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This Article is From Nov 10, 2022

रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक मान्यता मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब, दिया 4 हफ्ते का वक्त

याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल उठाया कि कई सालों से मामला अटका पड़ा है. सरकार को इतना बताना है कि वो रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक घोषित करना चाहती है या नहीं. 

रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक मान्यता मामला : सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से मांगा जवाब, दिया 4 हफ्ते का वक्त
दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाएगा.
नई दिल्ली:

रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को अपना रूख बताने के लिए चार हफ्ते का वक्त दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से कहा कि वो चार हफ्ते में याचिका पर हलफनामा दाखिल करे. इसके बाद दो हफ्ते में जवाबी हलफनामा दाखिल किया जाएगा. हालांकि याचिकाकर्ता सुब्रमण्यम स्वामी ने सवाल उठाया कि कई सालों से मामला अटका पड़ा है. सरकार को इतना बताना है कि वो रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक घोषित करना चाहती है या नहीं. दरअसल स्वामी ने 2020 में भी रामसेतु को ऐतिहासिक स्मारक के रूप में मान्यता देने की याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की थी. सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर कहा था कि इस मामले में तीन महीने बाद विचार किया जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को एक हलफनामा दाखिल करके अपना रुख भी स्पष्ट करने को कहा था. सुब्रमण्यम स्वामी ने सर्वोच्च अदालत में रामसेतु का मुद्दा उठाया था. उन्होंने साल 2018 में रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने की याचिका सुप्रीम कोर्ट में मेंशन की थी. इसमें उन्होंने कहा था कि कोर्ट ने इस पर केन्द्र सरकार को नोटिस जारी किया था. इतने साल हो गए लेकिन सरकार ने अभी तक याचिका का जवाब दाखिल नहीं किया. हालांकि केंद्र सरकार रामसेतु मामले पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर चुकी है. सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर सेतु समुद्रम परियोजना और राम सेतु के बारे में कहा था कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए प्रस्तावित सेतु समुद्रम परियोजना के लिए राम सेतु को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया जाएगा. परियोजना के लिए सरकार कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग तलाशेगी. स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि राम सेतु लाखों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है.  इसे न तोड़ा जाए और रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए.

परियोजना के लिए सरकार कोई दूसरा वैकल्पिक मार्ग तलाशेगी. स्वामी ने अपनी याचिका में कहा है कि राम सेतु लाखों हिन्दुओं की आस्था से जुड़ा है. इसे न तोड़ा जाए और रामसेतु को राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाए. 

इससे पहले NDA सरकार ने सितंबर 2019 में दायर एक हलफनामे में तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया था कि वह परियोजना के "सामाजिक-आर्थिक नुकसान" पर विचार कर रही है और 'रामसेतु 'शिपिंग चैनल परियोजना को नुकसान पहुंचाए बिना वैकल्पिक मार्ग तलाशने के लिए तैयार है.

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आशीष भार्गव
Senior Editor – Legal News
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Ram Setu Petition, Supreme Court, Central Government
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