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शादी कर बेटी को विदा करने की तैयारी थी, अब आखिरी विदाई की घड़ी, पायलट शांभवी की याद में सिसक रहा परिवार

शांभवी पाठक का परिवार दिल्ली के सफदरंज एनक्लेव में रहता है. पड़ोसियों ने उनके परिवार के बारे में कई बातें बताई हैं. अजित पवार के साथ बारामती प्लेन क्रैश में शांभवी समेत पांच लोगों की मौत हुई थी.

शादी कर बेटी को विदा करने की तैयारी थी, अब आखिरी विदाई की घड़ी, पायलट शांभवी की याद में सिसक रहा परिवार
Shambhavi Pathak
नई दिल्ली:

महाराष्ट्र के बारामती इलाके में बुधवार को हुए प्लेन क्रैश में डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ पांच लोगों की मौत हो गई. उन बदनसीबों में विमान की सह पायलट शांभवी पाठक थीं. शांभवी के साउथवेस्ट दिल्ली में सफदरजंग इनक्लेव वाले घर में सन्नाटा पसरा है. हर कोई हमेशा हंसती खिलखिलाती शांभवी को याद कर सिसक रहा है.सन्नाटा टूटता है, जब कोई शुभचिंतक आता है और परिवार को इस दुख भरी घड़ी में ढांढस बंधाने की कोशिश करता है. उस मां पर तो दुखों का पहाड़ सा टूट पड़ा है, जो 25 साल की बेटी की शादी कर उसे खुशी-खुशी घर से विदा करना चाहती थी, लेकिन बदकिस्मती से उसे आंसुओं के साथ आखिरी विदाई देनी पड़ रही है.  

प्लेन क्रैश में शांभवी की भी मौत

शांभवी वीएसआर वेंचर्स लियरजेट 45 प्लेन की सह पायलट थी और उस विमान हादसे के वक्त पायलट सुमित कपूर के साथ प्लेन में थीं, लेकिन बारामती हवाई पट्टी पर प्लेन लैंडिंग के कुछ वक्त पहले क्रैश हो गया. शांभवी की मां एयरफोर्स बाल भारती स्कूल में पढ़ाती हैं. उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. रिटायर्ड आर्मी पायलट पिता हादसे की सूचना मिलने के बाद पुणे रवाना हो गए हैं, ताकि बेटी के पार्थिव शरीर को वापस लाया जा सके. दोनों मां-बाप बेटी की शादी का सपना पूरा करने की सोच रहे थे. शांभवी का छोटा भाई 22 साल का है और नेवी में है. 

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हमेशा हंसती-मुस्कराती थी शांभवी

हमेशा हंसते-मुस्कराते प्यार से मिलने वाली शांभवी को याद करते हुए पड़ोस की शिल्पी भी उसका जिक्र करते हुए रो पड़ी. ब्यूटी पॉर्लर संचालक शिल्पी ने बताया कि वो बहुत प्यारी लड़की थी और बड़े प्यार से बात करती थी. एक डेढ़ महीने पहले उनके पार्लर आई थी. उन्होंने बताया कि मां उसके लिए दूल्हे तलाश रही थीं. मैंने भी कनाडा में रह रहे अपने बेटे से रिश्ता कराने का सोचा था. लेकिन पूरा परिवार बेहद प्यारा था. सबसे अच्छा व्यवहार करता था.

सिक्योरिटी गार्ड जीतेंद्र ने कहा कि पाठक परिवार पांच साल पहले रहने आया था. उन्होंने बताया कि वो हमेशा नमस्ते करते थी. वो मोहल्ले में होने वाले कार्यक्रमों में भी हंसी खुशी शामिल होते थे. कुछ और पड़ोसियों ने कहा कि शांभवी में गजब का आत्मविश्वास झलकता था. परिवार के लिए यह असहनीय दुख की घड़ी है. 

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4 साल से VSR वेंचर्स से जुड़ी

शांभवी पाठक 2022 से VSR वेंचर्स में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर जुड़ी हुई थीं. उन्होंने न्यूजीलैंड में फ्लाइट ट्रेनिंग लेने से पहले एयर फोर्स बाल भारती स्कूल में पढ़ाई की.फिर कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल किया. शांभवी ने मुंबई यूनिवर्सिटी से एयरोनॉटिक्स में ग्रेजुएशन की और उनके पास फ्रोजन ATPL के साथ-साथ कई एविएशन सर्टिफिकेशन भी थे. इसमें फ्लाइट इंस्ट्रक्टर रेटिंग भी शामिल है.


 

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