विज्ञापन

‘बल्लेबाजी करने वाली टीम ही अंपायर चुने, तो फैसलों पर सवाल रहेगा’, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर बोले SC जज

चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता की क्रिकेट वाली टिप्पणी चर्चा में है. 

‘बल्लेबाजी करने वाली टीम ही अंपायर चुने, तो फैसलों पर सवाल रहेगा’, चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर बोले SC जज
सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता की क्रिकेट वाली टिप्पणी चर्चा में है. 

मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति से जुड़े 2023 के कानून पर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस दीपांकर दत्ता की टिप्पणी चर्चा का विषय बन गई है. उन्होंने चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्था की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर जोर देते हुए क्रिकेट का उदाहरण दिया.

कोर्ट में जस्टिस दत्ता ने कहा, "जिस टीम को बल्लेबाजी करनी है, अगर वही अंपायर का चयन करे तो निष्पक्षता पर हमेशा सवाल रहेगा. अंपायर सही फैसला दे तब भी उसकी निष्पक्षता संदेह के घेरे में रहेगी. ऐसे अंपायर को हमेशा उस टीम के प्रति वफादार माना जाने का संदेह बना रहेगा. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की प्रक्रिया भी ऐसी ही स्थिति से मुक्त होनी चाहिए, ताकि उनकी स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर कोई संदेह न रहे." उनकी इस टिप्पणी को चुनाव आयोग की स्वायत्तता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता से जोड़कर देखा जा रहा है.

क्रिकेट से खास जुड़ाव रखते हैं जस्टिस दत्ता

दिलचस्प बात यह है कि जस्टिस दीपांकर दत्ता सिर्फ क्रिकेट का उदाहरण देने भर तक सीमित नहीं हैं. उनका क्रिकेट से पुराना और गहरा रिश्ता रहा है. कानूनी गलियारों में उन्हें एक बेहतरीन क्रिकेट खिलाड़ी के रूप में भी जाना जाता है. सूत्रों के अनुसार जस्टिस दत्ता बचपन से क्रिकेट के शौकीन रहे हैं. कॉलेज के दिनों में उन्होंने कई टूर्नामेंट खेले और कई ट्रॉफियां भी जीतीं. एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें क्रिकेट और वकालत में से किसी एक को चुनना था. उन्होंने वकालत को पेशा बनाया लेकिन क्रिकेट से दूरी नहीं बनाई. इसके साथ ही क्रिकेट के मैदान पर उनका स्ट्रेट ड्राइव जितना सीधा और बेबाक है, इंसाफ के मैदान पर बतौर जज उनकी राय भी उतनी ही स्पष्ट और बेबाक रही है.

Latest and Breaking News on NDTV

आज भी मैदान पर दिखाते हैं दम

61 वर्ष की उम्र में भी जस्टिस दत्ता क्रिकेट मैदान पर सक्रिय नजर आते हैं. वह CJI XI टीम के प्रमुख खिलाड़ियों और ओपनिंग बल्लेबाजों में गिने जाते हैं. मई में गुवाहाटी में आयोजित एक क्रिकेट टूर्नामेंट में उन्होंने बॉम्बे हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ताओं की टीम के खिलाफ शानदार अर्धशतक लगाया था.

इससे पहले 2023 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में जजों और वरिष्ठ वकीलों के बीच खेले गए टी-20 मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 27 गेंदों पर 44 रन बनाए थे. उनकी पारी में सात चौके शामिल थे. क्रिकेट खेलने वालों का कहना है कि जस्टिस दत्ता न सिर्फ अच्छे बल्लेबाज हैं बल्कि खेल की बारीक समझ भी रखते हैं.

अदालत में भी बेबाक राय के लिए मशहूर

जस्टिस दत्ता को अदालत में स्पष्ट और बेबाक टिप्पणियों के लिए भी जाना जाता है. कई अहम मामलों में उन्होंने खुलकर अपनी राय रखी है. पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा से जुड़े विवाद पर भी तीखी टिप्पणी की थी.

Latest and Breaking News on NDTV

कानूनी जानकारों का मानना है कि क्रिकेट के मैदान से लेकर अदालत तक जस्टिस दत्ता की शैली साफ और सीधी रही है. चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति पर उनकी हालिया टिप्पणी भी इसी वजह से व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है.

यह भी पढ़ें- चुनाव आयुक्तों के बीच चर्चा तानाशाही नहीं, लोकतंत्र की निशानी... SIR विवाद पर बोले BJP MP संबित पात्रा

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Supreme Court, Election Commissioner Appointment, Supreme Court Observation
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com