- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले सपा के तीन बागी विधायक बीजेपी में शामिल हो गए.
- सपा के विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा की सदस्यता ली.
- तीनों विधायकों ने 2024 के राज्यसभा चुनाव में सपा की जगह भाजपा प्रत्याशियों को वोट किया था.
उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के तीन बागी विधायक आज भाजपा में शामिल हो गए हैं. अमेठी में आयोजित कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और पार्टी की महासचिव स्मृति ईरानी ने सपा के बागी विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह और विनोद चतुर्वेदी को भाजपा की सदस्यता दिलाई है. तीनों ने 2 साल पहले अखिलेश यादव से बगावत कर दी थी. जिसके बाद से वह सपा से दूर हो गए थे और पार्टी के राजनीतिक कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं ले रहे थे. राजनीतक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा अब तीनों को उनकी सीटों से आगामी यूपी विधानसभा चुनाव में टिकट दे सकती है.
स्मृति ईरानी ने दिलाई सदस्यता
अमेठी की गौरीगंज विधानसभा सीट से विधायक अभय सिंह, अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह और जालौन जिले की कालपी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने भाजपा की सदस्यता ली है. तीनों विधायकों ने 2 साल पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान सपा से वगावत की थी. तीनों ने पार्टी लाइन से हटते हुए भाजपा उम्मीदवार के पक्ष में वोट किया था. जिसके बाद से ही उनके भाजपा में जाने की चर्चा शुरू हो गई थी. 2025 में समाजवादी पार्टी ने इन्हें निष्कासित कर दिया था. जिसके बाद उनका भाजपा में जाने का रास्ता आसान हो गया था. जहां आज समाजवादी पार्टी के तीनों बागी विधायकों को यूपी बीजेपी अध्यक्ष पंकज चौधरी ने राष्ट्रीय महामंत्री स्मृति ईरानी ने सदस्यता दिलाई.
2027 में भाजपा से लड़ सकते हैं चुनाव
माना जा रहा है कि यह तीनों विधायक 2027 का विधानसभा चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ सकते हैं. तीनों विधायकों का दावा है कि उनके साथ इलाके के बड़ी संख्या सपा नेता और कार्यकर्ताओं ने भी भाजपा की सदस्यता ली है.
अखिलेश यादव पर साधा निशाना
जालौन जिले की कालापी सीट से विधायक विनोद चतुर्वेदी ने अखिलेश यादव पर बड़ा आरोप लगाया है. उन्होंने कहा 'जब पीएम मोदी ने भगवान राम के मंदिर का उद्घाटन किया तो सदन में हमारे अध्यक्ष ने कहा था कि दर्शन के लिए जो भी चलना चाहे, वो चले लेकिन हमारे हाईकमान ने कहा कि नहीं कर सकते हैं. ये आस्था पर चोट थी. दूसरा सीएम योगी आदित्यनाथ ने जैसा विकास किया है, वैसा विकास किसी ने नहीं किया. जनता को विकास चाहिए और हम उस विकास के लिए ही चुने जाते हैं. जिस सरकार ने इतना विकास किया है, हम उसके साथ हैं.' वहीं विधायक अभय सिंह ने कहा 'जो मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम का विरोध करें, जो राष्ट्र का विरोध करेंगे, हम लोग उसके विरोधी हो जाएंगे. मर्यादा पुरुषोत्तम राम के बारे में जन-जन तक हिंदी और अवधि में पहुंचाने वाले, तुलसीदास ने राम चरित मानस को लिखा. उस रामचरित मानस को जलाया जाए, फाड़ा जाए. उसके बाद इस घटना पर कोई टिप्पणी न की जाए। उसके बाद दर्शन से रोका जाए. ये सब चीजें ऐसी हैं जो उचित नहीं हैं.'
तीनों विधायको का राजनीतिक सफर
अमेठी की गौरीगंज सीट से विधायक राकेश प्रताप सिंह लंबे समय से समाजवादी पार्टी के साथ थे. वह 2012, 2017 और 2022 से लगातार तीन बार से सपा के टिकट पर गौरीगंज सीट से विधायक बन रहे थे. लेकिन 2024 में उन्होंने सपा से बगावत कर दी और राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में मतदान किया था.
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वहीं अयोध्या की गोसाईंगंज सीट से विधायक अभय सिंह भी समाजवादी पार्टी के सीनियर नेता माने जाते थे. 2012 में उन्होंने पहली बार गोसाईंगंज सीट से जीत हासिल की थी. लेकिन 2017 के चुनाव में उन्हें हार मिली थी. 2022 में उन्होंने दोबारा यह सीट जीत ली थी. लेकिन अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं.
जालौन जिले की कालपी से विधायक विनोद चतुर्वेदी का राजनीतिक सफर कई दलों में रहा है. वह कांग्रेस से 2007 में पहली बार विधायक बने थे. 2021 में कांग्रेस छोड़कर सपा में शामिल हो गए और 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा के टिकट पर कालपी विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे. अब वह भाजपा में शामिल हो गए हैं.
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