- तिरुक्कुरल ग्रंथ को पीएम मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को ब्रिक्स समिट में उपहार स्वरूप दिया था
- तिरुवल्लुवर द्वारा दो हजार वर्ष पूर्व रचित यह ग्रंथ आज भी अपने नैतिक और दार्शनिक संदेशों के लिए प्रासंगिक है
- ग्रंथ में मधुर वाणी, वाणी पर संयम, निस्वार्थ उपकार और कृतज्ञता जैसे विषयों पर महत्वपूर्ण शिक्षाएं दी गई हैं
तमिल भाषा में लिखा तिरुक्कुरल ग्रंथ फिर चर्चा में है. ब्रिक्स समिट के लिए आए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को पीएम मोदी ने रूसी भाषा में अनुवादित इस ग्रंथ को उपहार में भेंट किया. करीब 2000 साल पहले तमिल दार्शनिक संत तिरुवल्लुवर ने की थी, मगर इसके संदेश आज भी उतने ही समकालीन हैं, जितने 2000 साल पहले थे. यही कारण है कि पीएम मोदी ने राष्ट्रपति पुतिन को यह ग्रंथ उपहार में भेंट की है. इस ग्रंथ के हर दोहे में एक सीख है. यहां जानिए इस ग्रंथ की ऐसी ही 10 सीखें...
मधुर वाणी का महत्व
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: इनिय उलवाग इन्नाद कूरल, कनियिरुप्पक काय्कवर्न्द त्त्रु.
इसका हिंदी में अर्थ: जब मीठे और हितकारी वचन मौजूद हों, तब कटु शब्द बोलना पके हुए मीठे फल को छोड़कर कच्चा और कसैला फल खाने जैसा है.
वाणी पर नियंत्रण व संयम
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण:तीयिनाल सुट्टापुण उल्लाडुम आरादे, नाविनाल सुट्टा वडु.
इसका हिंदी में अर्थ: आग से जला हुआ घाव शरीर पर समय के साथ भर जाता है, लेकिन कटु वाणी से मन पर लगा हुआ घाव जीवनभर कभी नहीं भरता.
निस्वार्थ उपकार और कृतज्ञता
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: सेय्यामल् सेय्द उदविक्कु वैयगमुम, वानगमुम आट्रल् अरिदु.
इसका हिंदी में अर्थ: बिना किसी पूर्व बदले की भावना के यदि कोई आपकी निस्वार्थ सहायता करता है, तो उसके ऋण के बदले पृथ्वी और स्वर्ग दोनों मिलकर भी कम हैं.
कर्म और निरंतर प्रयास
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: दैवत्तान आगा देनिनुम मुयर्चिदन, मेय्वरुत्तक कूली तरुम.
इसका हिंदी में अर्थ: यदि भाग्य भी साथ न दे, तो भी शरीर और मन से किया गया कठोर परिश्रम उसका यथोचित फल अवश्य देता है.
विवेक और सत्य की पहचान
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: एप्पोरुल यारयारवाय्क केट्पिनुम अप्पोरुल, मेयप्पोरुल काणप तरिवु.
इसका हिंदी में अर्थ: कोई भी बात, चाहे किसी के भी मुंह से सुनी जाए, उसमें से अंतर्निहित सत्य को पहचानना ही वास्तविक बुद्धि और ज्ञान है.
सच्ची मित्रता की कसौटी
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: उडुक्कै इलन्दवन कैपोल आंगे, इडुक्कण कलैवदाम नट्पु.
इसका हिंदी में अर्थ: जैसे वस्त्र के खिसकते ही हाथ तुरंत बिना सोचे उसे संभालने पहुंच जाता है, वैसे ही मित्र पर संकट आते ही बिना बुलाए तुरंत रक्षा के लिए आगे आना ही सच्ची मित्रता है.
बुराई का उत्तर भलाई से
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: इन्नासेय्दारै ओरुत्तल अवरनाण, नन्नयम सेयदु विडल.
इसका हिंदी में अर्थ: अहित करने वाले को दंडित करने का सबसे श्रेष्ठ तरीका यह है कि उसके साथ भी भलाई की जाए, ताकि वह अपने किए पर लज्जित हो जाए, और फिर उस बात को भूल जाया जाए.
ईर्ष्या से मुक्ति
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: अव्वित्तु अलुक्कारु उडैयानै सेय्यवल, तव्वैयैक काट्दि विडुम.
इसका हिंदी में अर्थ: ईर्ष्यालु व्यक्ति को देखकर लक्ष्मी (समृद्धि) त्याग देती है और अपनी बड़ी बहन (दरिद्रता/ज्येष्ठा) को उसके पास सौंप देती है.
कृषि और अन्नदाता का महत्व
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: सुलन्ड्रुमएर्प पिन्नदु उलगम अदनाल, उलन्दुम उलवे तलै.
इसका हिंदी में अर्थ: यह संसार चाहे कितने भी विभिन्न व्यवसायों के पीछे दौड़ता रहे, अंततः वह हल (किसान) के पीछे ही चलता है; इसलिए समस्त श्रम में कृषि ही सर्वोपरि है.
आचरण और चरित्र की महत्ता
तमिल में मूल दोहे का हिंदी उच्चारण: ओलुकम विऴुप्पन तरलान ओलुकम, उयिरिनुम ओम्बप पडुम.
इसका हिंदी में अर्थ: सदाचार और अच्छा चरित्र ही व्यक्ति को सच्ची महानता प्रदान करता है, इसलिए अपने चरित्र की रक्षा प्राणों से भी बढ़कर करनी चाहिए.
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