रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा छात्र आंदोलन शनिवार को 15वें दिन में प्रवेश कर गया. 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित धांधली और अनियमितताओं को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन अब झारखंड का बड़ा छात्र मुद्दा बन चुका है. पिछले दो सप्ताह से हजारों अभ्यर्थी परीक्षा की निष्पक्ष जांच और दोबारा परीक्षा कराने की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं. शुक्रवार को राज्य सरकार और आंदोलनकारी छात्रों के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत भी हुई, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल सका. इसके बाद छात्रों ने साफ कर दिया कि जब तक उनकी मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
15वें दिन भी आंदोलन जारी
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र लगातार धरने पर बैठे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा की प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं, जिनका जवाब सरकार और आयोग को देना चाहिए. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा में हुई कथित अनियमितताओं ने हजारों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है. इसलिए अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की जरूरत है.
#WATCH | JPSC-JSSC aspirants' protest in Ranchi (Jharkhand) | Student leader Devendra Nath Mahto says, "The team has told us that we will go for a dialogue to Circuit House at 10 am. Had the government agreed to our demands when the other students met them, then it wouldn't have… pic.twitter.com/oA89PujjHc
— ANI (@ANI) August 8, 2026
आज सर्किट हाउस में होगी बातचीत
छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा, "टीम ने हमें बताया है कि सुबह 10 बजे बातचीत के लिए हमें सर्किट हाउस जाना है. यदि सरकार ने पहले छात्रों के प्रतिनिधिमंडल से हुई बैठक में ही हमारी मांगें मान ली होतीं, तो हमारे जाने की जरूरत नहीं पड़ती. हममें से कितने लोग उनसे मिलने जाएंगे, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. हम सभी की मांगें एक ही हैं और उन मांगों को पूरा किया जाना चाहिए."
#WATCH | JPSC-JSSC aspirants' protest in Ranchi (Jharkhand) | Student protestor Kush Mahto says, "We have decided on 10 people, possibly, five from each side. The dialogue would take place under the leadership of Devendra Mahto... If our demands are not met, we will continue the… pic.twitter.com/1XOdsy1d7R
— ANI (@ANI) August 8, 2026
छात्र नेता की चेतावनी, प्रदेशभर के छात्र करेंगे भूख हड़ताल
छात्र आंदोलनकारी कुश महतो ने कहा, "हमने बातचीत के लिए 10 लोगों का प्रतिनिधिमंडल तय किया है. संभवतः दोनों पक्षों से पांच-पांच लोग शामिल होंगे. यह संवाद देवेंद्र महतो के नेतृत्व में होगा. अगर हमारी मांगें पूरी नहीं की गईं तो हम अपना अनशन जारी रखेंगे. हम हर दिन शारीरिक रूप से कमजोर होते जा रहे हैं, हमारी ऊर्जा कम हो रही है, लेकिन हमारा मनोबल नहीं टूट रहा है. यदि इस बार हेमंत सोरेन हमारी मांगों को पूरा नहीं करते हैं, तो झारखंड भर के छात्र हमारे इस भूख हड़ताल आंदोलन में शामिल होंगे."
इससे पहले सरकार से हुई वार्ता बेनतीजा रही
आंदोलन के 14वें दिन राज्य सरकार ने छात्र प्रतिनिधियों को वार्ता के लिए आमंत्रित किया. दोनों पक्षों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई. बैठक के दौरान छात्रों ने अपनी मांगें विस्तार से रखीं और पूरे मामले की जांच तथा जवाबदेही तय करने की मांग दोहराई. हालांकि वार्ता के बाद किसी तरह की औपचारिक घोषणा या सहमति सामने नहीं आई. यही वजह है कि आंदोलनकारी छात्र धरनास्थल छोड़ने को तैयार नहीं हैं.
दो प्रमुख मांगों पर अड़े हैं छात्र
फिलहाल आंदोलन का केंद्र दो मुख्य मांगों पर टिका हुआ है. पहली मांग यह है कि 14वीं JPSC पीटी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराई जाए. दूसरी मांग यह है कि 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा को रद्द कर दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए ताकि सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सके. छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के बिना परीक्षा परिणाम पर भरोसा करना मुश्किल है.
अब आगे क्या?
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या सरकार छात्रों की मांगों पर कोई ठोस फैसला लेगी? या फिर 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा? फिलहाल, 15वें दिन भी जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र डटे हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं.
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