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CJI पर टिप्पणी के बाद संजय राउत ने मांगी बिना शर्त माफी, फिर भी सुप्रीम कोर्ट सख्त, अब 17 नवंबर को फैसला

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने CJI और सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ की गई टिप्पणियों पर बिना शर्त माफी मांगी है. सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट से संजय राउत की बिना शर्त माफी
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  • सुप्रीम कोर्ट से माफी मांगने के बाद भी बढ़ी संजय राउत की मुश्किलें
  • अवमानना नोटिस के बाद झुके संजय राउत, CJI से कहा- मेरा कोई गलत इरादा नहीं था
  • अब सुप्रीम कोर्ट 17 नवंबर को करेगा संजय राउत की माफी पर फैसला
नई दिल्ली:

शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने न्यायपालिका और भारत के मुख्य न्यायाधीश को लेकर की गई टिप्पणियों पर सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. अपने हलफनामे में उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य कभी भी अदालत की गरिमा, स्वतंत्रता या अधिकार को ठेस पहुंचाना नहीं था. हालांकि सुनवाई के दौरान माफीनामा रिकॉर्ड पर नहीं मिला और उनकी ओर से कोई वकील भी पेश नहीं हुआ. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होने का निर्देश दिया. उसी दिन अदालत उनकी माफी पर विचार कर आगे का फैसला करेगी.

हलफनामे में मांगी बिना शर्त माफी

संजय राउत ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल अपने हलफनामे में कहा कि वह न्यायपालिका की गरिमा, स्वतंत्रता और अधिकार बनाए रखने के महत्व को पूरी तरह समझते हैं. उन्होंने कहा कि उनका किसी भी स्तर पर अदालत का अनादर करने या न्यायपालिका की प्रतिष्ठा को कम करने का कोई इरादा नहीं था. राउत ने अपने बयानों के लिए "बिना शर्त, पूरी तरह और स्वेच्छा से" माफी मांगी है.

बयान पर जताया खेद

हलफनामे में राउत ने कहा कि उनके कुछ बयान बिना पर्याप्त पुष्टि और सावधानी के दिए गए थे, जिनसे न्यायपालिका पर अनुचित टिप्पणी होने की संभावना बन सकती थी. उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य सुप्रीम कोर्ट की छवि को नुकसान पहुंचाना, उसके अधिकार को कमजोर करना या किसी न्यायाधीश की निष्पक्षता और स्वतंत्रता पर सवाल उठाना नहीं था.

आगे पूरी सावधानी बरतेंगे

संजय राउत ने अदालत को भरोसा दिलाया कि भविष्य में न्यायपालिका से जुड़े किसी भी सार्वजनिक बयान में वह पूरी सावधानी और संयम बरतेंगे. उन्होंने यह भी कहा कि किसी न्यायाधीश के आचरण या न्यायपालिका से जुड़े तथ्यों पर सार्वजनिक टिप्पणी करने से पहले उनकी पूरी तरह पुष्टि करेंगे.

कोर्ट ने किया तलब

मामले की सुनवाई के दौरान यह सामने आया कि माफीनामा अदालत के रिकॉर्ड में उपलब्ध नहीं था. इसके अलावा बुधवार को राउत की ओर से कोई अधिवक्ता भी अदालत में उपस्थित नहीं हुआ. इसी स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत को 17 नवंबर को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का निर्देश दिया है.

17 नवंबर को होगा अगला फैसला

सुप्रीम कोर्ट अब 17 नवंबर को संजय राउत की ओर से दाखिल माफीनामे पर विचार करेगा. उसी दिन अदालत यह तय करेगी कि माफी स्वीकार की जाए या मामले में आगे क्या कार्रवाई की जाए.

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