पटेल
दरअसल, 1 नवंबर को प्रफुल्ल पटेल एनसीपी के 5 अन्य नेताओं के साथ अमित शाह से मुलाकात की थी. खास बात यह है कि इस मुलाकात में डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार और उनके बेटे सांसद पार्थ पवार नहीं थे. सूत्रों के मुताबिक बताया गया था कि इस मुलाकात में महाराष्ट्र सरकार में वित्त मंत्रालय फिर से वापस एनसीपी अजित गुट को देने की मांग हुी थी. लेकिन राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि इन नेताओं ने शाह से पार्थ पवार के एकतरफा कामकाज और संगठन के कमजोर होने की शिकायत की थी. इसके बाद 3 नवंबर को पटेल, भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल ने उपमुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख सुनेत्रा पवार की अगुवाई वाली कोर कमेटी को ब्रीफ किया और सुधार के लिए तुरंत कदम उठाने की मांग की थी. अब प्रफुल्ल पटेल शरद पवार से मिले हैं, इससे पहले पीएम मोदी ने भी फोन पर उनका हालचाल जाना था, जिसमें अहम बात हुई थी.
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शरद पवार की तबीयत का हालचाल लेने के लिए किए गए फोन और बातचीत में सुप्रिया सुले का विशेष रूप से जिक्र किए जाने के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई अटकलें शुरू हुई है. पवार के करीबी सूत्रों के अनुसार मोदी ने उनसे आराम करने को कहा और भरोसा दिलाया कि वह तथा सुप्रिया सुले देश की जिम्मेदारी संभाल लेंगे, जिस पर पवार ने जवाब दिया कि देश सुरक्षित हाथों में है.
क्या एनसीपी में फिर होगा बदलाव?
इन तमाम राजनीतिक हलचलों के बीच यह चर्चा जारी है कि क्या एनसीपी के दोनों गुटों में फिर से कोई बदलाव होने वाला है. क्योंकि 2023 में अजित पवार के बगावत के बाद एनसीपी दो हिस्सों में बंट गई थी, एक धड़ा अजित पवार के साथ बीजेपी के साथ महायुति में चला गया, दूसरा शरद पवार के साथ रहा. अब अजित पवार के निधन के बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार पार्टी की कमान संभाल रही हैं. ऐसे में पटेल की पवार से मुलाकात ने विलय की अटकलों को हवा दे दी है. हालांकि एनसीपी ने आधिकारिक तौर पर विलय से इनकार किया है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषक मान रहे हैं कि 10 नवंबर के बाद होने वाली अगली मुलाकात में इस पर गंभीर चर्चा हो सकती है.
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