- पुतिन आईटीसी मौर्या होटल में ठहरे हैं, जहां पूरा होटल उनके और स्टाफ के लिए पूरी तरह से आरक्षित है
- पुतिन के खाने-पीने का सामान और होटल के हर हिस्से की केजीबी जासूसों द्वारा सख्त जांच की जाती है
- पुतिन की स्टेट कार ऑरस सीनेट बुलेटप्रूफ, ब्लास्टप्रूफ और केमिकल अटैक से सुरक्षित विशेष डिजाइन की गई है
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दिल्ली में हैं. बताया जा रहा है कि इस समय उनकी सुरक्षा इतनी तगड़ी है जितनी रूस में भी नहीं होती. उनके होटल से लेकर आने-जाने वाले मार्गों की कई लेयर पर चेकिंग हो रही है. यहां तक की पुतिन जो खाना खा रहे हैं या पानी पी रहे हैं, उसकी भी कई लेवल पर जांच होती है. पुतिन की सुरक्षा में भारत के साथ-साथ केजीबी के जासूस और कमांडो भी लगे हुए हैं.
कौन-कौन सुरक्षा में लगा हुआ है
- पुतिन की सुरक्षा 6 लेयर में की जा रही है.
- पहले लेयर में दिल्ली पुलिस है.
- इसका काम ट्रैफिक मैनेजमेंट से लेकर पुतिन के आने-जाने वाले रास्तों की सिक्योरिटी क्लियरेंस है.
- दूसरा घेरा अर्धसैनिक बलों का है. इनका काम उनके होटल, आयोजन स्थल और रूट के पास भीड़ इक्ट्ठा नहीं होने देना और किसी भी संदिग्ध को देखते ही काबू करना है.
- तीसरा घेरा रॉ एजेंट्स का है. ये एक-एक चीज पर बारीक नजर रखते हैं. इन तक बाहर की हर सूचना पहुंचती है. साथ ही ये किसी भी खतरे को पल भर में आंककर उसका निपटारा करते हैं
- चौथा घेरा भारत के टॉप के कमांडो का है. ये किसी भी आपात स्थिति को काबू करने में माहिर होते हैं.
- पांचवां घेरा सुरक्षा फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (एफएसपी एजेंट्स )का है. ये एक-एक चीज का खास ख्याल रखते हैं. किसी भी खतरे के समय ये तुरंत कार्रवाई करते हैं. इनके टीम में साए की तरह साथ चलने वाले बॉडीगार्ड्स होते हैं.
- छठे लेयर में सादे कपड़ों में चलने वाले सीक्रेट एजेंट्स होते हैं. बिना ध्यान खींचे पुतिन के आस-पास लोगों पर नजर रखते है.
- सातवें लेयर में भारी हथियारों से लैस कमांडोज होते हैं. ये संदिग्ध लोगों को पुतिन के करीब आने से रोकते हैं. ये बिल्ली की तरह लचीले होते हैं. ये इतनी फुर्ती से काम करते हैं कि सामने वाले को पता ही नहीं चलता कि कब हमला हो गया.
- आठवें लेयर में होटल सहित हर आने-जाने वाले इमारतों की छतों पर अत्याधुनिक स्नाइपर्स लगातार तैनात रहते हैं. साथ में हमेशा एक बुलेट प्रूफ ब्रीफ ब्रीफकेस चलता है. जैमर्स साथ चलते हैं.
कहां ठहरे हैं पुतिन
सूत्रों के मुताबिक, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ITC मौर्या में ठहरे हुए हैं. समिट से पहले जिन होटलों की मांग में तेजी आई है, उनमें यह होटल भी शामिल है; यहां अभी कमरे का किराया 2 लाख रुपये प्रति रात से ज्यादा है. माना जा रहा है कि पूरा होटल रूसी राष्ट्रपति और उनके स्टाफ के लिए बुक है. उस होटल के आसपास भी किसी को जाने की अनुमति नहीं है. यहां तक की घोषित तौर पर बताया भी नहीं जा रहा कि कौन सा मेहमान किस होटल में रुका है या रुकने वाला है.
पुतिन की कार नहीं किला
पुतिन की आधिकारिक स्टेट कार 'ऑरस सीनेट' है. इसे रूस के ऑटोमोटिव रिसर्च इंस्टीट्यूट NAMI ने खास तौर पर रूसी राष्ट्रपति के लिए डिजाइन किया है. इसे अक्सर पहियों पर चलता किला या रूसी रोल्स-रॉयस भी कहा जाता है. ये कार बुलेटप्रूफ और ब्लास्टप्रूफ है. ये केमिकल और गैस अटैक में सुरक्षित रहती है. इसमें इमरजेंसी व संचार प्रणाली है, जो बम धमाके के बाद भी बंद नहीं होती. गोलियां लगने या टायर फटने के बावजूद कार तेज रफ्तार में सुरक्षित बाहर निकल सकती है. यही नहीं पुतिन के काफिले में 8 तरह की अलग-अलग एजेंसियों की गाड़ियां सुरक्षा में लगी रहती हैं.
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