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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेवी का 'चक्रव्यूह', 'मौत' के समंदर से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज

समंदर की लहरें कितनी भी ऊंची क्यों न हों और चुनौतियां कितनी भी गंभीर, भारतीय नौसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंद महासागर से लेकर अदन की खाड़ी तक भारत की सुरक्षा की गारंटी अटूट है. अगर होर्मुज का रास्ता रुका तो दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी, लेकिन जब तक INS सूरत और जांबाज नौसैनिक तैनात हैं.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नेवी का 'चक्रव्यूह',  'मौत' के समंदर से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में इंडियन नेवी लगातार एक्टिव.
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में भारतीय नौसेना के तीन युद्धपोत भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए एस्कॉर्ट कर रहे हैं
  • नौसेना ने अब तक तीन जहाजों शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी को सुरक्षित रूप से बाहर निकाला है
  • भारतीय नौसेना का ऑपरेशन संकल्प ओमान की खाड़ी में भारतीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चल रहा है
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जब पश्चिम एशिया के अशांत समंदर में बारूद की गंध और युद्ध की आहट ने दुनिया की धड़कनें तेज कर दी हैं, तब नीली वर्दी वाले भारत के शूरवीरों ने समंदर की लहरों पर अपनी अजेय दीवार खड़ी कर दी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, जिसे दुनिया के तेल की जीवनरेखा कहा जाता है, आज वहां भारतीय नौसेना के घातक वॉरशिप्स 'संकल्प' की मशाल थामे खड़े हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारतीय जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नौसेना के तीन युद्धपोत लगातार एस्कॉर्ट कर रहे हैं. यानी जहाजों को सुरक्षा के साथ बाहर लाया जा रहा है. भारतीय झंडे वाले जहाज को इंडियन नेवी लगातार सुरक्षा दे रही है.

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित निकले भारतीय जहाज

हाल ही में नौसेना शिवालिक भारतीय जहाज सुरक्षित निकला. यह जहाज अब भारत के पहुंच चुका हैं. इससे पहले भी दो जहाजों को सुरक्षित निकाला गया था. नौसेना ने उन्हें भी सुरक्षा देकर बाहर निकाला था. अब तक तीन जहाज सुरक्षित निकल चुके हैं। इनमें शिवालिक, नंदा देवी और जग लाडकी शामिल हैं. जग लाडकी पर खतरा भी मंडराया था. यह फुजैराह ऑयल टर्मिनल हमले से बाल-बाल बचा. रिपोर्ट के मुताबिक, नौसेना का एक वॉरशिप रातभर एस्कॉर्ट करता रहा. इसके बाद जहाज को सुरक्षित इलाके में पहुंचाया गया. हालांकि अभी खतरा पूरी तरह टला नहीं है.

जानकारी के मुताबिक, करीब 22 भारतीय जहाज अब भी इलाके में मौजूद हैं. नौसेना इनकी सुरक्षा की भी तैयारी कर रही है. समुद्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है. भारतीय नौसेना 2017 से खास रणनीति पर काम कर रही है. इसे मिशन बेस्ड डिप्लॉयमेंट कहा जाता है. इसके तहत अहम समुद्री इलाकों में जहाज तैनात रहते हैं ताकि जरूरत पड़ते ही तुरंत कार्रवाई हो सके.

नौसेना का ऑपरेशन संकल्प

ओमान की खाड़ी में नौसेना का ऑपरेशन संकल्प चल रहा है. यह मिशन भारतीय जहाजों की सुरक्षा के लिए है. वहीं अदन की खाड़ी में एंटी पायरेसी ऑपरेशन जारी है. यह समुद्री डाकुओं से निपटने के लिए चलाया जा रहा है. यहां तीन भारतीय वॉरशिप तैनात हैं. इन पर मार्कोस कमांडो भी मौजूद हैं. ओमान की खाड़ी में आईएनएस सूरत भी तैनात है. यह आधुनिक मिसाइल डेस्ट्रॉयर है. अगर आईएनसी सूरत की बात करें तो यह अत्यधिक गाइडेड मिसाइल डिस्ट्रॉयर है जो लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाले मिसाइलों से लैस हैं. इसमें एंटीसेप्ट मिसाइल टारपीडो और कई सारे हथियारों से लैस है जो समुद्र में कई तरह का ऑपरेशन को अंजाम दे सकता है.

भारत के लिए क्यों खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया का अहम समुद्री रास्ता है. यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है. दुनिया का करीब 25   हिस्सा तेल इसी रास्ते से जाता है. भारत के लिए यह रास्ता और भी जरूरी है. भारत का करीब 80% ऊर्जा आयात इसी मार्ग से आता है. यानी यहां खतरा मतलब सीधे ईंधन पर असर पड़ता हैं. अदन की खाड़ी भी बहुत जरूरी समुद्री मार्ग है.  यह रास्ता सुएज नहर और रेड सी से जुड़ा है. इसी से जहाज भारत तक पहुंचते हैं, लेकिन यह इलाका समुद्री डकैती के लिए बदनाम रहा है. इसी वजह से नौसेना यहां लगातार तैनात रहती है.

वैसे अगर होर्मुज बंद हुआ तो समस्या बढ़ेगी. जहाजों को लंबा रास्ता लेना पड़ेगा. उन्हें केप ऑफ गुड होप से होकर आना होगा. इससे 10 से 15 दिन ज्यादा लग सकते हैं. इससे खर्च भी काफी बढ़ जाएगा. इसका असर तेल और सामान की कीमतों पर पड़ेगा.

भारतीय नौसेना हर चुनौती से निपटने को तैयार

भारतीय नौसेना दुनिया के छह अहम इलाकों में तैनात रहती है. इनमें अरब सागर, अदन की खाड़ी और बंगाल की खाड़ी शामिल हैं. इसके अलावा अंडमान-निकोबार, मालदीव और सेशेल्स के पास भी तैनाती है, ताकि हर बड़े समुद्री रास्ते पर नजर रखी जा सके. भारतीय जहाजों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है. जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है. नौसेना हर चुनौती से निपटने के लिए तैयार है.

समंदर की लहरें कितनी भी ऊंची क्यों न हों और चुनौतियां कितनी भी गंभीर, भारतीय नौसेना ने स्पष्ट कर दिया है कि हिंद महासागर से लेकर अदन की खाड़ी तक भारत की सुरक्षा की गारंटी अटूट है. अगर होर्मुज का रास्ता रुका तो दुनिया की अर्थव्यवस्था डगमगा जाएगी, लेकिन जब तक INS सूरत और जांबाज नौसैनिक तैनात हैं, भारत के हितों को छूना नामुमकिन है.

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