Ujjain Building Collapse Video: मध्य प्रदेश के उज्जैन में सोमवार रात एक बड़ा हादसा होते‑होते टल गया. ढाबा रोड पर स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक भरभराकर गिर गया. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, क्योंकि मकान पहले ही खाली करा लिया गया था. मकान गिरने का लाइव वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए की गई गहरी खुदाई इस हादसे की बड़ी वजह बनी.
ढाबा रोड पर गिरा तीन मंजिला मकान
यह घटना उज्जैन के ढाबा रोड की है, जहां सड़क चौड़ीकरण का काम चल रहा है. इस दौरान नाले के लिए सड़क किनारे गहरे गड्ढे खोदे गए थे. बताया जा रहा है कि इसी वजह से आसपास के मकानों की नींव कमजोर हो गई. सोमवार रात मनोज भावसार का करीब 15 साल पुराना तीन मंजिला मकान अचानक गिर गया और कुछ ही पलों में मलबे में तब्दील हो गया.
पहले ही खाली करा लिया था मकान
हादसे से पहले स्थिति को भांपते हुए मकान में रहने वाले सभी लोग पहले ही घर खाली कर चुके थे. इसके साथ ही स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर आवाजाही भी बंद कर दी गई थी. इसी सतर्कता की वजह से रात के समय मकान गिरने के बावजूद किसी के घायल होने की खबर नहीं आई.
लाइव वीडियो हुआ वायरल
जैसे ही मकान गिरा, आसपास मौजूद लोगों ने इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया. वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि किस तरह अचानक पूरी इमारत एक झटके में ढह जाती है. थोड़ी ही देर में यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. हादसे की खबर मिलते ही सीएसपी पुष्पा प्रजापति पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचीं. नगर निगम के अमले को भी बुलाया गया और तुरंत मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया, ताकि रास्ता साफ किया जा सके और किसी अन्य नुकसान से बचा जा सके.
स्थानीय लोगों की सूझबूझ से बची जानें
स्थानीय रहवासियों ने बताया कि मकान गिरने के संकेत पहले से मिल रहे थे. उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों और सड़क चौड़ीकरण का काम कर रहे ठेकेदार को खतरे की जानकारी दी थी. इसके बावजूद काम में लापरवाही बरती गई. सोमवार शाम मोहम्मद आमिर, समीर खान, अल्तमश खान, राजेश गुप्ता, समीर जैन और अविनाश पांचाल ने खुद आगे बढ़कर सड़क पर आवाजाही रोक दी, जिससे बड़ा हादसा टल गया.
नगर निगम पर लगाए गंभीर आरोप
मकान मालिक मनोज भावसार और अली असगर ने नगर निगम पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं. उनका कहना है कि मकान केवल 15 साल पुराना था और पूरी तरह मजबूत था. सड़क चौड़ीकरण के लिए खोदे गए गहरे गड्ढों और पास में जमा पानी के कारण मकान की नींव कमजोर हो गई.
रहवासियों का यह भी आरोप है कि पोकलेन मशीन से आसपास के मकानों को तोड़ने का काम किया जा रहा था. करीब एक महीने से घरों की नींव में पानी जमा था, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया. इसी लापरवाही के चलते यह बड़ा हादसा हुआ.
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