- बारामती विमान दुर्घटना की शुरुआती जांच में लैंडिंग के दौरान पायलट की रनवे पोजिशन आंकने में गलती सामने आई है
- खराब विजिबिलिटी के कारण विमान को पुणे डायवर्ट करने का विकल्प था, लेकिन पायलट ने दूसरी लैंडिंग की कोशिश की
- लैंडिंग के वक्त पायलट ने विमान की स्पीड और पोजीशनिंग सुधारने का प्रयास किया, जो समय पर सफल नहीं हो पाया
Baramati Plane Crash Investigation: महाराष्ट्र के बारामती प्लेन क्रैश की जांच की शुरुआती रिपोर्ट लैंडिंग के दौरान पायलट की ओर से चूक होने का अंदेशा जता रही है. सूत्रों के मुताबिक, ऐसा हो सकता है कि पायलट ने रनवे की पोजिशन आंकने में गलती हो गई हो, हालांकि अभी ये प्रारंभिक जानकारी है. सूत्रों ने बताया है कि शुरुआती तथ्यों से पता चलता है कि दूसरी लैंडिंग की कोशिश के दौरान शायद पायलट से गलती हुई होगी. बताया गया है कि विजिबिलिटी खराब थी और विमान को पुणे डायवर्ट किया जा सकता था. सूत्रों का कहना है कि पायलट ने विमान को फिर से सही करने की कोशिश की लेकिन स्पीड और पोजीशनिंग की वजह से यह कोशिश बहुत देर हो चुकी थी.
बारामती प्लेन क्रैश शुरुआती जांच से पता चलता है कि तय समय पर लैंड करने का दबाव था, जो VIP फ्लाइट्स और हेलीकॉप्टर ऑपरेशंस में आम बात है. सूत्रों ने आगे कहा कि एक अनियंत्रित एयरफील्ड पर इस तरह का एप्रोच करना जोखिम भरा माना जाता है, खासकर जब कुछ मिनट पहले तक रनवे दिखाई नहीं दे रहा था. जांचकर्ता फ्लाइट अलाइनमेंट, रनवे से दूरी और घटनाओं के क्रम की जांच कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें - शादी कर बेटी को विदा करने की तैयारी थी, अब आखिरी विदाई की घड़ी, पायलट शांभवी की याद में सिसक रहा परिवार
अजित पवार का प्लेन उड़ा रहे पायलट ने मुंबई उड़ान के बाद 8.18 बजे पहली बार लैंडिंग का प्रयास किया. लेकिन खराब मौसम में कम रोशनी की बात जब पायलट सुमित कपूर ने एयर कंट्रोल रूम को बताई तो उन्हें गो अराउंड यानी एक चक्कर लगाने को कहा गया. दूसरी बार प्लेन ने 8.45 बजे के करीब लैंडिंग का प्रयास किया. एटीसी ने तब भी उनसे पूछा था कि क्या उन्हें रनवे नजर आ रहा है तो उन्होंने सहमति जताई. इसके बाद लैंडिंग की कोशिश की, लेकिन प्लेन रनवे से कुछ दूरी पर ही क्रैश हो गया.
ये भी पढ़ें- जब भगवान का नाम जपने लगे थे अजित पवार... खतरे में थी जान, तब फडणवीस की सलाह काम आई
गौरतलब है कि मुंबई से वीएसआर वेंचर्स के लियरजेट 45 प्लेन ने बुधवार सुबह 8.10 बजे उड़ान भरी थी और दूसरी बार लैंडिंग के प्रयास में वो 8.46 बजे दुर्घटनाग्रस्त हो गया. बारामती एयरस्ट्रिप काफी ऊंचाई पर है और प्लेन रनवे के 50 मीटर दूर निचले इलाके में जाकर गिरा. प्लेन गिरते ही जोरदार धमाका हुआ और वो आग के गोले में तब्दील हो गया. विमान में सवार, अजित पवार, पायलट सुमित कपूर, सह पायलट शांभवी पाठक और डिप्टी सीएम के दो अंगरक्षक भी मारे गए थे.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं