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JPSC परीक्षा विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की उठी मांग

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 में कथित गड़बड़ियों का मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

JPSC परीक्षा विवाद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट, CBI जांच और परीक्षा रद्द करने की उठी मांग
JPSC का विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है.

झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 को लेकर चल रहा विवाद अब देश की सर्वोच्च अदालत तक पहुंच गया है. रांची में छात्रों के लगातार आंदोलन के बीच सामाजिक कार्यकर्ता हरिशरण देवगन ने सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर कर परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच और परीक्षा रद्द कर दोबारा आयोजित करने की मांग की है.

CBI जांच और स्वतंत्र समिति की मांग

याचिका में परीक्षा से जुड़ी कथित अनियमितताओं की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की गई है. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश या झारखंड से बाहर के किसी हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति गठित करने का भी अनुरोध किया गया है.

याचिकाकर्ता ने कहा है कि समिति में फोरेंसिक विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, OMR मूल्यांकन, परीक्षा सुरक्षा और लोक प्रशासन के विशेषज्ञों को शामिल किया जाए ताकि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो सके.

परीक्षा रद्द कर नए सिरे से कराने की मांग

जनहित याचिका में सुप्रीम कोर्ट से JPSC संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 को रद्द करने और नई परीक्षा आयोजित कराने का निर्देश देने की मांग की गई है. साथ ही नई परीक्षा अदालत द्वारा स्वीकृत सुरक्षा उपायों के तहत कराने की अपील भी की गई है.

OMR और रिकॉर्ड के ऑडिट की मांग

याचिका में OMR स्कैनिंग, कोडिंग, मूल्यांकन और परिणाम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया का स्वतंत्र ऑडिट कराने की मांग की गई है. इसके अलावा परीक्षा से जुड़े सभी भौतिक और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया गया है.

इन रिकॉर्ड में मूल OMR शीट, कार्बन कॉपी, प्रश्नपत्र, उत्तर कुंजी, उपस्थिति पत्रक, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड, CCTV फुटेज, स्कैनिंग रिकॉर्ड, मूल्यांकन डेटा और परिणाम तैयार करने से जुड़ा पूरा डिजिटल डेटा शामिल है.

OMR कॉपी वायरल होने के बाद बढ़ा विवाद

याचिका के अनुसार परीक्षा 19 अप्रैल 2026 को आयोजित हुई थी और 2 जुलाई 2026 को परिणाम घोषित किया गया. इसके बाद एक सफल अभ्यर्थी की OMR कार्बन कॉपी सोशल मीडिया पर वायरल हुई. आरोप लगाया गया कि अभ्यर्थी ने पहले प्रश्नपत्र में 100 में से केवल 48 प्रश्नों के उत्तर दिए थे, फिर भी उसे सफल घोषित कर दिया गया.

इस बीच JPSC ने CID केस संख्या 16/2026 में चल रही जांच का जिक्र करते हुए सफल उम्मीदवारों से 30 जुलाई से 5 अगस्त के बीच OMR शीट की कार्बन कॉपी जमा कराने को कहा था.

रांची में जारी है छात्रों का आंदोलन

परीक्षा विवाद को लेकर रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है. आंदोलन की शुरुआत 25 जुलाई को बापू वाटिका से हुई थी और बाद में यह जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम तक पहुंचा. छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो 3 अगस्त से स्वतंत्र जांच और भर्ती प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर अनशन पर बैठे हैं. अब इस पूरे मामले पर सुप्रीम कोर्ट के रुख पर छात्रों और अभ्यर्थियों की नजरें टिकी हैं.

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