- रविशंकर प्रसाद ने कहा, हमें अपने लोकतंत्र पर गर्व है
- अमिताभ कांत ने कहा था, भारत में ‘कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है'
- कहा था, इस कारण यहां कड़े सुधार लागू करना है कठिन
''Too Much Democracy" Remark: नीति आयोग (Niti Aayog) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) अमिताभ कांत (Amitabh Kant) ने मंगलवार को कहा था कि भारत में ‘कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है' जिसके कारण यहां कड़े सुधारों को लागू करना कठिन होता है. उन्होंने कहा था कि पहली बार केंद्र ने खनन, कोयला, श्रम, कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में कड़े सुधारों को आगे बढ़ाने की इच्छाशक्ति दिखाई है. ‘कुछ ज्यादा ही लोकतंत्र है' संबंधी उनकी टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया आई थी. अभिताभ कांत के इस कमेंट को लेकर सरकार को कई सवालों का सामना करना पड़ा. केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने कहा, हमें अपने लोकतंत्र पर गर्व है. अपनी इस प्रतिक्रिया के साथ ही सरकार ने अमिताभ कांत के कमेंट को लेकर आई प्रतिक्रियाओं को विराम देने की कोशिश की है.
क्या दिवंगत पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली का बयान भूल गए कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद?
स्वराज्य पत्रिका (Swarajya magazine) के कार्यक्रम को वीडियो कॉन्फ्रेन्स के जरिये संबोधित करते हुए कांत ने यह बात कही थी. उन्होंने जोर देकर कहा था कि देश को प्रतिस्पर्धी बनाने के लिये और बड़े सुधारों की जरूरत है. नीति आयोग के सीईओ ने कहा था, पहली बार केंद्र ने खनन, कोयला, श्रम, कृषि समेत विभिन्न क्षेत्रों में कड़े सुधारों को आगे बढ़ाया है. अब राज्यों को सुधारों के अगले चरण को आगे बढ़ाना चाहिए. कार्यक्रम में उन्होंने कहा था, ‘‘भारत के संदर्भ में कड़े सुधारों को लागू करना बहुत मुश्किल है. इसकी वजह यह है कि चीन के विपरीत हम एक लोकतांत्रिक देश हैं ... हमें वैश्विक चैंपियन बनाने पर जोर देना चाहिए. आपको इन सुधारों (खनन, कोयला, श्रम, कृषि) को आगे बढ़ाने के लिये राजनीतिक इच्छाशक्ति की जरूरत है और अभी भी कई सुधार हैं, जिन्हें आगे बढ़ाने की आवश्यकता है.'' उन्होंने यह भी कहा था कि कड़े सुधारों को आगे बढ़ाये बिना चीन से प्रतिस्पर्धा करना आसान नहीं है.
-
Ashwini Vaishnaw के ऑफिस में कुर्सी के पीछे क्यों लगी है कील? NDTV World Summit में खोला राज -
NDTV World Summit 2026: Asian Games में कैसे जीते 2 Gold Medal? Shooter Neeru Dhanda ने बताया -
AI न नौकरी खाएगा, न इंसानों की जगह लेगा... NDTV World Summit में माइक वॉल्श ने बता दिया AI का फ्यूचर -
महंगाई, GDP और AI पर RBI गवर्नर Sanjay Malhotra का बड़ा बयान, आम आदमी को कितनी राहत? | EXCLUSIVE -
Ashwini Vaishnaw की कुर्सी के पीछे की ओर क्यों लगी है कील? | EXCLUSIVE | NDTV World Summit 2026 -
रेलमंत्री वैष्णव ने बताया बुलेट ट्रेन में देरी की क्या रहीं वजहें, जापानी मंत्री के आरोपों का दिया जवाब -
NDTV World Summit 2026 | भारत पर साइबर अटैक का खतरा कितना बड़ा? Microsoft के निकोलस बट्स ने बताया -
AI पर भारत में आएगा कानून, NDTV World Summit में बोले अश्विनी वैष्णव- चंद हफ्तों में आएगा कंसल्टेशन पेपर -
NDTV World Summit 2026: सेमीकंडक्टर, AI और बुलेट ट्रेन पर क्या है भारत का मेगा प्लान? अश्विनी वैष्णव ने बताया -
'भारत के लिए खतरा बिल्कुल रियल': NDTV वर्ल्ड समिट में माइक्रोसॉफ्ट के AI विशेषज्ञ निकोलस बट्स
नीति आयोग के सीईओ ने इस बात पर जोर दिया था कि अगले दौर के सुधारों के लिये अब राज्यों को आगे आना चाहिए. उन्होंने कहा था, ‘‘अगर 10-12 राज्य उच्च दर से वृद्धि करेंगे, तब इसका कोई कारण नहीं कि भारत उच्च दर से विकास नहीं करेगा. हमने केंद्र शासित प्रदेशों से वितरण कंपनियों के निजीकरण के लिये कहा है.वितरण कंपनियों को अधिक प्रतिस्पर्धी होना चाहिए और सस्ती बिजली उपलब्ध करानी चाहिए.''मुख्य रूप से पंजाब और हरियाणा के किसानों के नये कृषि कानूनों को लेकर विरोध-प्रदर्शन से जुड़े सवाल के जवाब में कांत ने कहा कि कृषि क्षेत्र में सुधार की जरूरत है.उन्होंने कहा, ‘‘यह समझना जरूरी है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) व्यवस्था बनी रहेगी, मंडियों में जैसे काम होता है, वैसे ही होता रहेगा.. किसानों के पास अपनी रूचि के हिसाब से अपनी उपज बेचने का विकल्प होना चाहिए क्योंकि इससे उन्हें लाभ होगा. (भाषा से भी इनपुट)
किसानों ने सरकार का खारिज किया प्रस्ताव
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं