दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में से एक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं, जहां वो BRICS समिट में हिस्सा लेंगे. पुतिन से पहले ही उनकी सिक्योरिटी भारत पहुंच चुकी थी और तमाम तरह की तैयारियों के बाद ही वो भारत लैंड हुए. पुतिन की सुरक्षा कुछ ऐसी होती है कि कोई परिंदा भी इसके इर्द-गिर्द पर नहीं मार सकता है. उनके खास प्लेन से लेकर गाड़ी तक की चर्चा तो आपने खूब सुनी होगी, लेकिन क्या आप जानते हैं कि पुतिन की सिक्योरिटी उनका एक बाल भी किसी दूसरे मुल्क में नहीं रहने देती है? यहां तक कि सुरक्षाकर्मी पुतिन का मल-मूत्र भी उठाकर वापस ले जाते हैं.
पूप सूटकेस में रखा जाता है मल-मूत्र
व्लादिमीर पुतिन की सुरक्षा कुछ ऐसी है कि उनके साथ हाथ मिलाना भी किसी के लिए आसान नहीं है. जब भी रूस के राष्ट्रपति किसी दूसरे देश की यात्रा करते हैं तो उनके साथ खास पूप सूटकेस जाता है, जिसमें उनके बायोलॉजिकल वेस्ट यानी मल-मूत्र को रखा जाता है. सिक्योरिटी वाले इसे खास तरह से प्रोसेस करके वापस रूस लेकर जाते हैं.
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क्या है इसकी वजह?
फेडरल प्रोटेक्टिव सर्विस (FSO) पुतिन की सुरक्षा का पूरा काम संभालती है. इस खास एजेंसी में रूसी खुफिया एजेंसी केजीबी के जासूस भी शामिल होते हैं. इनका काम हर हाल में पुतिन को सुरक्षित रखना है. पुतिन जब विदेश दौरों पर जाते हैं तो उनके मल-मूत्र को इसलिए कलेक्ट किया जाता है, क्योंकि उससे पुतिन का डीएनए किसी दूसरे देश को मिल सकता है और इसका उनके खिलाफ इस्तेमाल किया जा सकता है. साथ ही इस बायोलॉजिकल वेस्ट से दूसरे देश पता लगा सकते हैं कि पुतिन को कौन सी बीमारी है या किन चीजों से खतरा है.
नहीं छोड़ा जाता है कोई सैंपल
पुतिन की सुरक्षा में तैनात जवान इस बात का पूरा ख्याल रखते हैं कि उनका डीएनए सैंपल किसी भी हाल में दूसरे देश में नहीं छूटना चाहिए. यही वजह है कि उनके बैठने की जगह को भी इवेंट खत्म होने के बाद अच्छी तरह से सैनिटाइज किया जाता है. साथ ही होटल में बेडशीट और बाकी तमाम चीजों को भी बदला जाता है. यहां तक कि पुतिन होटल का खाना तक नहीं खाते हैं, उनके साथ अपना एक शेफ और फूड टेस्टिंग लैब होती है. कुल मिलाकर पुतिन की सुरक्षा ऐसी है कि उनका बाल भी बांका नहीं किया जा सकता है.
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