सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का फैसला पलट दिया है. हाई कोर्ट ने दो पक्षों में समझौता होने पर रेप का केस खत्म कर दिया था. लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि रेप जैसे गंभीर अपराधों में समझौते के आधार पर केस बंद नहीं हो सकता. जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की बेंच ने आरोपी को अग्रिम जमानत देते हुए यह बात कही और साथ ही निर्देश दिया कि मामले की सुनवाई आगे बढ़ाई जाए. बेंच ने आर्थिक समझौते के लालच में दर्ज कराई गई झूठी शिकायतों और दबाव डालकर किए गए समझौतों पर भी चिंता जताई है.
सुप्रीम कोर्ट ने कही अहम बात
याचिकाकर्ता ने रेप और SC/ST एक्ट के केस में अग्रिम जमानत मांगी थी. मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में याचिकाकर्ता के वकील ने बताया था कि दोनों पक्षों में समझौता हो गया है, इसलिए हाई कोर्ट ने अपनी विशेष शक्ति का इस्तेमाल कर केस खत्म कर दिया. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई है और कहा है कि अपराध की गंभीरता को देखते हुए हम थोड़े परेशान हैं.
कोर्ट ने कहा कि पुराने फैसलों में साफ कहा गया है कि रेप, हत्या, डकैती जैसे संगीन अपराधों में सिर्फ समझौते के आधार पर केस खत्म नहीं किया जा सकता. ये कोई निजी मामले नहीं हैं. सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सिर्फ समझौते के नाम पर केस खत्म करना गलत है. ऐसा करने से दो खतरे हैं:
- एक, आरोपी पीड़िता पर समझौते के लिए दबाव बना सकता है.
- दूसरा, कुछ लोग पैसे के लालच में झूठी शिकायत भी कर सकते हैं.
कोर्ट ने पीड़िता से बात भी की. पीड़िता ने कहा कि उस पर समझौते के लिए दबाव बनाया गया था, वह समझौते के लिए तैयार नहीं है, लेकिन उसे पैसों की जरूरत है. उसने कहा कि उसकी शिकायत सच्ची है. आखिर में सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट का आदेश रद्द कर दिया और ट्रायल चलाने को कहा. साथ ही आरोपी को शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी.
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